
सांकेतिक तस्वीर।
विस्तार
एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) द्वारा सहकारिता विभाग में 100 करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले का खुलासा किए जाने के मामले में नया मोड़ आ गया है। सहकारिता विभाग का दावा है कि फील्ड आईसीडीसी प्रोजेक्ट के तहत कुल राशि में से 20.87 करोड़ रुपये ही खर्च किए हैं। ऐसे में 100 करोड़ रुपये के गबन कैसे हो सकता है।
आईसीडीसी प्रोजेक्ट के तहत हरियाणा को कुल 139 करोड़ रुपये मिलने थे लेकिन विभाग को 61.67 करोड़ रुपये ही मिले। इसमें से 20.87 करोड़ रुपये खर्च किए गए, जबकि 41.40 करोड़ रुपये खर्च नहीं हुए हैं। विभाग की ओर से बाकायदा डाटा भी जारी किया गया है। इसके तहत हैफेड को 7.5 करोड़ रुपये दिए गए थे, जो अब विभाग को वापस कर दिए गए हैं। इसी प्रकार, 21.5 करोड़ रुपये हरियाणा वेयर हाउसिंग कारपोरेशन को दिए गए, जो वापस किए जाने हैं। जबकि 9 करोड़ रुपये खजाना विभाग में जमा कराए गए हैं और 40 लाख रुपये कुल राशि का ब्याज जमा कराया गया है।
अभी फील्ड के कार्यालयों में तीन करोड़ रुपये राशि शेष है, जो खर्च नहीं हो सकी है। ऐसे में कुल 41.40 करोड़ रुपये खर्च ही नहीं हुए हैं। इस बारे में सहकारिता विभाग के मंत्री डॉ. बनवारी लाल ने कहा कि जब 100 करोड़ रुपये जारी ही नहीं हुए तो इतना घोटाला कैसे हो सकता है?
| जिला | राशि रीलिज | खर्च | बैलेंस |
| कैथल | 1015 | 411 | 33.79 |
| कुरुक्षेत्र | 1023 | 114 | 108 |
| करनाल | 1041 | 440 | 101 |
| पानीपत | 1053 | 368 | 0.62 |
| सोनीपत | 1019 | 317 | 31.80 |
| गुरुग्राम | 1014 | 434 | 30.59 |
| कुल | 6167 | 2087 | 306 |
नोट:- राशि लाखों में
मैं सूरजकूंड में हूं, इसलिए इस मामले में असल जानकारी लोकल स्तर पर जांच कर रहे एसीबी के एसपी ही दे सकते हैं। – शत्रुजीत कपूर, डीजी, एसीबी।


























