तेल अवीव30 मिनट पहले
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इजराइली पीएम नेतन्याहू ने अपनी सेना को गाजा में हमले करने का आदेश दिया है। इजराइल का आरोप है कि हमास के लड़ाकों ने सीजफायर का उल्लंघन करते हुए राफा में इजराइली सेना (IDF) पर गोलीबारी की।
इसके बाद सुरक्षा सलाहकारों से बात करने के बाद नेतन्याहू ने सेना को तुरंत हमले का आदेश दिया। इससे इलाके में तनाव बढ़ गया है और शांति की उम्मीदों को झटका लगा है।
इजराइल और हमास के बीच 20 दिन पहले सीजफायर समझौता हुआ था। दरअसल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने नेतन्याहू की मौजूदगी में 29 सितंबर को 20 सूत्री शांति योजना पेश की थी, जिस पर हमास ने 9 अक्टूबर हामी दी थी।

ट्रम्प ने 29 सितंबर को इजराइली पीएम नेतन्याहू की मौजूदगी में 20 सूत्री शांति प्लान पेश किया था।
हमास पर गलत शव लौटाने का भी आरोप
नेतन्याहू ने हमास पर यह भी आरोप लगाया है कि युद्धविराम समझौते के तहत हमास ने जो शव लौटाया वह गलत है। नेतन्याहू ने इसे समझौते का साफ उल्लंघन बताया। समझौते में हमास को सभी इजराइली बंधकों के शव जल्द से जल्द लौटाने थे।
वहीं, हमास ने इजराइली हमले की वजह से बंदियों के शव लौटाने का प्रोग्राम रोक दिया है। इससे पहले हमास ने मंगलवार को कहा कि वह एक और शव लौटाएगा। खान यूनिस में एक गड्ढे से सफेद बैग में कुछ निकाला गया और एम्बुलेंस में डाला गया। लेकिन अभी यह साफ नहीं है कि उसमें क्या था।
अभी गाजा में 13 बंधकों के शव बाकी हैं। हमास कहना है कि तबाही इतनी है कि शव ढूंढना मुश्किल हो रहा है। इजराइल का आरोप है कि हमास जानबूझकर देरी कर रहा है। मिस्र ने खोज में मदद के लिए एक्सपर्ट और भारी मशीनें भेजी हैं।

हमास ने सीजफायर समझौते के बाद कुछ इजराइली बंधकों को शव लौटाए हैं।
इजराइल गाजा की मानवीय मदद रोक सकते हैं
इजराइली मीडिया के मुताबिक, नेतन्याहू अन्य विकल्पों जैसे गाजा में मानवीय मदद रोकना, कब्जा बढ़ाना या हमास नेताओं पर हवाई हमले पर भी विचार कर रहे हैं।
इजराइली सेना ने मंगलवार सुबह वेस्ट बैंक के जेनिन इलाके में छापा मारा। यहां तीन फिलिस्तीनी लड़ाकों को मार गिराया। इजराइल का कहना है कि वे आतंकी गतिविधियों में शामिल थे।
वहीं, हमास ने दो को अपनी कासिम ब्रिगेड का सदस्य बताया। तीसरे को साथी कहा, लेकिन ज्यादा जानकारी नहीं दी। इजराइल कहता है कि वह वेस्ट बैंक में आतंक पर लगाम लगा रहा है।
हालांकि फिलिस्तीनियों और मानवाधिकार समूहों का कहना है कि निर्दोष लोग भी मारे जा रहे हैं और हजारों लोग बेघर हो चुके हैं।
ट्रम्प ने मिस्र में सीजफायर समझौते पर साइन किए थे
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने गाजा जंग को रोकने के लिए 29 सितंबर को जो 20 सूत्री शांति योजना पेश की थी। इसमें हमास का हथियार डालना सबसे अहम शर्त है।
इसके बाद ट्रम्प ने 13 अक्टूबर को मिस्र के शहर शर्म अल शेख में गाजा शांति समझौते पर साइन किए थे। इस दौरान 20 से ज्यादा देशों के नेता वहां मौजूद थे, लेकिन इजराइल और हमास को नहीं बुलाया गया था। गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, दो साल के युद्ध में 68,500 से ज्यादा फिलिस्तीनी मारे गए है।


























