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तेल अवीवएक घंटा पहलेलेखक: वैभव पलनीटकर
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इजराइल और हमास की जंग का आज 14वां दिन है। इजराइल और वेस्टर्न वर्ल्ड को जिस बात की आशंका और डर था, यह जंग उसी तरफ जाती दिखाई देने लगी है। इजराइल पर गाजा और लेबनान दोनों तरफ से हमले शुरू हो गए हैं।
हम आपको जंग के तमाम अपडेट्स देंगे, लेकिन इसके पहले इजराइल में मौजूद भास्कर संवाददाता वैभव पलनीटकर की एक स्पेशल रिपोर्ट जरूर पढ़िए। जंग के 13वें दिन (गुरुवार 19 अक्टूबर ) वैभव लेबनान बॉर्डर पर मौजूद इजराइल के आखिरी शहर मैटुला पहुंचे। यह खतरनाक सफर कैसा रहा? वैभव ने क्या देखा और महसूस किया? उन्हीं की जुबानी पढ़िए, सुनिए और देखिए…

तेल अवीव में ब्रिटेन के प्राइम मिनिस्टर के साथ नेतन्याहू।
- गुरुवार दोपहर मैं अपने ड्राइवर के साथ लेबनान बॉर्डर पर मौजूद इजराइल के आखिरी शहर मैटुला के लिए निकला। जाने से पहले ही लोगों ने आगाह किया कि मैटुला बॉर्डर से चंद मीटर के फासले पर लेबनान है और यहां हर पल खतरा रहता है। लेकिन, मैं यह तय कर चुका था कि इस इलाके को देखना जरूरी है, क्योंकि इजराइल अब ‘टू फ्रंट वॉर’ में धंसता और फंसता जा रहा है।
- हमने मैटुला के इर्दगिर्द करीब 50 किलोमीटर इलाके का दौरा किया। दूर तक बेहतरीन काली चमकती सड़कें और इनके किनारे लगे ऊंचे-ऊंचे दरख्त। थोड़ी-थोड़ी दूर पर छोटे और खूबसूरत मकान। हैरानी की बात ये है कि यहां रहने वाले लोग यानी शहर के वाशिंदे नजर नहीं आए। पूछा तो पता चला कि यहां के लोग सेंट्रल इजराइल में शिफ्ट हो गए हैं, क्योंकि मैटुला किसी भी वक्त लेबनान से होने वाले हमलों की चपेट में आ सकता है। स्कूल, कॉलेज, मॉल, बाजार और सारे पब्लिक प्लेसेज पर वीरानी और सन्नाटा पसरा नजर आता है। कुछ अजीब सा ही माहौल है यहां।
- इस सरहद पर पहाड़ है और उसके बाद लेबनान। यहां हिजबुल्लाह के करीब 10 हजार लड़ाके एक्टिव हैं। खास बात ये है कि लेबनान में यह ‘हमास विंग’ के नाम से काम करता है और अटैक की जिम्मेदारी भी इसी नाम से क्लेम करता है। इनके पास एंटी टैंक मिसाइलें तक हैं।
- हिजबुल्लाह (हमास विंग) शिया मिलिशिया ग्रुप है, जबकि हमास सुन्नी मिलिशिया गुट है। अगर ये फ्रंट भी जंग में तब्दील होता है तो इसका मतलब ये हुआ कि इजराइल की मुश्किलें कई गुना बढ़ जाएंगी। नॉर्थ से हिजबुल्लाह रॉकेट और मिसाइलें दाग रहा है तो साउथ से हमास। अलर्ट आने का आलम यह है कि मेरा फोन तक भर गया।
इजराइली फौज ने हमें सतर्क किया
- इस बॉर्डर एरिया में इजराइली फोर्स (IDF) हाई अलर्ट पर है। उसका मूवमेंट और तेजी देखते ही बनती है। जगह-जगह पर टैंक और बाकी आर्टिलरी दस्ते बॉर्डर की तरफ मूव करते दिख रहे हैं। यहां कई जगह IDF के चेक पोस्ट हैं। हमारी गाड़ी को 3 बार रोका गया। हर बार एक ही मैसेज- सर, बहुत संभलकर जाइएगा। यहां हर कदम पर और हर पल खतरा है।
- बहरहाल, हम बॉर्डर तक पहुंचने में कामयाब रहे। हर चीज को बारीकी से देखा और समझा। इसके बाद तेल अवीव लौटने लगे। करीब 25 मिनट बाद ही अलर्ट मिला कि जहां हम थे, वहां मिसाइल गिरी है। इसके बाद IDF ने जवाबी कार्रवाई की। कुछ देर बाद हमास विंग ने दावा किया कि उसने नॉर्थ इजराइल पर एक घंटे में 30 रॉकेट दागे हैं।
तेल अवीव के समुद्र में गिरी मिसाइल
तेल अवीव में अपने होटल लौटा तो एक और हैरतअंगेज खबर मिली। रेस्टोरेंट के शेफ ने बताया- लोकल टाइम के मुताबिक, करीब ढाई बजे एक मिसाइल सामने समंदर में गिरी। यह लेबनान की तरफ से दागी गई थी। मिसाइल गिरने के बाद लहरें खौफनाक ढंग से कई मीटर ऊंची उठीं। ऐसा लगा मानो सुनामी आ रही हो।
अब इस जंग के अहम अपडेट्स
- 24 घंटे के दौरान 369 फिलिस्तीनी मारे गए हैं। गाजा में 81 लोग उस वक्त मारे गए, जब वो हमलों से बचने के लिए किसी महफूज ठिकाने की तरफ जा रहे थे और एयर स्ट्राइक की चपेट में आ गए।
- ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ ने हमास के कब्जे वाले गाजा के हेल्थ डिपार्टमेंट के हवाले से बताया है कि गाजा में अब तक कुल 3785 लोग मारे गए हैं। इनमें 1524 बच्चे और 120 बुजुर्ग हैं। 12 हजार 493 लोग घायल हैं। इनमें चार हजार बच्चे हैं।
- ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक गुरुवार को तेल अवीव पहुंचे और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात की। सुनक ने इजराइल को पूरे समर्थन और मदद का भरोसा दिलाया।
- इजिप्ट और गाजा के बीच राफा बॉर्डर अब भी बंद है। इजराइल ने बुधवार को मानवीय मदद पहुंचाने के लिए इसे खोलने का ऐलान किया था। हालांकि, अब तक ऐसा हुआ नहीं है।
- गुरुवार सुबह गाजा के अल सिफा हॉस्पिटल के इंटेसिव केयर यूनिट में तैनात डॉक्टर इयाद अबु कार्श को खबर मिली कि उनकी बेटी, पत्नी, भतीजी और बहन एक एयर स्ट्राइक में मारे गए हैं। इसके बावजूद वो काम करते रहे। इयाद को यह खबर हॉस्पिटल के चीफ ने दी।
- WHO के मुताबिक- जंग में अब तक 136 हमले हॉस्पिटल और दूसरे हेल्थ केयर सिस्टम्स पर हुए हैं। इनमें से 59 गाजा और 77 वेस्ट बैंक में हैं। इस दौरान 16 डॉक्टर और नर्स समेत कुल 16 हेल्थ वर्कर मारे गए।

हिजबुल्लाह के ठिकानों पर हमले
इजराइली डिफेंस फोर्सेस ने बताया है कि गाजा पर उनके हमले में हमास की इकलौती महिला नेता जमिला अल शांति मारी गई है। वो हमास के को-फाउंडर अब्देल अजीज अल रंतिसी की पत्नी थी। रंतिसी की दूसरे इंतिफादा के दौरान 2004 में इजराइल हमले में मौत गई थी। जमिला 2021 में ही हमास के पॉलिटिकल ब्यूरो की मेंबर बनी थी।

जमीला अल शांति को कहां मारा गया है, इजराइल ने इसकी जानकारी नहीं दी।
ईरान पर नए प्रतिबंध
बाइडेन के इजराइल दौरे के बाद अमेरिका ने ईरान पर नए प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। ये प्रतिबंध ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन प्रोग्राम पर लगाए जाएंगे। अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने इसकी जानकारी दी है।
दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन ने इजराइल से लौटने के बाद इजिप्ट (मिस्र) के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी से चर्चा की। अल-सीसी ने मानवीय सहायता ले जाने वाले लगभग 20 ट्रकों को गाजा भेजने के लिए राफा बॉर्डर खोलने की इजाजत दे दी है।

गाजा को 100 मिलियन डॉलर की मानवीय मदद
अमेरिकी राष्ट्रपति बुधवार 18 अक्टूबर को इजराइल पहुंचे थे। उन्होंने तेल अवीव में इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, प्रेसिडेंट इसाक हर्जोग और वॉर कैबिनेट से मुलाकात की। वे यहां करीब 4 घंटे रहे। अमेरिका रवाना होने से पहले बाइडेन ने गाजा की मानवीय मदद के लिए 100 मिलियन डॉलर की मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि इस बात का ध्यान रखा जाएगा कि यह सामान हमास के हाथों तक न पहुंच सके।

इजराइल की डिफेंस फोर्सेज की गाजा पर बमबारी जारी है। इजराइली सेना के मुताबिक उन्होंने गुरुवार को गाजा में रॉकेट लॉन्च साइट्स को तबाह किया है।
इजराइल में बाइडेन की अहम बातें
बाइडेन ने कहा- मैं फिर कहना चाहूंगा कि इजराइल और यहां के लोग खुद को अकेला न समझें। अमेरिका आपके साथ है। इजराइल में 7 अक्टूबर को हुआ हमला 9/11 से भी बड़ा है। यह बहुत छोटा देश है और एक ही हमले में हजारों लोग मारे गए। यह नहीं भूलना चाहिए कि आखिर हम इंसान हैं। हमास के हमले का मकसद सिर्फ तबाही था और इसके अलावा कुछ नहीं।

इजराइल पहुंचे अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन को एयरपोर्ट पर रिसीव करने के बाद नेतन्याहू ने गले लगाया था।

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने रेचल एदरी नाम की महिला से मुलाकात की। रेचल और उनके पति को हमास के लड़ाकों ने 20 घंटों तक गन पॉइंट पर रखा था।
हॉस्पिटल पर हमला
मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात गाजा सिटी के अहली अरब सिटी हॉस्पिटल पर हुए रॉकेट हमले में 400 लोग मारे गए थे। हमास ने दावा किया कि हमला इजराइल ने किया। वहीं, इजराइल ने कहा है कि हॉस्पिटल पर हुए हमले में उसका हाथ नहीं है।
‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ ने अमेरिकी इंटेलिजेंस अफसरों के हवाले से जारी एक रिपोर्ट में कहा- मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात गाजा के हॉस्पिटल पर हमला हमास ने किया। हम शुरुआती इंटेलिजेंस रिपोर्ट्स के आधार पर इस नतीजे तक पहुंचे हैं।
इंटेलिजेंस इनपुट्स के लिए सैटेलाइट इमेजेस और इन्फ्रारेड डेटा जुटाया गया। इसमें साफ हुआ कि गाजा के अंदर से ही कोई रॉकेट या मिसाइल दागी गई। यह इजराइल की तरफ से नहीं आई। इसके पहले इजराइल ने भी यही दावा किया था। इसके बाद उसने बतौर सबूत हमास के दो मेंबर्स की बातचीत का ऑडियो भी जारी किया था।
इजराइली सेना ने हमास लड़ाकों का ऑडियो रिलीज किया
इस बीच इजराइली सेना ने एक फोन कॉल रिकॉर्डिंग रिलीज की है। इसमें दो हमास ऑपरेटिव अस्पताल पर हमले को लेकर बात कर रहे हैं। इसमें वो कह रहे हैं कि इस्लामिक जिहाद ने करीब 10 रॉकेट अस्पताल के पास बने कब्रिस्तान से दागे। इनमें से एक मिसफायर हो गया।
ऑडियो क्लिप में एक हमास ऑपरेटिव दूसरे से कहता है- ये हमारी तरफ से दागे गए रॉकेट से हुआ है? जवाब में दूसरा ऑपरेटिव कहता है- लगता तो ऐसा ही है, क्योंकि रॉकेट के जो टुकड़े मिले हैं वो इजराइली मिलिट्री के नहीं है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी गाजा पर हुए हमले को लेकर दुख जताया है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने इस हमले को विनाशकारी घटना बताया है।
अस्पताल पर हुए हमले की तस्वीरें देखें…

ये गाजा के अहली अरब सिटी हॉस्पिटल में हुए धमाके की फुटेज है।

गाजा के हॉस्पिटल पर हमले के बाद यहां मरीजों के फैमिली मेंबर्स रोते नजर आए।

अस्पताल पर हमले के बाद एक बच्चे को एम्बुलेंस तक पहुंचाया जा रहा है।

एक चश्मदीद ने अलजजीरा को बताया कि हमले के बाद चारों तरफ केवल लाशें थीं।

गाजा शहर के अस्पताल पर हुए हमले की ब्रिटेन की सिक्योरिटी एजेंसी भी जांच करेगी।

गाजा अस्पताल पर हमले के बाद कई देशों में इजराइल के खिलाफ प्रदर्शन हुए। ये तस्वीर जॉर्डन के अम्मान शहर में हुए प्रदर्शन की है।

बाइडेन के गाजा अस्पताल पर स्टैंड के खिलाफ और सीज फायर के लिए लोगों ने अमेरिकी कांग्रेस की बिल्डिंग में घुसकर प्रजदर्शन किए।
इजराइल ने अस्पताल पर हमले का वीडियो जारी किया
इधर, इजराइल ने एक वीडियो जारी कर कहा कि फिलिस्तीनी लड़ाके ही हॉस्पिटल के पास हमला कर रहे थे, उन्हीं में से एक रॉकेट दिशा भटककर अस्पताल पर गिर गया। हमास के दावे पर इजराइली PM नेतन्याहू ने X पर लिखा- पूरी दुनिया को पता होना चाहिए कि गाजा में इजराइली सेना ने नहीं, बल्कि हमास के खूंखार आतंकियों ने हमला किया है। जिन लोगों ने हमारे बच्चों की बेरहमी से हत्या की, वे अपने बच्चों के भी हत्यारे हैं।

इजराइल डिफेंस फोर्स ने ये वीडियो जारी कर कहा कि फिलिस्तीनी लड़ाके ही हॉस्पिटल के पास हमला कर रहे थे।
टाइम्स ऑफ इजराइल के मुताबिक मिस्र, अमेरिका ने इजराइल सेना से गाजा के लोगों को इवैक्यूएट करने के लिए सुरक्षित जगह और रास्ता बनाने की बात कही थी, जिसके बाद मानवीय क्षेत्र (रिलीफ एरिया) बनाया गया। सेना ने कहा- फिलिस्तीनी मदद के लिए खान युनिस के पास अल-मवासी जाएं।

गाजा में जिंदा रहने के लिए संघर्ष कर रहे लोग
‘गल्फ न्यूज’ की रिपोर्ट के मुताबिक गाजा के लोग अब सिर्फ जिंदा बचने की कोशिश कर रहे हैं। ज्यादातर लोगों के पास घर नहीं बचे हैं, वो गलियों में रात गुजार रहे हैं। वाटर सप्लाई करीब-करीब बंद है। लोगों के पास न तो पैसे हैं और न ही बेकरीज और दुकानों में सामान ही है।

गाजा में बमुश्किल मदद पहुंच पा रही है। राहत सामग्री लाने वाले कई ट्रक भी बमबारी की चपेट में आ चुके हैं।
हेल्थ मिनिस्ट्री की अपील- एक लीटर डीजल भी है तो हॉस्पिटल को दें
फिलिस्तीन की हेल्थ मिनिस्ट्री ने मंगलवार रात आम लोगों के लिए अपील जारी की। कहा- अगर आपके पास एक लीटर डीजल भी है तो अस्पताल जाकर डोनेट कर दें। यहां जेनरेटर चलाने के लिए इसकी बेहद जरूरत है। हो सकता है आपकी मदद से किसी इंसान की जान बचाई जा सके।

गाजा के अस्पतालों में बिजली नहीं है। जेनरेटर चलाना भी मुश्किल है, क्योंकि डीजल नहीं है। अब लोगों से एक-एक लीटर डीजल देने की अपील की जा रही है।
गाजा के अस्पतालों में न दवाइयां न बिजली, 1 हजार बच्चों की मौत
‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ के मुताबिक गाजा में इस वक्त 5 हजार महिलाएं प्रेग्नेंट हैं और इन्हें इलाज की जरूरत है। हॉस्पिटल और क्लिनिक्स में न तो दवाइयां बची हैं और न बिजली है। इनमें से कुछ तो पहले ही बमबारी में घायल हैं। UN ने भी इस रिपोर्ट की पुष्टि कर दी है।
ग्लोबल चैरिटी एजेंसी ‘सेव द चिल्ड्रन’ के मुताबिक जंग में अब तक 1 हजार फिलिस्तीनी बच्चे मारे जा चुके हैं। अगर अब भी कुछ नहीं किया गया तो हालात बद से बदतर हो जाएंगे।

गाजा इलाके में करीब 5 हजार महिलाएं प्रेग्नेंट हैं। दवाओं और इलाज की कमी के चलते न सिर्फ इन्हें, बल्कि होने वाले बच्चे को भी खतरा है।
अमेरिका अपने सैनिकों को इजराइल भेजेगा, ईरान ने धमकाया
अमेरिका अपने 11 हजार सैनिक इजराइल में तैनात कर सकता है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक ये सैनिक सीधे युद्ध नहीं लड़ेंगे, बल्कि इजराइल की सेनाओं को टेक्निकल और मेडिकल सपोर्ट देंगे। इस बीच अमेरिकी आर्मी के चीफ माइकल एरिक कुरिला भी इजराइल पहुंच चुके हैं। दूसरी तरफ ईरान ने इजराइल और उसका समर्थन करने वाले देशों को कड़ी चेतावनी दी है।
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खुमैनी ने मंगलवार को कहा कि अगर इजराइल ने गाजा में बमबारी बंद नहीं की, तो दुनिया मुस्लिम फोर्सेज को रोक नहीं पाएगी।
हमास ने बताया- 250 नागरिक कैद में, विदेशियों को रिहा कर देंगे
हमास मिलिट्री के प्रवक्ता अबु ओबेदा ने कहा है कि उनकी कैद में 200 से 250 नागरिक हैं। इनमें से विदेशी नागरिक हमारे मेहमान हैं। हालात सुधरने पर हम इन्हें रिहा कर देंगे। ओबेदा ने ये भी कहा कि वो गाजा में इजराइल के बड़े जमीनी ऑपरेशन से डरते नही हैं। इजराइली सेना 10 हजार सैनिकों के साथ गाजा में जमीनी कार्रवाई की तैयारी कर रही है।

हमास ने बंधकों के फुटेज शेयर किए हैं, इसमें फ्रांस की महिला का इलाज किया जा रहा है।
गाजा के लोगों को पनाह नहीं देगा इजिप्ट
इजराइल गाजा से लोगों को निकालने पर आमादा है, लेकिन सवाल ये है कि यहां से निकाले जाने के बाद गाजा के लोग शरण कहां लेंगे। 15 अक्टूबर को इजिप्ट ने साफ कर दिया कि वो गाजा के लोगों को अपने सिनाई रेगिस्तान में रुकने की मंजूरी नहीं देगा।
रविवार को इजिप्ट सरकार की नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल की इमरजेंसी मीटिंग हुई थी। प्रेसिडेंट अब्देल फतेह अल सीसी ने इसकी अध्यक्षता की। मीटिंग के बाद जारी बयान में सीसी ने कहा था- हमारी सुरक्षा ही हमारी लक्ष्मण रेखा है और इस मामले में कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
इस बयान का मतलब साफ है कि गाजा के 20 लाख से ज्यादा लोगों को इजिप्ट अपने देश में नहीं आने देगा। पहले कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि इजिप्ट सिनाई इलाके में टेम्परेरी कैम्प लगाकर इन लोगों को रुकने की मंजूरी दे सकता है। अब UN के सामने सबसे बड़ी दिक्कत इन लोगों को शेल्टर देने की है, क्योंकि इजराइल किसी भी वक्त गाजा में जमीनी कार्रवाई शुरू कर सकता है।

हमास ने दावा किया था कि उसने 7 अक्टूबर को इजराइल पर 5 हजार रॉकेट दागे थे।
गाजा पर बड़े हमले से पहले हवाई दौरा
इजराइली एयरफोर्स ने ग्राउंड फोर्सेज को गाजा पट्टी पर बड़े हमले से पहले इलाके का हवाई दौरा कराया है। टाइम्स ऑफ इजराइल की रिपोर्ट के मुताबिक गाजा पट्टी पर हमले के लिए उन कमांडर्स को चुना गया है, जो पहले भी गाजा में तैनात रह चुके हैं।
दरअसल, 2005 से पहले गाजा पट्टी पर इजराइल का ही कब्जा था। इस इलाके को इजराइल ने 1967 की जंग के बाद जीता था। हालांकि, 2005 में ओस्लो संधि के बाद यहां से अपनी फौज को हटाकर, कब्जा भी छोड़ दिया था।

इजराइल के जमीनी हमले से पहले ही गाजा में 64 हजार से ज्यादा इमारतें तबाह हो गई हैं।
इजराइल-लेबनान बॉर्डर पर क्यों तैनात हैं 900 भारतीय जवान
इजराइल-हमास जंग का आज 12वां दिन है। भारत के 900 जवान इस वक्त लेबनान में इजराइल बॉर्डर के करीब तैनात हैं। ये वही जगह है जहां इजराइल हिजबुल्ला के ठिकानों पर गोले बरसा रहा है। इस जंग की वजह से दोनों ओर से चल रही गोलीबारी में यहां तैनात भारतीय सैनिकों पर भी खतरा मंडरा रहा है। पूरी खबर यहां पढ़ें…
निकी हेली बोली- मुस्लिम देश फिलिस्तीनियों को क्यों नहीं अपनाते
इजराइल-हमास जंग के बीच रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से राष्ट्रपति पद की दावेदारी कर रही कैंडिडेट निकी हेली ने इस्लामिक देशों की आलोचना की है। निकी हेली ने पूछा है कि आखिर गाजा छोड़ रहे फिलिस्तीनियों को मुस्लिम देश पनाह क्यों नहीं दे रहे हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें…
‘अल-अक्सा फ्लड’ के खिलाफ इजराइल का ऑपरेशन ‘सोर्ड्स ऑफ आयरन’
हमास ने इजराइल के खिलाफ अपने ऑपरेशन को ‘अल-अक्सा फ्लड’ नाम दिया है। इसके जवाब में इजराइल की सेना ने हमास के खिलाफ ‘सोर्ड्स ऑफ आयरन’ ऑपरेशन शुरू किया।
हमास के सैन्य कमांडर मोहम्मद दीफ ने कहा था- ये हमला यरुशलम में अल-अक्सा मस्जिद को इजराइल की तरफ से अपवित्र करने का बदला है। दरअसल, इजराइली पुलिस ने अप्रैल 2023 में अल-अक्सा मस्जिद में ग्रेनेड फेंके थे।
वहीं, हमास के प्रवक्ता गाजी हामद ने अल जजीरा से कहा था- ये कार्रवाई उन अरब देशों को हमारा जवाब है, जो इजराइल के साथ करीबी बढ़ा रहे हैं। हाल ही के दिनों में मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि अमेरिका की पहल पर सऊदी अरब इजराइल को देश के तौर पर मान्यता दे सकता है।

इजराइल और फिलिस्तीन के बीच क्यों है विवाद
मिडिल ईस्ट के इस इलाके में यह संघर्ष कम से कम 100 साल से चला आ रहा है। यहां वेस्ट बैंक, गाजा पट्टी और गोलन हाइट्स जैसे इलाकों पर विवाद है। फिलिस्तीन इन इलाकों समेत पूर्वी यरुशलम पर दावा जताता है। वहीं, इजराइल यरुशलम से अपना दावा छोड़ने को राजी नहीं है।
गाजा पट्टी इजराइल और मिस्र के बीच में है। यहां फिलहाल हमास का कब्जा है। ये इजराइल विरोधी समूह है। सितंबर 2005 में इजराइल ने गाजा पट्टी से अपनी सेना वापस बुला ली थी। 2007 में इजराइल ने इस इलाके पर कई प्रतिबंध लगा दिए। फिलिस्तीन का कहना है कि वेस्ट बैंक और गाजा पट्टी में स्वतंत्र फिलिस्तीन राष्ट्र की स्थापना हो।

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अल-अक्सा मस्जिद में इजराइली पुलिस ने नमाजियों को गिरफ्तार किया; हमास ने कहा- कीमत चुकानी पड़ेगी

इजराइल में यरुशलम के अल-अक्सा मस्जिद में पुलिस और फिलिस्तीनियों की बीच झड़प हो गई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई लोगों को गिरफ्तार किया और उन पर पवित्र मस्जिद को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया। पुलिस के मुताबिक, कुछ फिलिस्तीनियों ने खुद को पटाखों, लाठी और पत्थरों के साथ मस्जिद में बंद कर लिया था और बाहर बैरिकेडिंग लगा दी थी। पढ़ें पूरी खबर…



























