इस्लामाबाद2 मिनट पहले
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तस्वीर- AI जनरेटेड
पाकिस्तान ने पाक-अधिकृत कश्मीर (POK) में लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) के पास एंटी-ड्रोन सिस्टम तैनात कर दिए हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक PoK के रावलकोट, कोटली और भिंबर सेक्टर के सामने नए काउंटर-अनमैन्ड एरियल सिस्टम (C-UAS) लगाए गए हैं।
पाक सेना को आशंका है कि भारत फिर से ऑपरेशन सिंदूर जैसा कदम उठा सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान ने LoC पर 30 से ज्यादा खास एंटी-ड्रोन यूनिट्स तैनात की हैं।
ये तैनाती मुर्री की 12वीं इन्फैंट्री डिवीजन और 23वीं इन्फैंट्री डिवीजन के तहत की गई है, जो कोटली–भिंबर इलाके की ब्रिगेड्स को संभालती हैं। इसका मकसद LoC के पास हवाई निगरानी और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर क्षमता मजबूत करना है।

कौन-कौन से सिस्टम लगाए गए?
1. स्पाइडर काउंटर-UAS सिस्टम
स्पाइडर एंटी-ड्रोन सिस्टम रेडियो फ्रीक्वेंसी के जरिए ड्रोन का पता लगाता है और करीब 10 किलोमीटर तक छोटे ड्रोन व लोइटरिंग म्यूनिशन पहचान सकता है। यह पोर्टेबल और वाहन-माउंटेड दोनों रूपों में उपलब्ध है।
यह ड्रोन के कम्युनिकेशन को बाधित कर हवा में रुकने, वापस लौटने या लैंड करने पर मजबूर करता है।

इसे पाकिस्तान की ग्लोबल इंडस्ट्रियल एंड डिफेंस सोल्यूशन (GIDS) ने विकसित किया है।
2. सुफ्रा जैमिंग गन यह कंधे पर रखकर चलाया जाने वाला हथियार है जिसकी रेंज करीब 1.5 किलोमीटर है। यह ड्रोन के कंट्रोल, वीडियो और GPS लिंक को बाधित करता है। यह एक साथ कई कामीकाजे ड्रोन को निष्क्रिय कर सकती है।

इस गन को पाकिस्तान के नेशनल इलेक्ट्रॉनिक्स कॉम्प्लेक्स (NECOP) ने विकसित किया है।
एयर डिफेंस हथियार भी तैनात
एंट्री ड्रोन सिस्टम के साथ-साथ पाकिस्तान ने एयर डिफेंस हथियार भी तैनात किए हैं। इनमें ओरलीकॉन GDF 35 मिमी डबल बैरल एंटी-एयरक्राफ्ट गन, रडार सपोर्ट के साथ और Anza Mk-II व Mk-III MANPADS शामिल हैं, जो कम ऊंचाई पर उड़ने वाले लक्ष्यों को निशाना बना सकते हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक कि ये तैनातियां पश्चिमी सीमा पर भारत की बढ़ती सैन्य सक्रियता को लेकर पाकिस्तान की बेचैनी दिखाती हैं। इसी बीच, पाकिस्तान तुर्की और चीन से नए ड्रोन और एयर डिफेंस सिस्टम खरीदने पर भी बातचीत कर रहा है।



















