
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट।
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खनौरी बॉर्डर से युवा किसान प्रीतपाल सिंह को हरियाणा पुलिस द्वारा अवैध तरीके से गिरफ्तार करने, तय समय में मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश न करने और उचित इलाज मुहैया न करवाने का आरोप लगाते हुए दाखिल याचिका पर जवाब दाखिल करते हुए हरियाणा सरकार ने आरोपों को नकार दिया है। सरकार ने कहा कि प्रीतपाल को न तो गिरफ्तार किया गया और न ही उस पर कोई एफआईआर दर्ज है। वह जींद के दाता सिंह वाला बॉर्डर पर घायल अवस्था में मिला था और उसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया था।
प्रीतपाल सिंह के पिता संगरूर निवासी दविंदर सिंह ने याचिका दाखिल करते हुए हाईकोर्ट को बताया था कि उनका बेटा किसानों के साथ शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन में हिस्सा ले रहा था। हरियाणा पुलिस ने 21 फरवरी को दोपहर दो बजे खनौरी बॉर्डर से पंजाब के क्षेत्र में प्रवेश करके उसे घायल कर दिया था। घायल होने के बाद उसे पुलिस ने अवैध तरीके से हिरासत में ले लिया और रोहतक पीजीआई भेज दिया।
याची के बेटे की गिरफ्तारी के 48 घंटे बीतने के बाद भी उसे तय प्रावधान के अनुसार किसी मजिस्ट्रेट के सामने पेश नहीं किया गया। याची ने बेटे को चंडीगढ़ के पीजीआई या पटियाला के राजिंदरा अस्पताल में शिफ्ट करने का निर्देश जारी करने की अपील की थी। हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 23 फरवरी को इस मामले में वारंट ऑफिसर की नियुक्ति की थी।





























