मेरा कॅरिअर धरम पाजी के घर से शुरू हुआ था। वर्ष 1990 में पंजाबी फिल्मों के प्रोड्यूसर रुपिंदर गिल मुझे लेकर मुंबई गए थे। हम लोग मुंबई में सीधे धर्मेंद्र पाजी के घर पहुंचे। हम उनके घर में सुबह ग्यारह बजे पहुंचे और रात को दो बजे निकले। घर पर पूरी इंडस्ट्री इकट्ठा हो गई थी। मैं पहली बार धर्मेंद्र पाजी को मिला था। एकदम से जोश आ गया, उनके साथ काफी बातचीत हुई। उनको मैंने बताया कि मैं भी फिल्मों में काम करना चाहता हूं। फिर क्या था जब रुपिंदर गिल पंजाब लौटे तो मिर्जा जट्ट मूवी में मुझे भूमिका दे दी। चंडीगढ़ में एक फिल्म की शूटिंग के दौरान वैनिटी वैन में धरम पाजी मेरे साथ बैठे तो बोले…यार औलख क्या तुझको पता है कि देओल कास्ट औलख से ही निकली है। मैं मोहाली के कामा होटल के बाहर गिप्पी ग्रेवाल की फिल्म डबल द ट्रबल की शूटिंग कर रहा था तो मेरा किरदार पुलिस वाले का था। जैसे ही मैं सेट पर पहुंचा तो धरम पाजी ने मुझको सैल्यूट मारा, फिर बोले…यार मुझे तो लगा जैसे रियल का थानेदार आ गया है। जब भी वह चंडीगढ़ आते तो अपने एक दोस्त के फार्म हाउस में जरूर जाते थे। -दर्शन औलख, चंडीगढ़ के लाइन प्रोड्यूसर, सिंगर और बॉलीवुड को-स्टार
उनके जैसा जिंदादिल इंसान मैंने नहीं देखा
डबल द ट्रबल की शूटिंग के दौरान सुभाष घई यहां आए थे। फिल्म में धर्मेंद्र पाजी भी थे। अक्सर वह धर्मेंद्र पाजी के साथ रहते थे। वो यदि खाना खा रहे होते तो सबसे पहले पूछते थे कि लाइट ब्वाय ने खाना खाया कि नहीं। यदि कोई वेटर सामने पड़ जाता तो बोलते पुत्तर खा पी लिया कर काम तो होता रहेगा। उनके जैसा जिंदादिल इंसान मैंने नहीं देखा। सबसे ज्यादा उनको अपनी फैमिली से प्यार था। -राज जुनेजा, लाइन प्रोड्यूसर
इंसानियत में धरम जी का नाम ही आगे होगा
मैं पंजाब में नानक नाम जहाज दोबारा रिलीज करवाने के लिए उनके पास आशीर्वाद लेने गया था। उस समय धर्मेंद्र पाजी ने कहा कि इतना प्यारा काम कर रहे हो। फिर मैंने इस फिल्म को मुंबई के सात बंगला के गुरुद्वारे में रिलीज करने की योजना बनाई। उस समय धरम पाजी के पास हम गए तो बोले- पुत्तर आऊंगा जरूर, वो स्पेशल गेस्ट थे। उनकी तबीयत खराब हो गई थी। हम लोगों ने कहा कि आप मत आएं, फिर भी वह बोले आ रहा हूं। हम इंतजार कर रहे थे कि पता चला कि धरम पाजी तो आ चुके हैं। गुरुद्वारे में नीचे किसी की शादी थी और उन्होंने धरम पाजी को देखा तो जोड़े को आशीर्वाद देने का अनुग्रह किया। धरम पाजी उनके साथ चले गए और उसके बाद जोड़े को आशीर्वाद दिया और फिर हमारे समारोह में आए। मैं इतना कहूंगा कि जब इंसानियत का जिक्र आएगा तो धरम जी का नाम ही आगे होगा। -राहुल मित्रा, फिल्म प्रोड्यूसर




























