
हरियाणा कैबिनेट की मीटिंग
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लोकसभा चुनाव के बाद हरियाणा सरकार की पहली मंत्रिमंडल की बैठक में कई महत्वपूर्ण एजेंडों को मंजूरी दी गई। मंत्रिमंडल ने ईपीएफ पेंशनभोगियों की राशि बुढ़ापा पेंशन के बराबर करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इससे इन कर्मियों को वृद्धावस्था पेंशन के सामान सम्मान भत्ता मिलेगा। आगे जब भी बुढ़ापा पेंशन की राशि बढ़ेगी ईपीएफ पेंशनभोगियों की राशि में भी उसी अनुपात में बढ़ोतरी होगी।
इसके साथ ही प्रदेश में अब न्यूनतम पेंशन तीन हजार हो गई है। सरकार के इस फैसले से करीब एक लाख कर्मचारियों को फायदा मिलेगा। वहीं, किसान एक से 15 जुलाई तक कृषि नलकूपों के बिजली कनेक्शन का लोड बढ़ाने के लिए आवेदन कर सकेंगे। साथ ही सरकार ने मेडिकल, डेंटल और नर्सिंग कॉलेज में प्रोफेसरों की कमी को दूर करने के लिए संविदा संकाय सदस्यों की नियुक्ति की नीति को भी मंजूरी दे दी है।
हरियाणा में सरकारी या स्थानीय निकाय संगठन या अन्य संस्थाओं से सेवानिवृत्त होने वाले कई कर्मचारियों की ईपीएफ पेंशन की राशि बुढ़ापा पेंशन राशि से कम है। इन कर्मचारियों को डेढ़ से दो हजार के बीच में पेंशन मिलती है, जबकि बुढ़ापा पेंशन के लाभार्थियों को पेंशन तीन हजार रुपये मिलती है और समय-समय पर राशि भी संशोधित होती है। भारतीय मजदूर संघ की मांग थी कि ईपीएफ पेंशनभोगियों की राशि भी बुढ़ापा पेंशन के तहत की जाए।
पूर्व सीएम मनोहर लाल ने इस साल के बजट में इसकी घोषणा की थी। अब सरकार ने इसकी मंजूरी दे दी है। संशोधन के अनुसार किसी भी सरकारी या स्थानीय निकाय संगठन या अन्य संस्थाओं से सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारी जो सरकार के स्वामित्व व नियंत्रण में हैं और उन्हें निर्धारित वृद्धावस्था सम्मान भत्ते से कम पेंशन मिलती, वे अब वृद्धावस्था सम्मान भत्ता पात्रता के अधीन पात्र होंगे।









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