नागपुर1 मिनट पहले
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नागपुर में RSS के कार्यकर्ता विकास वर्ग कार्यक्रम 10 जून को समापन दिवस था।
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) प्रमुख डॉ मोहन भागवत ने मणिपुर में जारी हिंसा पर चिंता जताई। सोमवार (10 जून) को नागपुर में आयोजित कार्यकर्ता विकास वर्ग के समापन समारोह में भागवत ने मणिपुर का मुद्दा उठाया।
उन्होंने कहा कि बीते मणिपुर एक साल से शांति की राह देख रहा है। बीते 10 साल से राज्य में शांति थी, लेकिन अचानक से यहां गन कल्चर बढ़ गया है। जरूरी है कि यहां की समस्या को प्राथमिकता से सुलझाया जाए।
इसके अलावा भागवत ने कहा कि चुनाव लोकतंत्र में हर पांच साल में होने वाली घटना है। हम अपना कर्तव्य करते रहते हैं। लोकमत हर साल हैं, हर चुनाव में करते हैं और इस बार भी किया है।
उन्होंने आगे कहा कि चुनाव सहमति बनाने की प्रक्रिया है। संसद में किसी भी प्रश्न के दोनों पहलू सामने चुनाव ऐसी व्यवस्था हैं। चुनाव प्रचार में जिस प्रकार एक दूसरे को लताड़ना, तकनीकी का दुरुपयोग, असत्य प्रसारित किया जाता है ये ठीक नहीं है।
भागवत ने यह भी कहा कि प्रतिपक्ष को विरोधी नहीं कहना चाहिए। हमें चुनाव की बातों से हटकर देश की समस्याओं पर विचार करना होगा।
काम करे पर अहंकार ना पाले वही सही सेवक-मोहन भागवत
मोहन भागवत ने कहा कि अभी चुनाव संपन्न हुए। उसके परिणाम भी आए। कल सरकार भी बन गई, यह सब हो गया, लेकिन उसकी चर्चा अभी तक चलती है। जो हुआ वह क्यों हुआ, कैसे हुआ, क्या हुआ? यह अपने देश के प्रजातांत्रिक तंत्र में प्रति 5 साल में होने वाली घटना है।
भागवत ने आगे कहा कि चुनाव के अपने नियम हैं। समाज ने अपना मत दे दिया, उसके अनुसार सब होगा। क्यों, कैसे, क्या हुआ इस चर्चा में नहीं पड़ते हैं।




























