31 मिनट पहले
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तस्वीर जून की है, जब PM मोदी ने अमेरिका दौरे के वक्त हेनरी किसिंजर से मुलाकात की थी।
अमेरिका के पूर्व विदेश मंत्री हेनरी किसिंजर का बुधवार को निधन हो गया। वे 100 साल के थे। न्यूयॉर्क टाइम्स को मिले एक टेप के मुताबिक नाजी जर्मनी से भागकर अमेरिका पहुंचे किसिंजर की सोच में भारतीयों को लेकर नफरत झलकती थी। किसिंजर के लिए यह माना जाता है कि उनका झुकाव पाकिस्तान के पक्ष में ज्यादा रहा।
उन्होंने PM इंदिरा गांधी के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल किया था। इसके अलावा किसिंजर ने भारत की महिलाओं को लेकर भी अभद्र शब्द कहे थे।

अमेरिका के तत्कालीन एनएसए हेनरी किसिंजर 3 जून 1971 को लाखों बंगाली शरणार्थियों को पनाह देने के लिए भारत और तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के खिलाफ थे। -फाइल फोटो
किसिंजर का भारत से कई मुद्दों पर विवाद था
किसिंजर 1973 से 1977 तक अमेरिका के 2 पूर्व राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन और जेराल्ड फोर्ड के कार्यकाल में विदेश मंत्री थे। हालांकि उस दौर में उनका भारत के साथ कई मुद्दों पर विवाद था।
1971 में भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान किसिंजर ने पाकिस्तान का साथ दिया था। रूसी मीडिया स्पुतनिक के मुताबिक जंग के दौरान राष्ट्रपति निक्सन के कहने पर किसिंजर ने चीन से अपनी सेना को भारत की सीमा के पास तैनात करने को कहा था।
अमेरिकी राष्ट्रपति का मानना था कि भारतीय सीमा के पास चीनी सैनिकों की तैनाती से भारत सरकार डर जाएगी और ईस्ट पाकिस्तान (बांग्लादेश) से पीछे हट जाएगी। हालांकि चीन ने ऐसा करने से इनकार कर दिया था। जुलाई 2005 में अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने इस जंग से पहले हुई निक्सन और किसिंजर के बीच बातचीत से जुड़े कुछ टेप रिलीज किए थे। न्यूयॉर्क टाइम्स को भी ये टेप मिले थे।
इसमें किसिंजर ने भारत की तत्कालीन PM इंदिरा गांधी और भारतीयों के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल किया था। उन्होंने भारतीय महिलाओं को लेकर भी अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया था।
मोदी का भाषण सुनने पहुंचे थे किसिंजर
जून 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका के दौरे पर गए थे। यहां उनका भाषण हुआ। भाषण सुनने किसिंजर व्हीलचेयर पर पहुंचे। उन्होंने भाषण के बाद PM मोदी से मुलाकात भी की थी।

जून 2023 में PM मोदी अमेरिका दौरे पर थे। किसिंजर उनका भाषण सुनने आए। भारत में अमेरिकी राजदूत एरिक गार्सेटी उन्हें लेकर पहुंचे थे।
चीन-अमेरिका के रिश्तों के लिए किसिंजर अहम थे
किसिंजर की बदौलत ही अमेरिका और चीन के बीच कूटनीतिक रिश्तों की शुरुआत हुई थी। उन्हें 1973 में वियतनाम जंग खत्म करवाने में अपनी भूमिका के लिए नोबेल पुरस्कार से नवाजा गया था।

जुलाई 2023 में किसिंजर चीन के दौरे पर गए थे। उन्होंने ही 70 के दशक में अमेरिका के चीन से बिगड़ते रिश्तों को संभाला था।
साल 1971 की बात है, जब चीन और अमेरिका के बीच कोई ऑफिशियल राजनयिक संबंध नहीं थे। तब हेनरी किसिंजर ने चीन का सीक्रेट दौरा किया था, ताकि चीन के राष्ट्रपति माओ और अमेरिका के राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन के बीच मीटिंग कराई जा सके।
इसके अगले ही साल यानी 1972 में माओ और निक्सन की मुलाकात के बाद दोनों देशों के बीच रिश्तों की शुरुआत हुई थी। यह पहली बार था, जब कोई अमेरिकी राष्ट्रपति चीन के दौरे पर पहुंचा था। वियतनाम और कोरिया में एक-दूसरे के खिलाफ दो जंग लड़ चुके अमेरिका और चीन के लिए यह फैसला काफी अहम था।
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चीन और अमेरिका के विवाद के बीच 100 साल के पूर्व अमेरिकी विदेश मंत्री हेनरी किसिंजर ने गुरुवार को राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की। हेनरी किसिंजर वही अमेरिकी नेता हैं जिन्होंने 1970 के दशक में चीन से बिगड़ते रिश्तों को संभाला था। हालांकि अभी अमेरिका ने कहा है कि ये किसिंजर की निजी यात्रा है। वो अमेरिका के प्रतिनिधि के तौर पर नहीं गए हैं। पढ़ें पूरी खबर…




























