हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में पिछले कई दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण पंजाब के बांधों में पानी का स्तर बढ़ने के कारण कई क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। कपूरथला, फिरोजपुर व फाजिल्का जिलों में करीब 14,200 एकड़ क्षेत्र बाढ़ से प्रभावित है और होशियारपुर व गुरदासपुर में भी हालात खराब हैं। कपूरथला में बच्चों व बुजुर्गों समेत 600 लोगों को रेस्क्यू करके राहत शिविर में पहुंचाया गया है। फिरोजपुर में एक गांव का संपर्क टूट गया है। पंजाब सरकार पूरी स्थिति को लेकर हिमाचल सरकार और भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) के भी संपर्क में है।
जल स्रोत मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने प्रभावित जिलों में स्थिति का जायजा लेने के लिए संबंधित डिप्टी कमिश्नरों के साथ टेलीफोन पर बातचीत की और उन्हें प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत राहत कैंप स्थापित करने के निर्देश दिए। साथ ही बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं के लिए प्राथमिकता के आधार पर डॉक्टरी सहायता मुहैया करवाने के भी आदेश दिए। उन्होंने तरनतारन और फिरोजपुर जिलों के डिप्टी कमिश्नरों को हरिके हेडवर्क्स की चौबीस घंटे निगरानी के लिए बोला है।
अस्थायी बांधों में दरारें
मंत्री गोयल ने बताया कि पौंग बांध का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है जो 1378 फीट के करीब पहुंच गया है। इस कारण धीरे-धीरे बांध से पानी छोड़ा जा रहा है। पानी छोड़ने के बाद सबसे पहले हिमाचल के गांव पड़ते हैं। उनका पूरा प्रयास है कि किसी का भी नुकसान न हो। उन्होंने कहा कि पंजाब के तीन जिलों में बांधों के अंदरूनी तरफ वाले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। इन क्षेत्रों में किसानों द्वारा बनाए गए अस्थायी बांधों में दरारें आ गई हैं। इस कारण 13,500 एकड़ क्षेत्र में फसल प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि कपूरथला में 3,000 एकड़ क्षेत्र में फसल का नुकसान हुआ जबकि लोगों को राहत शिविर में पहुंचाया गया। इनमें से काफी लोग बाढ़ प्रभावित क्षेत्र को छोड़ने के लिए तैयार नहीं हो रहे हैं। गोयल ने कहा कि वर्ष 2023 जैसी स्थिति बनी हुई है लेकिन सरकार के पूरे प्रबंधों के कारण स्थिति काबू में है।