
चरणजीत चन्नी
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कांग्रेस के चरणजीत सिंह चन्नी ने 1,75,993 वोटों से आम आदमी पार्टी छोड़ कर बीजेपी में शामिल हुए सुशील कुमार रिंकू को हराया। जालंधर में चन्नी की आंधी इस कदर तेज चली कि भाजपा, अकाली व आप तीनों उम्मीदवार अपने घर में बुरी तरह से हार गए।
बीजेपी के रिंकू जालंधर वेस्ट में काफी मजबूत हैं। वह 2017 में इस क्षेत्र से विधानसभा चुनाव जीत चुके हैं। 2023 में कांग्रेस छोड़कर आप में शामिल हुए और सांसद बने। इस हलके से उनको काफी मत मिले थे लेकिन एक साल बाद ही रिंकू अपने हलके वेस्ट में पिछड़ गए। उनको चन्नी ने वेस्ट से 1547 मत से हरा दिया। रिंकू अपना घर नहीं बचा पाए।
वहीं अकाली दल के उम्मीदवार मोहिंदर केपी जालंधर से सांसद रह चुके हैं। वह वेस्ट से तीन बार जीतकर मंत्री बन चुके हैं। केपी जालंधर के कैंट हलके में रहते हैं और आदमपुर से भी विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं लेकिन वह जालंधर में अपनी जमानत नहीं बचा पाए।
आम आदमी पार्टी के पवन कुमार टीनू आदमपुर हलके में काफी पकड़ रखते हैं। उनका निवास जालंधर कैंट में पड़ता है। वह आदमपुर एरिया से विधायक रह चुके हैं। मगर पवन टीनू आदमपुर से 14 हजार वोटों से हर गए जबकि कैंट से करीब 25 हजार मतों से। आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार पवन अपने गृह हलके आदमपुर से महज 27,172 वोट ले पाए। वहीं, कांग्रेस के चरणजीत सिंह चन्नी को आदमपुर से 41,243 वोट मिले। आम आदमी पार्टी को जालंधर के 9 हलकों में से एक भी हलके में बढ़त नहीं मिल पाई। जिले में आम आदमी पार्टी के तीन विधायक और एक मंत्री है। तीनों के हलकों में आम आदमी पार्टी बढ़त नहीं बना सकी।



























