
पकड़े गए गैंगस्टर।
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पंजाब के पेरिस कपूरथला के बिजनेस डिजिटल स्पेस से गायब होने लगे हैं। कारोबारियों में गैंगस्टर्स का खौफ इस कद्र घर कर गया है कि सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर व्यापार बढ़ाने के प्रमोशन पेज डिलीट किए जा रहे हैं। यहीं नहीं, परंपरागत तरीके से व्यापार करने की परंपरा को फिर से सुरजीत करने के लिए पुराने ढर्रे पर लौटने में भलाई समझने लगे हैं।
हालात तो यह बन गए हैं कि कई व्यापारी अपनी दुकान की फोटो तक खिंचवाने से गुरेज करने लगे हैं। ऐसा हाईप्रोफाइल एमआईसी मोबाइल शोरूम पर गैंगस्टर के इशारे पर रंगदारी के लिए फायरिंग केस की घटना सामने आने के बाद हुआ है। हालांकि छोटे व्यापारी-कारोबारी इसमें शुमार नहीं है। बस, क्रीमी लेयर में आने वाले रिच-अल्ट्रा रिच कारोबारियों ने सोशल मीडिया के तमाम हैंडल्स से एकदम दूरी बना ली है।
बेशक जिला कपूरथला पुलिस ने 20 दिन की लगातार जद्दोजहद से कौशल चौधरी-सौरव गंडोली गैंग के दो गुर्गों को असलहा समेत गिरफ्तार करके मामले का सुलझाने का दावा किया है। जबकि अभी भी इस पूरे प्लान का मास्टरमाइंड पवन कुमार उर्फ सोनू जाट उर्फ सोनू देहली पुलिस की पकड़ से दूर है। हालांकि पुलिस ने शोरूम पर फायरिंग करने वाले दोनों शूटरों को दबोच लिया है। फिर भी कारोबारी डर के माहौल में हैं।
सोशल मीडिया से हटाए प्रमोशन पेज
पंजाब के सबसे छोटे शहर कपूरथला में दिनदहाड़े शोरूम पर फायरिंग की घटना पहली बार हुई है। इस घटना के बाद से सर्राफा, कपड़ा व्यापारी और बड़े उद्योगपतियों ने अपने एफबी-इंस्टा से पॉपुलर होने के बजाय अब सोशल मीडिया प्लेटफार्म से दूरी बना ली है। यहां तक कि अपने व्यापार से संबंधित प्रमोशनल वीडियो और पोस्ट डालने के लिए बनाए गए पेज भी उड़ा दिए हैं।




















