4 घंटे पहले
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मंकीपॉक्स वायरस अब अफ्रीका के बाहर भी तेजी से फैलने लगा है। स्वीडन और पाकिस्तान के बाद अब फिलीपींस में भी सोमवार को मंकीपॉक्स का केस मिला है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक इस साल फिलीपींस में मिला ये पहला केस है। इससे पहले दिसंबर में भी इस वायरस के केस मिले थे।
फिलीपींस के स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि मरीज अपने देश से कहीं बाहर नहीं गया था। मरीज में कौन सा वैरिएंट मिला है इसका पता नहीं चल पाया है। इससे पहले, पाकिस्तान में शुक्रवार (16 अगस्त) को मंकीपॉक्स के तीन केस मिले थे। तीनों मरीज UAE की यात्रा करके लौटे थे।
वहीं, स्वीडन में गुरुवार (15 अगस्त) को मंकीपॉक्स का मामला सामने आया था। अफ्रीका के बाद यह पहला मामला था। रिपोर्ट्स के मुताबिक मरीज में मंकीपॉक्स का क्लेड आई वैरिएंट पाया गया, जो कि एक जानलेवा वैरिएंट है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने 14 अगस्त को Mpox यानी मंकीपॉक्स को ग्लोबल पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित किया है। यह दो साल में दूसरी बार है जब इस बीमारी को हेल्थ इमरजेंसी बताया गया है। WHO की रिपोर्ट के मुताबिक इस साल विश्व में मंकीपॉक्स से अब तक 537 मौत हो चुकी है। कांगो में इस बीमारी का प्रकोप फैला हुआ है। इसकी चपेट में पड़ोसी देश भी आ रहे हैं।

आमतौर इस वायरस से संक्रमण के ज्यादा दुष्प्रभाव नहीं होते हैं, लेकिन कुछ मामलों में यह घातक हो सकता है।
क्या है मंकीपॉक्स
मंकीपॉक्स चेचक जैसी एक वायरल बीमारी है। आमतौर इस वायरस से संक्रमण के ज्यादा दुष्प्रभाव नहीं होते हैं, लेकिन कुछ मामलों में यह घातक हो सकता है। इसके चलते फ्लू जैसे लक्षण दिखते हैं और शरीर पर मवाद से भरे घाव हो जाते हैं। यह वायरस ऑर्थोपॉक्सवायरस जीनस फैमिली का ही मेंबर है, जो चेचक (स्मालपॉक्स) के लिए भी जिम्मेदार है।
WHO इसलिए भी चिंतित है क्योंकि मंकीपॉक्स के अलग-अलग प्रकोप में मृत्यु दर अलग-अलग देखी गई है। कई बार तो यह 10% से भी अधिक रही है। यह इसलिए अधिक खतरनाक साबित हो सकता है, क्योंकि यह संक्रामक बीमारी है। इसलिए WHO ने इसे लेकर सबसे उच्च स्तर का अलर्ट जारी किया है।
मंकीपॉक्स के क्या लक्षण हैं
- किसी व्यक्ति के वायरस के एक्सपोजर में आने के बाद इसके लक्षण सामने आने में कई दिन या कुछ सप्ताह का समय लग सकता है।
- इसके लक्षण आमतौर पर एक्सपोजर के 3 से 17 दिन बाद दिखने शुरू होते हैं। जब कोई व्यक्ति वायरस के एक्सपोजर में आया और जब इसके लक्षण दिखने शुरू हुए, इस बीच के समय को इनक्यूबेशन पीरियड कहते हैं।
- मंकीपॉक्स के लक्षण आमतौर पर 2 से 4 सप्ताह तक बने रहते हैं।

- मंकीपॉक्स का सबसे शुरुआती लक्षण बुखार होता है। फिर बुखार शुरू होने के लगभग 1 से 4 दिन बाद त्वचा पर दाने निकलने शुरू होते हैं।
- इसमें निकलने वाले दाने अक्सर पहले चेहरे पर दिखते हैं। इसके बाद हाथ या पैर पर दिखाई देते हैं और फिर शरीर के अन्य हिस्सों में फैल जाते हैं।
- हालांकि, साल 2022 में शुरू हुए प्रकोप से जुड़े मामलों में दाने अक्सर जननांग क्षेत्र से शुरू होते थे। कुछ लोगों के दाने मुंह या गले से शुरू हो रहे थे।
- मंकीपॉक्स के रैश कई चरणों से गुजरते हैं। शुरू में निकले चपटे दाने फफोले में बदल जाते हैं। फिर ये छाले मवाद से भर जाते हैं। उसके बाद पपड़ी बन जाती है और 2 से 4 सप्ताह की अवधि तक सूखकर खत्म हो जाते हैं।
- ये दाने मुंह, चेहरे, हाथ, पैर, लिंग, योनि या गुदा पर कहीं भी हो सकते हैं। कई बार तो ये गले में भी हो जाते हैं।
- जब से मंकीपॉक्स के लक्षण दिखने शुरू होते हैं, तब से लेकर आपके दाने और पपड़ी ठीक होने तक संक्रमित व्यक्ति इसे फैला सकता है। इसके अलावा लक्षण विकसित होने से पहले भी यह संक्रमित व्यक्ति के जरिए फैल सकता है।
क्या मंकीपॉक्स से बचने का कोई उपाय है
मंकीपॉक्स के प्रकोप से हमें कई वैक्सीन बचा सकती हैं। कुछ वैक्सीन इसके लिए ही तैयार की गई हैं, जबकि कुछ वैक्सीन चेचक के लिए तैयार की गई थीं, जो इसे रोकने में कारगर हैं।
- मंकीपॉक्स रोकने के लिए मार्केट में JYNNEOSTM वैक्सीन भी उपलब्ध है, जो इम्वाम्यून या इम्वेनेक्स के नाम से मिल सकती है।
- अफ्रीका में इसे बड़े स्तर पर इस्तेमाल किया जाता है। इसके आंकड़े बताते हैं कि यह वैक्सीन मंकीपॉक्स को रोकने में 85% तक प्रभावी है।
- चेचक का एक टीका ACAM2000 भी इसे रोकने में काफी हद तक कारगर साबित हुआ है।
- विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, चेचक के टीके लगवा चुके लोगों की इम्यूनिटी मंकीपॉक्स वायरस से बचाने के लिए काफी हद तक कारगर है।
- मुश्किल ये है कि चेचक का संक्रमण रुक जाने के कारण कई देशों में इसका टीकाकरण लगभग 40 साल पहले ही बंद कर दिया गया था। ऐसे में यहां के लोग इसकी जद में आ सकते हैं।
मंकीपॉक्स का इलाज क्या है
- सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के मुताबिक, मंकीपॉक्स के संक्रमण के लिए वर्तमान में कोई खास उपचार उपलब्ध नहीं है। हालांकि, कुछ दवाओं की मदद से इसके फैलने को नियंत्रित किया जा सकता है।
- मार्केट कुछ दवाएं पहले से मौजूद हैं, जो मंकीपॉक्स के इलाज में इस्तेमाल के लिए अप्रूव्ड हैं और बीमारी के खिलाफ काफी हद तक प्रभावी भी रही हैं।
- इसके इलाज में आमतौर पर सिडोफोविर, एसटी -246 और वैक्सीनिया इम्युनोग्लोबुलिन का इस्तेमाल किया जाता है।














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