4 मिनट पहले
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फुटेज अल-शिफा अस्पताल की है। यहां मेकशिफ्ट टेंट बनाकर करीब 50 हजार फिलिस्तीनियों ने पनाह ले रखी है।
इजराइल-हमास जंग के बीच गाजा के अल-शिफा अस्पताल में करीब 50 हजार बेघर फिलिस्तीनियों ने पनाह ले रखी है। इनमें से ज्यादातर लोगों के घर हमले में तबाह हो चुके हैं। अलजजीरा के मुताबिक सोलर पावर जेनरेटर के भरोसे चल रहा ये अस्पताल किसी भी वक्त बंद हो सकता है। इसके बावजूद फिलिस्तीनियों ने साउथ गाजा जाने की जगह इस अस्पताल में रहने का फैसला किया।
अल-शिफा में मेकशिफ्ट टेंट लगाकर रह रहे फिलिस्तीनियों के पास खाना-पानी की कमी है। यहां दिन की शुरुआत होते ही लोग पानी के पाइप और नल के सामने लाइन लगा लेते हैं। इजराइल ने गाजा में बिजली सप्लाई रोक दी थी। लिहाजा यहां लोगों को नल के खारे पानी से ही गुजारा करना पड़ रहा है। खाने के लिए लोगों को डिब्बे में बंद फवा बीन्स, रोटी और दाल मिलती है।
41 साल की घानिया हानिये अपने 5 लड़कों और 3 लड़कियों के साथ इस अस्पताल में रह रही है। उसने अलजजीरा को बताया- हमने चादर और तिरपाल की मदद से टेंट लगाया है। यहां हम सुरक्षित महसूस करते हैं लेकिन मच्छरों और कीड़ों से परेशान हैं। घानिया इजराइल हमलों के बीच शेख रदवान इलाके से अस्पताल पहुंची थी।

गाजा के अल-शिफा अस्पताल में रह रही घानिया रोटी के टुकड़े करती नजर आ रही है।
अल-शिफा में लोगों को टॉयलेट जाने के लिए भी लंबी कतारों में लगना पड़ता है। बर्तन-कपड़े धोने, हाथ साफ करने, नहाने और पानी पीने के लिए एक ही पानी का इस्तेमाल होता है। खारे पानी से नहाने की वजह से कुछ बच्चों के शरीर पर पपड़ियां जम गई हैं। घानिया अपने बच्चों के साथ जमीन पर 2 चादरें बिछाकर सोती है।
इन सब वजहों से स्मॉकपॉक्स जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। अल-शिफा अस्पताल में रह रहे फिलिस्तीनियों को रोज खाना-पानी के लिए लाइन में लगना पड़ता है। उन्हें खाने के लिए सिर्फ आधे बैग ब्रेड और डिब्बों में बंद फवा बीन्स मिलती है। घानिया ने बताया कि वो अपने बच्चों को रोटी के टुकड़े करके देती है, जिससे खाना ज्यादा दिखे।
तस्वीरों में देखिए गाजा के अल-शिफा अस्पताल में रह रहे फिलिस्तीनियों के हालात…

अल-शिफा अस्पताल में रहने के लिए लोगों ने तिरपाल और चादरों की मदद से मेकशिफ्ट टेंट बनाया है।

यहां खाने में लोगों को दाल, रोटी, चीज के टुकड़े और बीन्स दिए जाते हैं।

लोग नल से अपने डिब्बों और जग में खारा पानी भरते हैं। उसी से सारे काम किए जाते हैं।

इजराइल ने गाजा में बिजली की सप्लाई बंद कर दी थी। इस वजह से पानी को साफ करने वाले डिस्टिलेशन सेंटर ठप हैं।

गाजा में भीषण गर्मी और साफ सफाई की कमी के चलते लोग मक्खियों और कीड़ों से परेशान हैं।

अस्पताल में खारे पानी से ही बर्तन-कपड़े धोने, नहाने, खाना पकाने का काम किया जाता है।

अल-शिफा अस्पताल में लोगों के सोने के लिए बिस्तर या गद्दे नहीं है। लोग अपने बच्चों के साथ जमीन पर चादर बिछाकर सो रहे हैं।

अल-शिफा में साफ सफाई की कमी और गंदे पानी की वजह से स्मॉलपॉक्स जैसी गंभीर बीमारियों के फैलने का भी खतरा है।

खाना-पानी, बिजली की कमी और बाकी परेशानियों के बावजूद गाजा के लोग इस अस्पताल में ज्यादा सुरक्षित महसूस करते हैं।
इजराइल ने इसी अस्पताल के नीचे हमास का बेस होने का दावा किया
इजराइली डिफेंस फोर्स (IDF) का कहना है कि हमास का मेन ऑपरेशन बेस गाजा के सबसे बड़े अल-शिफा अस्पताल के नीचे है। IDF ने कहा है कि अस्पताल के नीचे बना बेस ही हमास का हेडक्वार्टर भी है। IDF ने इससे जुड़ी सैटेलाइट इमेज और वीडियो भी जारी किए हैं।
IDF के प्रवक्ता ने कहा- हमारे पास इस बात के सबूत हैं कि सैंकड़ों लड़ाके अस्पताल में छिपे हैं। इन बेस तक जाने के लिए लड़ाके सुरंगों का इस्तेमाल करते हैं। इस अस्पताल में हमास का कमांड सेंटर भी है, जहां से वो रॉकेट फायर करता है। यहां हमास के हथियारों का भी बड़ा जखीरा मौजूद है।
IDF ने हमास पर अस्पताल में मौजूद 1500 बेड और 4 हजार स्टाफ को हमलों से बचने के लिए ढाल बनाने का आरोप लगाया है। हालांकि, हमास ने इन सभी दावों को खारिज किया है।










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