8 मिनट पहले
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अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने चीन, सऊदी अरब, तुर्किये और कई यूरोपीय देशों के विदेश मंत्रियों से फोन पर बात की। (फाइल)
ईरान की तरफ से इजराइल पर हमले के खतरे के बीच अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने सऊदी अरब, चीन, तुर्किये और कई यूरोपीय देशों के विदेश मंत्रियों से फोन पर बात की। ब्लिंकन ने सभी देशों से ईरान को हमला न करने के लिए मनाने को कहा है।
अमेरिका के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने कहा, “विवाद को बढ़ावा देना किसी के भी हित में नहीं है।” इससे पहले गुरुवार को अमेरिका ने इजराइल में काम करने वाले अपने नागरिकों और खासकर डिप्लोमैट्स के लिए एडवाइजरी जारी की। अमेरिका ने अपनी एम्बेसी के स्टाफ को यरुशलम, तेल अवीव या बीरशेबा शहर से बिना सावधानी के बाहर न जाने को कहा है।

इजराइल ने सीरिया में ईरान के दूतावास के पास वाली बिल्डिंग को निशाना बनाया था। इस हमले में 13 लोग मारे गए थे।
ईरान की तरफ से हमले के खतरे के बीच गुरुवार को अमेरिका के सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के जनरल माइकल कुरिला इजराइल पहुंचे। यहां वे इजराइल के रक्षा मंत्री योव गैलेंट और इजराइल डिफेंस फोर्स (IDF) के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात करेंगे।
इजराइल ने सीरिया में ईरान के दूतावास के पास हमला किया था
दरअसल, 1 अप्रैल को इजराइल ने सीरिया में ईरानी एम्बेसी के पास एयरस्ट्राइक की थी। इसमें ईरान के दो आर्मी कमांडर्स समेत 13 लोग मारे गए थे। इसके बाद ईरान ने इजराइल को बदला लेने की धमकी दी थी।
इस हमले के बाद व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरीन जीन-पियरे ने बताया था, “सीरिया में ईरानी दूतावास पर हमले के बाद अमेरिका ने ईरान से संपर्क किया था। हमने उन्हें बताया कि इस हमले में अमेरिका का कोई हाथ नहीं था। ईरान इसका सहारा लेकर अमेरिकी ठिकानों या नागरिकों को निशाना बनाने की कोशिश न करे।”
‘इजराइल को हमले की सजा देंगे’
अमेरिका की इंटेलिजेंस एजेंसी ने भी आशंका जताई थी कि 1 अप्रैल के हमले के बाद ईरान इजराइल पर जवाबी अटैक कर सकता है। ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह खामेनेई ने बुधवार (10 अप्रैल) को कहा था, “इजराइल को इस हमले की सजा जरूरी दी जाएगी। उन्होंने सीरिया में हमारे दूतावास पर हमला किया। यह ईरान की धरती पर हमला करने जैसा ही था।”
दूसरी तरफ, ब्रिटेन के विदेश मंत्री लॉर्ड कैमरन ने भी ईरानी विदेश मंत्री को फोन करके उन्हें विवाद को आगे न बढ़ाने की सलाह दी। इससे पहले गुरुवार को इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान का नाम लिए बिना कहा था कि इजराइल गाजा के अलावा दूसरे मोर्चों पर भी जंग की तैयारी कर रहा है। नेतन्याहू ने कहा था, “अगर किसी ने भी हम पर हमला किया, तो हम इसका जवाब जरूर करेंगे।”
अरबी भाषा में छपी ईरानी न्यूज एजेंसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने राजधानी तहरान के ऊपर अपने एयरस्पेस को बंद कर दिया, जिससे वो सैन्य अभ्यास कर सकें। हालांकि, ईरानी मीडिया ने बाद में इस रिपोर्ट को हटा दिया।

इजराइल की एयरस्ट्राइक में मारे गए ईरानी की रिवॉल्यूशनरी गार्ड के सदस्यों के फ्यूनरल सेरेमनी में ईरानी सुप्रीम लीडर खामेनेई भी पहुंचे थे।
इजराइल ने GPS सिस्टम बंद किया, सैनिकों की छुट्टी कैंसिल
वहीं कुछ दिन पहले इजराइल ने अपने GPS नेविगेशन सिस्टम को बंद कर दिया था। माना जाता है कि गाइडेड मिसाइलों के हमलों को रोकने के लिए GPS को बंद किया जाता है। इसके अलावा सभी सैनिकों की छुट्टियां भी रद्द कर दी गई थीं।
ईरान से हमले की आशंका के बीच इजराइली सेना ने कहा था, “हमारे सैनिक पहले से युद्ध में हैं। स्थिति को देखते हुए अस्थायी लड़ाकू इकाइयों की छुट्टी रद्द की गई है। एयर डिफेंस कमांड को अलर्ट पर रखा गया है। कई शहरों में एंटी बॉम्ब शेल्टर शुरू कर दिए गए हैं।”
पूरे मिडिल ईस्ट में जंग फैल सकती है
ईरान और इजराइल के बीच दुश्मनी जगजाहिर है, हालांकि दोनों देश कभी सीधे तौर पर एक-दूसरे से टकराने की हिम्मत नहीं जुटा पाए। ईरान ने हमेश हमास और हिजबुल्लाह जैसे संगठनों का सहारा लिया। वहीं, इजराइल सीधे तौर पर ईरानी ठिकानों पर हमला करता है।
अब अगर ईरान सीधे इजराइल को निशाना बनाता है तो सबसे बड़ा खतरा इस बात का है कि पूरे मिडिल ईस्ट में यह जंग फैल जाएगी और इसके नतीजे खतरनाक होंगे।










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