
सांकेतिक तस्वीर।
– फोटो : अमर उजाला
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झज्जर जिले के बाढ़सा गांव के पास से गुजर रही एनसीआर माइनर में शुक्रवार की शाम तीन श्रमिक डूब गए। आसपास के लोगों ने एक को बाहर निकाला। जबकि दो की तलाश की जा रही है। तलाशी में पुलिस कर्मचारी और फायरकर्मी जुटे हैं। मदद के लिए एसडीआरएफ टीम को बुलाया गया है लेकिन देर रात तक टीम नहीं पहुंची हैं।
जानकारी के अनुसार घटना देर शाम की है। बाढ़सा गांव के पास एनसीआर माइनर में जयपुर के रामगढ़ निवासी सुनील, दिल्ली के होलंभी कलां निवासी अभिषेक, दिल्ली के ही बवाना निवासी कम्मू नहाने उतरे थे। तीनों श्रमिक क्षेत्र में दीवार पर सफेदी (पुताई) करने का काम करते है। बताया गया है कि तीनों ने मिलकर पहले तो माइनर किनारे बैठकर शराब पी। शराब के नशे में अभिषेक का पैर माइनर में फिसल गया। अभिषेक को बचाने के लिए कम्मू और सुनील ने भी माइनर में छलांग लगा दी। श्रमिकों ने शोर मचाया तो आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने सुनील को माइनर से बाहर निकाल लिया लेकिन अभिषेक और कम्मू का पता नहीं चला।
घटना की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों की मदद से बचाव अभियान शुरू किया। वहीं श्रमिक कम्मू और अभिषेक की तलाश में गोताखोर जुटे हैं। थाना प्रभारी मुकेश कुमार ने बताया कि माइनर में डूबे श्रमिकों की तलाश की जा रही है। दमकल कर्मचारी और गोताखोर लगे है। वहीं एसडीआरएफ टीम को सूचना दी गई है।
गुभाना में रहते थे श्रमिक
माइनर में डूबे श्रमिक गुभाना गांव में मकान पर काम करते थे। शुक्रवार की देर शाम को काम पूरा करने के बाद बाढ़सा की ओर चले गए। श्रमिक मकान में सफेदी और पेंट करते हैं। काम पूरा करने के बाद एनसीआर माइनर पर नहाने पहुंचे थे। माइनर के किनारे शराब की बोतले भी पड़ी मिली है।
एनसीआर माइनर में उतरे पुलिसकर्मी
श्रमिकों के माइनर में डूबने की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने गोताखोरों को सूचना देने के बाद खुद माइनर में उतरकर बचाव अभियान चलाया। बाढ़सा पुलिस चौकी प्रभारी एवं एएसआई मुकेश कुमार स्वयं पानी में उतरे।






















