चंडीगढ़ प्रशासन ने प्रॉपर्टी टैक्स में बड़ी बढ़ोतरी की है। इससे आम जनता और कारोबारियों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा। नई दरें मंगलवार से लागू हो गई हैं। प्रशासन ने कमर्शियल प्रॉपर्टी टैक्स दोगुना और रेजिडेंशियल टैक्स तीन गुना कर दिया गया है। गृह सचिव मनदीप सिंह बराड़ की तरफ से इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए हैं।
Trending Videos
यह अधिसूचना पंजाब म्युनिसिपल कॉरपोरेशन एक्ट- 1976 के तहत जारी की गई है। नए आदेशों के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए कमर्शियल, इंडस्ट्रियल और इंस्टीट्यूशनल संपत्तियों पर टैक्स 6 फीसदी की दर से वार्षिक दर मूल्यांकन (एआरवी) पर लगाया जाएगा। वर्तमान में यह तीन फीसदी है।
यह भी पढ़ें: रील का चक्कर: पत्नी ने बीच सड़क पर लगाए ठुमके, कांस्टेबल पति पर गिरी गाज, चंडीगढ़ पुलिस ने किया सस्पेंड
वहीं, चंडीगढ़ म्युनिसिपल कॉरपोरेशन बायलॉज-2003 के तहत समूह 5 की श्रेणी में आने वाली संपत्तियों और सेवा शुल्क की श्रेणी में आने वाली संपत्तियों पर 3 फीसदी की मौजूदा दरें लागू रहेंगी। सरकारी इमारतों को प्रॉपर्टी टैक्स से छूट दी गई है, लेकिन इन इमारतों से संबंधित विभागों को सेवा शुल्क का भुगतान करना होगा। यह सेवा शुल्क कुल कर के 75 फीसदी की दर से निर्धारित किया जाएगा। रेजिडेंशियल संपत्तियों पर अब प्रॉपर्टी टैक्स की दरें पहले से तीन गुना अधिक होंगी। इस बढ़ोतरी से लोगों पर तो भारी बोझ पड़ेगा लेकिन निगम की आमदनी सालाना 60-65 करोड़ से 160-180 करोड़ हो जाएगी। यह नई अधिसूचना एक अप्रैल से लागू हो गई है।