Delhi Air Pollution Survival Guide: सर्दियां शुरू होते ही दिल्ली एक बार फिर जहरीली धुंध की चादर में लिपट गई. हवा की क्वालिटी कई दिनों से खराब से बेहद खराब बनी हुई है. यह समस्या अब हर साल दोहराई जाने वाली सच्चाई बन चुकी है, प्रदूषण बढ़ता जा रहा है और इसके स्वास्थ्य पर पड़ने वाले खतरे भी उतने ही गंभीर होते जा रहे हैं. ऐसे में खुद को सुरक्षित रखना अब ऑप्शन नहीं, बल्कि लोगों की मजबूरी है. मगर कुछ लोग इसे अभी भी नॉर्मल समझकर इग्नोर कर रहे हैं और अपनी सेहत को जोखिम में डाल रहे हैं.
दिल्ली के मशहूर कार्डियोलॉजिस्ट और नई दिल्ली के सफदरजंग एन्क्लेव में स्थित आशलोक हॉस्पिटल के फाउंडर-डायरेक्टर डॉ. आलोक चोपड़ा, जिनको 40 सालों का अनुभव है, उन्होंने हाल ही में एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें उन्होंने दिल्ली की भयानक AQI स्थिति पर चिंता जाहिर करते हुए लोगों को इससे बचने के तरीके भी बताए.
डॉ. चोपड़ा ने वीडियो की शुरुआत में ही कहा, ‘मैं दिल्ली में 72 साल से रह रहा हूं और आज मैं यह कहने में शर्म महसूस करता हूं कि मेरी दिल्ली किस हालत में पहुंच गई है.’
2017 में डॉक्टरों ने दी थी चेतावनी
डॉ. चोपड़ा बताते हैं कि हम इस समय दुनिया की सबसे जहरीली हवा में सांस ले रहे हैं. वे बताते हैं कि यह खतरा अचानक नहीं आया. पिछले एक दशक से हवा की गुणवत्ता लगातार गिर रही है, 2017 में डॉक्टरों ने इंडिया गेट पर मार्च कर लोगों को चेताया था कि आने वाले समय में हालात और बिगड़ेंगे और आज वही भविष्यवाणी सच साबित हो रही है.
सबसे ज्यादा फिक्र बात यह है कि लोग अब इस जहरीली हवा को ‘नॉर्मल’ मानने लगे हैं. मास्क पहनना बंद कर दिया है और बच्चे भी इस खतरनाक AQI के बावजूद स्कूल जा रहे हैं और लोग यह सोचकर लापरवाह हो गए हैं कि अगर बाकी कोई सावधानी नहीं ले रहा तो उन्हें भी नहीं लेनी चाहिए.
डॉ. चोपड़ा के अनुसार, इस खतरनाक प्रदूषण के बीच खुद को बचाने के लिए हर शख्स को खुद को सुरक्षित रखने के लिए कुछ अहम कदम उठाने की जरूरत है. जिनके के जरिए वो खुद को और अपने परिवार की आने वाली जिंदगी को सेफ कर पाए.
जरूर फॉलो करें ये बेसिक प्रोटेक्शन
- बाहर निकलते समय हमेशा N95 मास्क पहनें.
- बच्चों और बुजुर्गों को जितना हो सके घर के अंदर रखें.
- रात में खासकर एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें.
- खुले आसमान के नीचे वर्कआउट न करें.
- पर्याप्त पानी पिएं ताकि शरीर में हाइड्रेशन बना रहे.
प्रदूषण से लड़ने में मदद करने वाले फूड्स खाएं
- नींबू
- हल्दी
- पालक
- अंगूर
- एवोकाडो
- मेवे
- अनार
- कीवी
सप्लीमेंट्स
- विटामिन C + विटामिन E, विटामिन D
- करक्यूमिन
- क्वेरसेटिन
- बीटा-कैरोटीन
- B कॉम्प्लेक्स
- ओमेगा-3 और फिश ऑयल
इनका सप्लीमेंट्स का इस्तेमाल भी आप कर सकते हैं. मगर इन्हें अपनी लाइफस्टाइल का हिस्सा बनाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.
घर की हवा को बनाएं बेहतर
- इंडोर प्लांट्स जैसे स्नेक प्लांट, मनी प्लांट, स्पाइडर प्लांट, एलोवेरा, रबर प्लांट लगाएं.
- ह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल करें.
- AQI कम होने के समय घर की खिड़कियां खोलें.
इन चीजों से घर के अंदर बचें
- मोमबत्ती, धूपबत्ती, रूम फ्रेशनर न जलाएं.
- धूम्रपान और वेपिंग पूरी तरह बंद करें.
- लकड़ी या कचरा न जलाएं.
- एयरोसोल स्प्रे का इस्तेमाल न करें.
सलाह: यह लेख सिर्फ जानकारी के लिए है. यह सोशल मीडिया पर शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है. किसी भी सप्लीमेंट या उपचार को अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.
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