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शहर में मेट्रो का इंतजार कर रहे लोगों को फिर से झटका लग सकता है। केंद्रीय आवास एवं शहरी मामले और बिजली मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि चंडीगढ़ में मेट्रो के लिए राइडरशिप कम है और मेट्रो चलाने के लिए कैपेक्स के साथ परिचालन लागत भी बहुत ज्यादा पड़ेगी। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ में पॉड टैक्सी पर भी विचार चल रहा है। हालांकि मनोहर लाल ने मेट्रो के लिए आने वाले अड़चनों को दूर करने की बात कही है और डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल दो दिन के लिए चंडीगढ़ के दौरे पर थे। उन्होंने शुक्रवार को सेक्टर-9 स्थित यूटी सचिवालय में बिजली और अर्बन डेवलपमेंट के प्रोजेक्ट्स की समीक्षा की। मनोहर लाल ने बताया कि चंडीगढ़ के लोगों की मेट्रो बहुत पुरानी मांग है। चंडीगढ़ हेरीटेज सिटी है। एक बड़ा विषय यह भी है कि मेट्रो एलिवेटेड बने या अंडरग्राउंड, इस पर भी मंथन चल रहा है। राइडरशिप को लेकर भी कई चिंताएं हैं, क्योंकि किसी भी शहर में मेट्रो चलेगी या नहीं, ये राइडरशिप के हिसाब से ही तय होता है। चंडीगढ़ की राइडरशिप अभी उतनी ज्यादा नहीं है, जितनी एक मेट्रो के प्रोजेक्ट के लिए चाहिए। मेट्रो को एक बार चलाने का खर्च कैपेक्स जो है, वो तो है ही है लेकिन मेट्रो को रोजाना चलने के लिए जो ऑपरेशनल कॉस्ट होगा, वह भी बहुत ज्यादा है। वह किसी न किसी को वहन करना ही पड़ेगा और किराया इतना नहीं बढ़ाया जा सकता कि चंडीगढ़ के लोगों पर बोझ बन जाए। इसलिए चंडीगढ़ के लिए जो भी ठीक होगा, वो करेंगे। मनोहर लाल ने बिजली विभाग के निजीकरण, लाल डोरे समेत कई मुद्दों पर भी चर्चा की।





























