-याचिकाकर्ताओं को चुनाव में हिस्सा लेने देने का जारी किया आदेश
-जिन मामलों में नामांकन दाखिल नहीं हुआ, उन पर बाद में होगी सुनवाई
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब पंचायत चुनाव में नामांकन रद्द होने के खिलाफ दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए याचिकाकर्ता आवेदकों को बड़ी राहत दी है। हाईकोर्ट ने नामांकन रद्द करने के आदेश पर रोक लगाते हुए याचिकाकर्ताओं को चुनाव में शामिल होने की छूट दे दी है।
हाईकोर्ट के समक्ष मंगलवार को जिन मामलों की सुनवाई हुई थी वे सभी याचिकाएं पहुंची थीं। याचिकाओं में हाईकोर्ट को बताया गया कि मनमाने तरीके से याचिकाकर्ताओं का पंच व सरपंच पदों के लिए नामांकन रद्द कर दिया गया। कुछ मामलों में दस्तावेजों में कमी बताई गई तो कुछ में नो-ड्यूज का हवाला दिया गया। याचिकाकर्ताओं ने बताया कि कुछ मामलों में नो-ड्यूज प्रमाणपत्र देने वाला अधिकारी ही नामांकन रद्द करने वाला है, वह भी बकाया का हवाला देकर।
याचिकाओं में बताया गया कि सत्ताधारी दल के लोगों को लाभ देने के लिए ऐसा किया जा रहा है। अधिकारियों पर सरकार की तरफ से अन्य आवेदकों के नामांकन को रद्द करने का दबाव बनाया जा रहा है। हाईकोर्ट ने मंगलवार को इन याचिकाओं पर पंजाब सरकार को जवाब दाखिल करने का आदेश दिया था। अब दोबारा याचिका सुनवाई के लिए पहुंची तो हाईकोर्ट ने इन सभी याचिकाओं पर याचिकाकर्ताओं को बड़ी राहत देते हुए उनका नामांकन रद्द करने के आदेश पर रोक लगा दी है। साथ ही याचिकाकर्ताओं को चुनाव में शामिल होने की छूट दी है। हालांकि, जो लोग नामांकन नहीं भर पाएं हैं, उनको लेकर हाईकोर्ट ने अभी स्थिति स्पष्ट नहीं की है।
सरपंच पद के 3,683 नमांकन किए गए हैं रद्द
चुनाव आयोग ने जांच के बाद सरपंच के पदों के लिए 3,683 उम्मीदवारों के नामांकन रद्द किए हैं। वहीं, पंच के पदों के लिए 11,734 उम्मीदवारों के नामांकन रद्द किए गए हैं। आयोग के अनुसार जिन उम्मीदवार के नामांकन सही नहीं पाएंगे, उनके रद्द करने की प्रक्रिया पूरी की गई है। गुरदासपुर में सरपंची के लिए सबसे अधिक 1,208 उम्मीदवारों के नामांकन रद्द किए गए हैं। इसी तरह पंच के लिए यहां पर 3,533 नामांकन रद्द किए गए हैं। सरपंची के लिए दूसरे नंबर पर सबसे अधिक नामांकन फिरोजपुर में 431 रद्द किए गए हैं, जबकि पंच के पदों के लिए यहां पर 1,246 नामांकन रद्द किए गए हैं। राज्य चुनाव आयुक्त राज कमल चौधरी ने बताया कि सभी रिटर्निंग अधिकारियों ने जांच के बाद ये नामांकन रद्द करने की प्रक्रिया पूरी की है। कानून जानकारों की मानें तो जिन भी उम्मीदवारों के नामांकन फॉर्म रद्द किए गए हैं। वे कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं। ऐसे हाईकोर्ट चाहे तो समानता के आधार पर कोर्ट का दरवाजा खटखटाने वाले उम्मीदवारों को राहत दे सकता है।





















