भर्तियों को रद्द करने की मांग हाईकोर्ट ने की खारिज
जनहित याचिका के माध्यम से भर्ती को रद्द करने की हाईकोर्ट से की गई थी मांग
भर्तियों में आरक्षण के प्रावधान को सही प्रकार से लागू न करने का था आरोप
चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा में संयुक्त पात्रता परीक्षा के माध्यम से हो रही हजारों भर्तियों का रास्ता साफ करते हुए इन्हें रद्द करने की मांग वाली जनहित याचिका को खारिज कर दिया है।
दिल्ली निवासी एडवोकेट विपिन सागर ने हाईकोर्ट को बताया कि हरियाणा सरकार विभिन्न पदों के लिए संयुक्त पात्रता परीक्षा के माध्यम से भर्ती कर रही है। याची ने बताया कि इस भर्ती में आरक्षण के प्रावधानों का सही प्रकार से पालन नहीं हो रहा है। कई श्रेणियां ऐसी हैं, जिनमें एक भी आरक्षित सीट नहीं है। ऐसे में इन पदों पर आवेदन देते हुए आरक्षित श्रेणी के आवेदकों के पास सामान्य वर्ग में आवेदन करने के अतिरिक्त कोई विकल्प नहीं बचता है। इस प्रकार वे सरकारी नौकरी पाने के जीवन के सबसे अहम मौके से वंचित रह जाते हैं। ऐसे में आरक्षित वर्ग के लोगों को सही मौका नहीं मिल पा रहा है। याची ने हाईकोर्ट से अपील की कि इस विज्ञापन को रद्द किया जाए और नए सिरे से आरक्षण की सही व्यवस्था के साथ नियुक्ति प्रक्रिया आरंभ की जाए। याची पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने जनहित याचिका को खारिज कर दिया है। ऐसे में हाईकोर्ट से याचिका खारिज होते ही अब सीईटी के माध्यम से हो रही हजारों भर्तियों का रास्ता साफ हो गया है।



























