
हरियाणा विधानसभा।
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कांग्रेस गुरुवार यानी आज हरियाणा की मनोहर सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाएगी। इसके जवाब में मुख्यमंत्री मनोहर लाल सदन में विश्वास मत साबित करेंगे। विश्वास मत को लेकर भाजपा-जजपा ने व्हिप जारी करके सभी विधायकों को सदन में हाजिर रहने का निर्देश जारी किया है। आंकड़ों की बात करें तो सरकार के पास बहुमत साबित करने के लिए विधायकों की पर्याप्त संख्या है, बावजूद इसके कांग्रेस की ओर से दूसरी बार यह प्रस्ताव लाया जा रहा है, जो गिरना लगभग तय माना जा रहा है।
नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा द्वारा अविश्वास प्रस्ताव लाने पर सदन में चर्चा के बाद वोटिंग होगी। संख्या बल की बात करें तो हरियाणा विधानसभा में कुल 90 विधायक हैं। बहुमत साबित करने के लिए 46 विधायकों की जरूरत है। ऐसे में भाजपा के पास 41, गठबंधन में शामिल जननायक जनता पार्टी के 10 विधायक हैं। इनके अलावा, सात निर्दलीय विधायकों ने भी सरकार को समर्थन दे रखा है। कांग्रेस के पास 30 विधायक हैं और इनके अलावा, हलोपा और इनेलो का 1-1 विधायक है।
हलोपा के विधायक ने भी सरकार को समर्थन दे रखा है। ऐसे में निर्दलीय बलराज कूंडू और इनेलो विधायक अभय चौटाला ने स्थिति साफ नहीं की है कि वह कांग्रेस के साथ हैं या सरकार के साथ हैं। वह मौके पर ही अपना फैसला लेंगे। गौर हो कि नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने 26 कांग्रेस विधायकों के हस्ताक्षर करवाकर विधानसभा अध्यक्ष को मुख्यमंत्री मनोहर लाल की सरकार के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव दे रखा है। बुधवार को सदन में इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया गया।
सदन में हंगामे के आसार
सदन में विश्वास और अविश्वास की लड़ाई के दौरान जबरदस्त हंगामा होने के आसार हैं। कांग्रेस महंगाई, किसानों, बेरोजगारी और बढ़ते अपराध को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है। बेशक कांग्रेस का प्रस्ताव गिर जाए लेकिन कांग्रेस विधायक मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने के लिए पूरी कोशिश करेंगे। बकायदा कांग्रेस ने इसके पूरी रणनीति तैयार कर रखी है। ऐसे में इस मुद्दे पर सदन में हंगामा तय माना जा रहा है।




























