
Haryana DGP Shatrujeet Kapoor
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
एनसीआरबी की रिपोर्ट में प्रदेश में बढ़ रहे अपराध पर लगाम लगाने के लिए हरियाणा पुलिस ने कई अहम फैसले लिए हैं। प्रदेश में अब दहेज (498ए) का केस बिना जांच पड़ताल के दर्ज नहीं होगा। मतलब महिला द्वारा शिकायत देने के बाद पुलिस मामले की पड़ताल करेगी और केवल असली आरोपी के खिलाफ ही केस दर्ज किया जाएगा। जांच के दौरान निर्दोष लोगों के नाम निकालते हुए उन पर मुकदमा दर्ज नहीं किया जाएगा।
इसके अलावा प्रदेश में जहां भी छात्राओं से छेड़छाड़ के हॉटस्पॉट हैं, वहां पर महिला पुलिस कर्मचारियों को तैनात किया जाएगा। ये फैसले रविवार को डीजीपी शत्रुजीत कपूर की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया। बैठक में प्रदेश के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, रेंज के आईजी सहित पुलिस अधीक्षकों ने भाग लिया। बैठक में महिला सुरक्षा को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
यह भी पढ़ें: शर्मनाक: घर आए जीजा ने किया दुष्कर्म, लड़की का आरोप-पिता ने सब कुछ देखा लेकिन….
डीजीपी ने कहा कि उन सभी क्षेत्रों को चिन्हित किया जाएं जहां महिलाएं खुद को असुरक्षित समझती हैं, या जहां पर आवारा लड़के खड़े होते हैं। ऐसे छेड़छाड़ के संभावित क्षेत्रों पर सभी जिलों में महिला पुलिस टीमों को तैनात किया जाए। गुरुग्राम में इस प्रकार का अभियान शुरू किया गया है, इसके सकारात्मक परिणाम आ रहे हैं। कपूर ने कहा कि महिला विरुद्ध अपराध संबंधी मामलों को लेकर पीड़ित महिला की शिकायत दर्ज अथवा समाधान होने के बाद भी महिलाओं से उनका हाल-चाल पूछते हुए फीडबैक लेते रहे।
महिला कर्मियों को दिया जाएगा प्रशिक्षण
महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध आपराधिक घटनाओं को नियंत्रित करने के लिए प्रत्येक जिला में बनाई गई टीम को विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षित किया जाएगा। ये टीमें स्कूल, कॉलेज और अन्य हॉटस्पॉट क्षेत्रों में जाकर महिलाओं से बात करेंगी और उनको आ रही दिक्कतों को दूर करेंगी।
नशा तस्करों की संपत्ति को बनाएं निशाना
डीजीपी ने कहा कि प्रदेश में नशा तस्करी करने वालों को किसी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। उनकी अवैध संपत्तियों को निशाना बनाएं। वहीं, लोगों को साइबर अपराध से बचाव को जागरूक करने को लेकर जल्द ही बल्क एसएमएस सर्विस शुरू की जाएगी। उन्होंने पुलिस अधीक्षकों को निर्देश देते हुए कि वह अपने अपने क्षेत्रों में लेन ड्राइविंग का पालन कराएं। गुरुग्राम के पुलिस आयुक्त विकास अरोड़ा ने बताया कि गुरुग्राम में ड्रोन के माध्यम से चालान किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि 1 दिसम्बर से 13 दिसंबर तक लेन ड्राइविंग को लेकर 6000 वाहनों के चालान किए गए हैं।
महिलाओं के विरुद्ध अपराध में 12 प्रतिशत कमी
डीजीपी ने कहा कि प्रदेश में वर्ष -2023 में महिलाओं के विरुद्ध अपराध में 12 प्रतिशत तक कमी दर्ज की गई है। इसी प्रकार डकैती संबंधी मामलों में वर्ष 2022 की तुलना में वर्ष 2023 में 30 प्रतिशत, छीनाझपटी संबंधी मामलों में 18.33 प्रतिशत, गंभीर चोट संबंधी मामलो में 8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।
























