
दुष्यंत चौटाला
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हरियाणा में निजी नौकरियों में 75 फीसदी आरक्षण का फैसला रद्द होने के बाद उपमुख्यमंत्री व जजपा प्रमुख दुष्यंत चौटाला की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने 75 फीसदी रोजगार कानून को राज्य व उद्योगों के हित में बताया है। उन्होंने कहा कि वह हाईकोर्ट के फैसले का अध्ययन कर रहे हैं। हाईकोर्ट ने इसमें जो आपत्तियां उठाई हैं, उसकी गंभीरता से समीक्षा कर रहे हैं।
इस फैसले के खिलाफ जल्द ही सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। इस कानून के प्रति अपनी निष्ठा को जताते हुए उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट ने पहले भी इस फैसले पर रोक लगाई थी। उस फैसले के खिलाफ राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट गई थी। सुप्रीमकोर्ट के आदेश पर हाईकोर्ट ने दोबारा सुनवाई शुरू की थी।
हाईकोर्ट का यह फैसला चौटाला के लिए झटका है। दरअसल साल 2019 में विधानसभा चुनाव के दौरान जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) ने चुनावी वादा किया था कि सत्ता में आने पर राज्य के निवासियों के लिए निजी क्षेत्र की नौकरियों में 75 फीसदी आरक्षण देंगे। पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने अपने 83-पृष्ठ के फैसले में हरियाणा राज्य स्थानीय उम्मीदवारों के रोजगार अधिनियम, 2020 को असंविधानिक ठहराया।
साथ ही फैसला दिया कि यह कानून लागू होने की तारीख से अप्रभावी हो जाएगा। यह फैसला अधिनियम के कार्यान्वयन के खिलाफ कई औद्योगिक संघों द्वारा दायर कई याचिकाओं के बाद आया। 15 जनवरी, 2022 को लागू हुआ कानून, राज्य के उम्मीदवारों को निजी क्षेत्र की नौकरियों में 75 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करता है। इसमें अधिकतम सकल मासिक वेतन या 30,000 रुपये तक की मजदूरी देने वाली नौकरियां शामिल थीं।
दुष्यंत चौटाला ने कहा कि इस कानून से सभी उद्योगपति सहमत हैं। राज्य के उद्योगों में स्थानीय कुशल युवाओं का होना जरूरी है। इस कानून का फायदा राज्य के साथ उद्योगों को मिलना था। कानून बनाने के पीछे के इरादे को स्पष्ट करते हुए उन्होंने बताया कि सरकार का उद्देश्य स्थानीय युवाओं को रोजगार देना है और उद्योगों को कुशल युवा।
राज्य की उन्नति के लिए राज्य सरकार व उद्योगों को मिलकर काम करना है। चौटाला ने बताया कि स्थानीय युवाओं को रोजगार देने से उनके रहने व आने-जाने की समस्याएं नहीं होगी। इससे उद्योगों के विकास में भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का उद्योगों को फायदा मिला है। राज्य सरकार की नीतियों की वजह से ही प्रदेश में बड़े-बड़े उद्योग विकसित हो रहे हैं।
कांग्रेस पर साधा निशाना
डिप्टी सीएम ने यह भी कहा कि पूर्व कांग्रेस सरकार के समय में हरियाणा में स्थानीय कुशल युवाओं की कमी के चलते कई बड़े उद्योग अन्य राज्यों में पलायन किए थे लेकिन मौजूदा गठबंधन सरकार के प्रयासों से आज नए बड़े उद्योग प्रदेश में विकसित हो रहे है। इतना ही नहीं हरियाणा सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम युवाओं को रोजगार के लिए कुशल बना रही है ताकि स्थानीय युवाओं की अपने क्षेत्र में उद्योगों और प्रदेश की उन्नति में अहम भागीदारी सुनिश्चित हो।
बीजेपी और जेजपी सरकार ने युवाओं को छला है: किरण चौधरी
हरियाणा की पूर्व नेता प्रतिपक्ष व कांग्रेस विधायक किरण चौधरी ने कहा है कि हरियाणा में भाजपा-जजपा ने प्राइवेट सेक्टर की नौकरियों में आरक्षण का झांसा देकर उन्हें गुमराह किया।
उन्होंने कहा कि यदि आदेश को ढंग से तैयार किया जाता और सरकार की ओर से मजबूत पैरवी होती तो यह दिन नहीं देखना पड़ता। सरकार की मंशा कभी भी हरियाणा के युवाओं को रोजगार देने की नहीं रही है। यही कारण है कि बेरोजगारी में हरियाणा देश में नंबर वन हैं। युवाओं का सरकार से मोह भंग हो रहा है। यही वजह है कि युवा दूसरे देशों में पलायन कर रहे हैं।



























