पटना में इंडिगो की फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग हुई है। 6E- 5009 फ्लाइट ने दिल्ली के लिए उड़ान भरी थी तभी इससे पक्षी टकराया। यह जानकारी एयरपोर्ट अथॉरिटी ने दी है।
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विमान में कुल 169 यात्री सवार थे। फिलहाल तकनीकी टीम विमान की मरम्मत में जुटी हुई है।
पढ़िए एक पक्षी इतने बड़े विमान को कितना नुकसान पहुंचा देता है कि उसकी आनन-फानन में लैंडिंग करानी पड़ती है…
1.8 किलो के पक्षी का प्लेन से टकराना बंदूक की गोली से भी ज्यादा खतरनाक
जब कोई पक्षी उड़ते हुए विमान से टकराता है, तो उसे ‘बर्ड स्ट्राइक’ या ‘बर्ड हिट’ कहा जाता है।
एक रिपोर्ट के मुताबिक 1.8 किलो का एक पक्षी जब किसी तेज रफ्तार विमान से टकराता है तो 3,50,000 न्यूटन फोर्स पैदा होता है। इसे ऐसे समझें कि 0.365 मीटर की नली वाली बंदूक से जब 700m/s की रफ्तार से एक 40 ग्राम का बुलेट फायर होता है तो इससे 2,684 न्यूटन फोर्स पैदा होता है। यहां न्यूटन, फोर्स का यूनिट है। यह विज्ञान की भाषा हुई।
अब इसे आसान भाषा में समझें तो 1.8 किलो का एक पक्षी जब विमान से टकराता है तो इसका फोर्स एक बुलेट की तुलना में करीब 130 गुना ज्यादा होता है। ABC साइंस की रिपोर्ट के मुताबिक 5 किलो के एक पक्षी का 275 किमी/घंटा के रफ्तार से किसी विमान से टकराना वैसा ही है जैसे 100 किलो भार के किसी बैग के 15 मीटर ऊपर से जमीन पर गिरना।
हालांकि, विमान को ‘बर्ड हिट’ से बचाने के लिए सावधानियां बरती जाती हैं, लेकिन जब प्लेन के टर्बाइन से टकराकर पक्षी विमान के इंजन में फंसता है तो इससे हादसे का खतरा बढ़ जाता है।

‘बर्ड हिट’ के खतरनाक होने के लिए ये 4 बातें जिम्मेदार
‘बर्ड हिट’ के ज्यादातर मामलों में पक्षी किसी प्लेन के सामने से या किनारे से टकराता है। इस दौरान प्लेन के विंग से पक्षियों के टकराने की आशंका ज्यादा होती है। जब चिड़िया प्लेन के विंडशील्ड से टकराती है तो इसमें दरार आ जाती है। इसकी वजह से केबिन के अंदर हवा के दबाव में अंतर होता है। ‘बर्ड हिट’ किसी प्लेन के लिए कितना खतरनाक या घातक हो सकता है, ये इन 4 बातों पर निर्भर करता है…
1. पक्षी का वेट
2. पक्षी की साइज
3. पक्षी के उड़ान भरने की स्पीड
4. पक्षी के उड़ान भरने की दिशा
हर दिन 34 ‘बर्ड हिट’ के मामले सामने आते हैं
इंटरनेशनल सिविल एविएशन ऑर्गेनाइजेशन (ICAO) ने 91 देशों पर सर्वे किया। इसमें पाया कि हर रोज 34 ‘बर्ड हिट’ के मामले दुनिया भर में सामने आते हैं। इसकी वजह से हर साल दुनिया भर में कॉमर्शियल प्लेन को करीब 7.79 हजार करोड़ रुपए का सालाना नुकसान होता है। हालांकि, 92% ‘बर्ड हिट’ के मामले बिना किसी डैमेज के होते हैं।

एयरपोर्ट के पास से पक्षियों को हटाने के लिए अपनाए जाते हैं 3 तरीके..
- स्पीकर: सिंगापुर एयरपोर्ट पर बर्ड हिट से बचने और पक्षियों को भगाने के लिए वैन तैनात की जाती है। इसमें लंबी दूरी तक पक्षियों को भगाने के लिए गनशॉट से लेकर 20 तरह की आवाज निकालने वाले लाउडस्पीकर लगे होते हैं।
- लेजर गन: सूरत एयरपोर्ट पर बर्ड हिट से फ्लाइट को बचाने के लिए और पक्षियों को भगाने के लिए लेजर लाइट या लेजर गन का सहारा लिया जा रहा है। दरअसल, लेजर गन से लाइट और साउंड साथ निकलता है जो पक्षियों के ध्यान को भटकाने का काम करता है।
- शूटर: दुनिया के कई बड़े एयरपोर्ट पर विमान को बर्ड हिट से बचाने के लिए शूटर की नियुक्ति की जाती है। पाकिस्तान के लाहौर एयरपोर्ट अथॉरिटी ने 2020 में 12 बर्ड शूटर्स पक्षियों को मारने के लिए बहाल किए थे।

117 साल पहले ‘बर्ड हिट’ का पहला मामला सामने आया था
बर्ड हिट का पहला मामला 1905 में हवाई जहाज बनाने वाले ओरविल राइट यानी राइट ब्रदर्श में से एक भाई ने रिपोर्ट की थी। ओरविल जब एक मकई के खेत के ऊपर से फ्लाइट उड़ा रहे थे, तब पक्षियों के एक झुंड में वो फंस गए। इस दौरान एक चिड़िया उनके प्लेन से टकराई थी।
हालांकि, दुनिया में बर्ड हिट की वजह से होने वाली बड़ी घटनाओं की संख्या कम है। ज्यादातर मामले में हवाई जहाज को कम नुकसान पहुंचता है, लेकिन कई बार यह खतरनाक भी साबित हो जाता है।

यह तस्वीर उस वक्त की है जब 2009 में हडसन नदी में ‘बर्ड हिट’ के बाद Airbus 1549 विमान को उतारा गया था।
2009 में ‘बर्ड हिट’ की एक घटना जिसने दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा
हर साल दुनिया भर में ‘बर्ड हिट’ के 10 हजार से ज्यादा मामले सामने आते हैं, लेकिन 15 जनवरी 2009 में अमेरिका में घटी एक घटना ने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींचा था। दरअसल, US एयरवेज फ्लाइट 1549 के न्यूयॉर्क सिटी से उड़ान भरते ही एक पक्षी विमान से टकराया।
यह ‘बर्ड हिट’ इतना जोरदार था कि पक्षी के टकराते ही विमान के इंजन में आग लग गई। हालांकि खतरे को भांपते हुए पायलट ने हडसन नदी में फ्लाइट को लैंड करा दिया। जिससे बड़ा खतरा टल गया।
इमरजेंसी लैंडिंग से जुड़ी ये खबर पढ़ें…
इंडिगो फ्लाइट टर्बुलेंस में फंसी:रायपुर से दिल्ली आ रही थी, 80 KMPH की आंधी के कारण हवा में कई चक्कर लगाए, फिर सेफ लैंडिंग

छत्तीसगढ़ के रायपुर से दिल्ली जा रही इंडिगो की फ्लाइट 6E 6313 रविवार को टर्बुलेंस में फंस गई। दिल्ली में लैंड करने से पहले पायलट को फ्लाइट को दोबारा हवा में उड़ाना पड़ा। ऐसा दिल्ली-NCR में दोपहर के वक्त धूलभरी आंधी के कारण हुआ।
इसके बाद फ्लाइट ने आसमान में कई चक्कर लगाए। बाद में एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से क्लियरेंस मिलने के बाद फ्लाइट सुरक्षित लैंड कराई गई। फ्लाइट के हवा में चक्कर काटने का वीडियो भी सामने आया है। इसमें नजर आ रहा है कि फ्लाइट में बैठे पैसेंजर्स घबराए हुए हैं। पूरी खबर पढ़ें…





















