46 मिनट पहले
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पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कोरोना से बचने के लिए लोगों से हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन (HCQ) दवा खाने को कहा था। उन्होंने इस दवा का काफी प्रमोशन किया था।
2020 में अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कोरोना से बचाने वाली एक दवा का प्रमोशन किया था। अब एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि इस दवा से 6 देशों में 17 हजार लोगों की मौत हुई। यह रिपोर्ट फ्रेंच रिसर्चर्स की स्टडी के हवाले से सामने आई है।
जिस दवा का जिक्र रिपोर्ट में किया गया है उसकी नाम हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन (HCQ) है। ट्रम्प ने 21 मार्च 2020 को एक ट्वीट किया था। इसमें कहा था- यह चमत्कारी दवा है। कोरोना वायरस संक्रमण से बचने के लिए मैं लगातार इसे खा रहा हूं। आप कोरोना से बचने के लिए इसे खा सकते हैं। इससे किसी की जान नहीं जाएगी। एक कोरोना संक्रमित महिला ने यह दवा ली थी, वो ठीक हो गई। अमेरिका के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने इमरजेंसी में इस दवा के इस्तेमाल को मंजूरी देकर बहुत अच्छा काम किया है।

जून 2020 में दवा के आपातकालीन इस्तेमाल पर रोक लगी
जून 2020 में, FDA ने दवा के आपातकालीन इस्तेमाल पर रोक लगा दी थी। FDA ने न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन की स्टडी का हवाला दिया था। स्टडी में सामने आया था कि HCQ का कोविड पर कोई असर नहीं होता और इससे मौत का जोखिम काफी बढ़ जाता है।
FDA ने इसे कोविड 19 नहीं, बल्कि मलेरिया, ल्यूपस और रिमेटॉयड आर्थिराइटिस के इलाज के लिए अप्रूव किया था। उस समय कोरोना वायरस की दवा नहीं होने के कारण अस्पताल मरीजों को हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन दे रहे थे।

हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन से मलेरिया के मरीजों का इलाज किया जाता है। इसका उपयोग रिमेटॉयड आर्थिराइटिस और ल्यूपस में भी किया जाता है।
सभी मौतें कोरोना की पहली वेव में हुई
फ्रांस के रिसर्च ने मार्च 2020 से जुलाई 2020 के बीच यानी कोरोना की पहली वेव में हुई मौतों का डेटा स्टडी किया। स्टडी में सामने आया कि हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन (HCQ) लेने वाले कोरोना संक्रमित लोग और ज्यादा बीमार हो गए। इन मरीजों का दिल और मसल्स कमजोर पाए गए थे।
रिपोर्ट में कहा गया कि 6 देशों- अमेरिका, तुर्किये, बेल्जियम, फ्रांस, इटली और स्पेन में 17 हजार लोगों की मौत हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन दवा खाने से हुई। सबसे ज्यादा 12,739 मौतें अमेरिका में हुई। 1,895 मौतें स्पेन, 1,822 मौतें इटली, 240 मौतें बेल्जियम, 199 मौतें फ्रांस और 95 मौतें तुर्किये में हुई।

























