2020 में कपूरथला से शुरू हुआ कबड्डी खिलाड़ियों की हत्या का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। तीन साल में कपूरथला में अरविंदरजीत सिंह पड्डा और जालंधर के शाहकोट में संदीप नंगल अंबिया समेत अब तक 10 खिलाड़ियों की हत्या हो चुकी है। इसी वर्ष 31 अक्तूबर को लुधियाना में कबड्डी खिलाड़ी तेजपाल की हत्या का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि 4 नवंबर को लुधियाना में ही एक और कबड्डी खिलाड़ी गुरविंदर सिंह को जान से मार दिया गया। इस हत्या की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ली है।
इस हत्या के साथ ही कबड्डी और अपराध की स्याह दुनिया का एक और लिंक उजागर हो गया है। पंजाब में कबड्डी का मतलब पैसा, पावर और पॉपुलैरिटी हो गया है। पिछले कुछ वर्षों से पंजाब में कबड्डी के मैदान रक्तरंजित हो रहे हैं। गुरविंदर सिंह की हत्या के बाद पंजाब से कनाडा, अमेरिका और यूके तक खिलाड़ियों में गैंगस्टरों का खौफ बढ़ गया है। हाल ही में अमेरिका व कनाडा में जग्गू भगवानपुरिया की मां के नाम पर करवाया जा रहा कबड्डी कप गैंगस्टरों ने धमकी देकर बंद करवा दिया।
कनाडा के रहने वाले खिलाड़ी परविंदर सिंह का कहना है कि आपराधिक गैंग खिलाड़ियों को मजबूर कर मैच फिक्स करवाते हैं या उन्हें अपने लीग में शामिल करने के लिए धमकाते हैं। इसके लिए विदेश से पैसा आता है। कनाडा, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया में कबड्डी के टूर्नामेंट होते हैं। एनआरआई इनमें करोड़ों रुपये इनाम के तौर पर ऑफर करते हैं। इस दौरान कई ग्रुपों में प्रतिस्पर्द्धा चलती है।
























