
हरियाणा कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष उदयभान
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हरियाणा में विधानसभा चुनावों की सरगर्मी है। सभी दलों ने सत्ता पाने के लिए अपने योद्धा मैदान में उतारे हुए हैं और पार्टी की रणनीति के तहत जमकर प्रचार में जुटे हैं। खुद की जीत और दूसरेे को मात देने के लिए शह और मात की चालें चली जा रही हैं। रैैलियों और रोड शो का पूरा शोर है। भाजपा की हैट्रिक रोकने के लिए कांग्रेस पूरे दमखम के साथ मैदान में डटी है। काग्रेस की चुनाव को लेकर क्या तैयारियां और रणनीति समेत संगठन और भितरघात को लेकर कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष चौधरी उदयभान से अमर उजाला ने विशेष बातचीत की। प्रस्तुत है बातचीत के प्रमुख अंश :
आपके पास दस साल से संगठन नहीं, भाजपा की पूरा सेना है, कैसे मुकाबला करेंगे
कौन कहता है कि कांग्रेस के पास संगठन नहीं है। हमारा पूरा संगठन है, सभी जिलों और ब्लाक में प्रभारी हैं। अगर हमारा संगठन नहीं है तो फिर रैलियों में इतनी भीड़ कहां से आई रहा है। कांग्रेस की सोच वाले लोग हमारा संगठन है। जनता खुद कांग्रेस के लिए चुनाव लड़ रही है और कांग्रेस को खुला समर्थन मिल रहा है।
कांग्रेस में गुटबाजी क्यों नहीं थम रही है, आज पार्टी का घोषणा पत्र जारी किया गया, लेकिन कुमारी सैलजा यहां नहीं हैं?
कांग्रेस में कोई गुटबाजी नहीं है, गुटबाजी तो भाजपा में है। गुटबाजी के चलते ही मनोहर लाल को सीएम पद से हटाया गया और अब पीएम की रैलियों तक में उनको नहीं बुलाया जा रहा है। जहां तक कुमारी सैलजा की बात है तो आज किसी सांसद को नहीं बुलाया गया था। हालांकि, मैने कुमारी सैलजा से फोन पर बात की थी, लेकिन उन्होंने कहा कि उनके पहले से ही कार्यक्रम तय हैं, इसलिए नहीं आ सकती। वह भी पार्टी प्रत्याशियों के प्रचार में जुटी हैं।
सीएम पद को लेकर कांग्रेस में कई दावेदार हैं, सैलजा, सुरजेवाला खुलेआम कह रहे हैं
कांग्रेस पार्टी में लोकतंत्र है, कार्यकर्ता और नेता अपनी बात कह सकते हैं। राजनीति में सभी की इच्छाएं होती हैं। सीएम पद का फैसला चुने गए विधायक और हाईकमान का होता है। हाईकमान जिसको भी बनाएगा वही सभी को मंजूर होगा।
हरियाणा में कांग्रेस के उम्मीदवार कहां पर ठहरते हैं और पार्टी क्या मानती है कि कितनी सीटें आएंगी
इस बार कांग्रेस 2005 का रिकार्ड तोड़ने जा रही है। 2005 में कांग्रेस ने 67 सीटें जीती थी, लेकिन इस बार पार्टी की इतनी लहर है कि पिछले सारे रिकार्ड टूटने वाले हैं।
टिकट नहीं मिलने पर कई स्थानों पर कांग्रेस के ही बागी चुनाव लड़ रहे हैं, पार्टी उन पर क्या एक्शन ले रही है
अनुशासनहीनता कतई बर्दास्त नहीं है। जो भी बागी थे उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही हैं। निर्दलीय चुनाव लड़ने वालों को छह साल के लिए पार्टी से निष्काषित किया गया है। साथ ही अगर कहीं पार्टी विरोधी गतिविधियां मिली और किसी ने प्रत्याशी के साथ भितरघात किया तो उनके खिलाफ भी एक्शन लिया जाएगा।






























