इस्लामाबाद52 मिनट पहले
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अलीमा खानुम ने कहा कि मुनीर ऐसे लोगों से लड़ना चाहते हैं जो इस्लाम में विश्वास नहीं रखते हैं।
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बहन अलीमा खानुम ने सेना प्रमुख आसिम मुनीर को इस्लामी कट्टरपंथी और रूढ़िवादी बताया। उन्होंने बुधवार को स्काई न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा कि मुनीर ऐसे लोगों से लड़ना चाहते हैं जो इस्लाम में विश्वास नहीं रखते।
अलीमा से जब मई में हुए भारत-पाकिस्तान संघर्ष के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने सीधे तौर पर आसीम मुनीर पर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मुनीर अपनी कट्टरपंथी सोच की वजह से भारत के साथ युद्ध करना चाहते हैं।
अलीमा ने अपने भाई इमरान खान को लिबरल बताया। उन्होंने कहा कि जब इमरान खान सत्ता में आए तो उन्होंने भारत और यहां तक कि BJP से भी रिश्ते सुधारने की कोशिश की। जबकि मुनीर बॉर्डर पर तनाव और युद्ध का माहौल बनाते हैं, जिससे भारत और उसके सहयोगी प्रभावित होते हैं।
अलीमा बोलीं- इमरान पाकिस्तान के लिए एसेट
अलीमा खानुम का दावा है कि इमरान पाकिस्तान के 90% लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं, इसलिए उन्हें अलग-थलग करके शहबाज शरीफ की सरकार पाकिस्तान के लोगों का दमन कर रही है।
अलीमा ने इमरान खान को पाकिस्तान के लिए ‘एसेट’ बताते हुए पश्चिमी देशों से अपील की है कि वे उनकी रिहाई के लिए मदद बढ़ाएं। इमरान भ्रष्टाचार के मामले में 2023 से रावलपिंडी की अडियाला जेल में बंद हैं।
27 दिन बाद इमरान की परिवार से मुलाकात
इमरान ने कल अपनी उज्मा खान से मुलाकात की थी। इमरान 27 दिन के बाद परिवार का कोई सदस्य मिले थे। इससे पहले उन्होंने 5 नवंबर को अपनी बहन नौरीन खान से मुलाकात की थी। पिछले मंगलवार को इमरान खान से मिलने उनके समर्थक और परिवार वाले पहुंचे थे, लेकिन जेल प्रशासन ने उन्हें इजाजत नहीं दी।
इसके बाद यह अफवाह फैल गई थी कि इमरान की मौत हो गई है और पाकिस्तान सरकार इसे छिपा रही है। इसे लेकर पाकिस्तान में बड़ा प्रदर्शन किया गया था, जिसे देखते हुए रावलपिंडी से लेकर इस्लामाबाद तक हाई अलर्ट जारी कर दिया गया था।

इमरान की बहन उज्मा खान कल अडियाला जेल में अपने भाई से मिलकर आती हुईं
बहन बोलीं- इमरान को जेल में मेंटल टॉर्चर किया जा रहा
जेल से बाहर आकर उज्मा ने बताया कि भाई इमरान पूरी तरह ठीक हैं। दोनों के बीच करीब 20 मिनट तक मुलाकात हुई।
उज्मा ने बताया

इमरान खान की सेहत बिल्कुल ठीक है, लेकिन वे बेहद गुस्से में हैं। उन्हें मेंटली टॉर्चर किया जा रहा है और इस सब के लिए आसिम मुनीर जिम्मेदार हैं। उनकी बाहरी दुनिया तक कोई पहुंच नहीं है।

उन्होंने कहा कि वे आगे की जानकारी अपनी दोनों बहनों अलीमा खान और नौरीन खान से बातचीत के बाद शेयर करेंगी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मुलाकात से पहले भी उज्मा ने अलीमा खान से काफी देर तक बातचीत की थी। पढ़ें पूरी खबर…
इमरान खान और आसिम मुनीर में पुरानी लड़ाई
आसिम मुनीर, इमरान खान की सरकार के वक्त पाकिस्तान की सीक्रेट एजेंसी ISI के हेड थे। 2018 तक मुनीर का आर्मी करियर शानदार चल रहा था। मार्च में उन्हें पाकिस्तान का दूसरा सबसे बड़ा नागरिक सम्मान ‘हिलाल-ए-इम्तियाज’ दिया गया था।
25 अक्टूबर 2018 को उन्हें ISI का डीजी बनाया गया, लेकिन 8 ही महीने बाद जून 2019 में उन्हें हटाकर उनकी जगह लेफ्टिनेंट जनरल फैज हमीद को ISI का नया डीजी बना दिया गया। मुनीर को गुजरांवाला में XXX कोर में बतौर कमांडर तैनात कर दिया गया।
पहली बार कोई डीजी इतने कम समय में पद से हटाया गया था, इसकी वजह थी मुनीर का इमरान खान से झगड़ा। दरअसल, पाक आर्मी के जनरल कमर जावेद बाजवा, इमरान के करीबी थे। पाकिस्तान में आर्मी और ISI के ऑफिसर्स का भ्रष्टाचार का पुराना इतिहास है।
मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि मुनीर ने इमरान खान की पत्नी बुशरा बीबी के करप्शन के एक मामले को उजागर कर दिया था। इसलिए इमरान खान के कहने पर बाजवा ने मुनीर को ISI से बाहर का रास्ता दिखाया था।
हालांकि बाद में इमरान खान ने इसे नकारते हुए कहा था, ‘यह पूरी तरह झूठ है। न तो जनरल आसिम ने मुझे मेरी बीवी के करप्शन का कोई सबूत दिया और न ही इस वजह से मैंने उन्हें इस्तीफे के लिए मजबूर किया।’

30 अगस्त 2018 को मुनीर से हाथ मिलाते तब के पाक पीएम इमरान खान।
इमरान पीएम पद से हटाए गए, मुनीर आर्मी चीफ बने
कोर कमांडर रहने के बाद जनवरी 2021 से नवंबर 2022 तक मुनीर क्वार्टरमास्टर जनरल रहे। इस ओहदे का ऑफिसर सेना के लिए रसद, साजो-सामान और बाकी तैयारियों का काम देखता है। ISI चीफ से यहां तक आना मुनीर के लिए डिमोशन था।
10 अप्रैल 2022 को अविश्वास प्रस्ताव लाकर इमरान खान को पीएम पद से हटा दिया गया। इसके पहले ही वो पीएम हाउस छोड़ चुके थे। अगले दिन नवाज के छोटे भाई शहबाज शरीफ पीएम बन गए। मुनीर शहबाज के करीबी हैं।
27 नवंबर 2022 को मुनीर आर्मी से रिटायर होने वाले थे, लेकिन शहबाज शरीफ उन्हें आर्मी चीफ बनाना चाहते थे। उन्होंने 24 नवंबर को राष्ट्रपति आरिफ अल्वी को मुनीर का नॉमिनेशन भेजा, जिसे अल्वी ने उसी दिन मंजूरी दे दी। 29 नवंबर 2022 को बाजवा को हटाकर मुनीर को पाक आर्मी का नया चीफ बना दिया गया। मुनीर अब 2027 तक इस पद पर कायम रहेंगे।
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पाकिस्तान में 27वें संवैधानिक संशोधन के बाद भी फील्ड मार्शल आसिम मुनीर चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेस (CDF) नहीं बन पाए हैं। इसके लिए 29 नवंबर को नोटिफिकेशन जारी होना था, लेकिन 3 दिन बाद भी यह पद खाली पड़ा है। पढ़ें पूरी खबर…



























