आठ किलोमीटर की गोवर्धन पूजा शोभायात्रा। महादेव और महाकाली के तांडव के साथ ही भूत-पिशाचों की टोली। कहीं भालू, कहीं वानर तो कहीं शेरों का स्वरूप धारण किए कलाकार।

किसी लाग विमान पर राधा-कृष्ण का रास तो कहीं गोपियों की टोली हर किसी का मन मोह रही थीं। यदुवंशियों ने गोवर्धन पूजा शोभायात्रा की 5244 वर्ष पुरानी परंपरा निभाई।
यादव समाज ने लहुराबीर से नमो घाट तक शोभायात्रा निकाली। शोभायात्रा में पूर्वांचल के विभिन्न अखाड़ों के पहलवान, लंका, कतुआपुरा के मनरी कलाकार, डमरूवादक, हाथी, घोड़ा, डांडिया नृत्य, भगवान स्वरूप नृत्य, आग वाली जोड़ी, फर्री कलईया आकर्षण का केंद्र रही।
मुख्य अतिथि सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा कि यादव समाज को शिक्षा में बहुत मेहनत करने की जरूरत है। यादव समाज की जहां भी उन्नति हुई या हो रही है वह शिक्षा के कारण हो रही है।
विशिष्ट अतिथि अशोक यादव एडवोकेट ने कहा कि समाज को एकजुट होकर समाज के कुरीतियों को दूर करना चाहिए।
यादव समाज ट्रस्ट के अध्यक्ष अशोक यादव ने कहा कि यादव समाज की उन्नति उनके स्वयं के कठिन परिश्रम की बदौलत है यह किसी की कृपा से नहीं है।