
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट।
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पंजाब में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की रुकी हुई परियोजनाएं जल्द पूरी करने के लिए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने डीजीपी को अधिगृहित भूमि का कब्जा दिलाने के लिए पुलिस सहायता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही पुलिस बल मुहैया करवाने में कोताही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का भी आदेश दिया है।
एनएचएआई ने याचिका दाखिल करते हुए भारतमाला परियोजना के तहत मेमदपुर (अंबाला)- बनूड़ (आईटी सिटी चौक)- खरड़ (चंडीगढ़) गलियारे के लिए भूमि के संबंध में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को चुनौती दी थी। एनएचएआई ने याचिका में कहा था कि वैधानिक प्रावधानों की अनदेखी करते हुए राज्य सरकार के अधिकारियों द्वारा बेहद अधिक मुआवजा तय किया जा रहा है। पंजाब में 13000 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं के बारे में जानकारी दी और बताया कि राशि जमा करने के बावजूद कब्जा नहीं दिया गया है। दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे, लुधियाना रूपनगर से खरड़ हाईवे, लुधियाना-बठिंडा हाईवे इसी वजह से लंबित हैं।
हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान हरियाणा व पंजाब के एजी, एसीएस रेवेन्यू, एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी और सड़क व परिवहन मंत्रालय के उपसचिव से एनएचएआई के भूमि का कब्जा लेने में आने वाली बाधाओं के मुद्दे को हल करने में सहायता मांगी।



























