-हरियाणा में साइबर सुरक्षा के लिए 30 और नए वर्क स्टेशन शुरू
-पुलिस महानिदेशक ने हरियाणा 112 की बिल्डिंग में किया विधिवत शुभारंभ
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में बढ़ रहे साइबर अपराध के मामलों पर रोक लगाने के लिए हरियाणा पुलिस ने बडा़ फैसला लिया है। अब हरियाणा की साइबर टीमें दूसरे राज्यों में जाएंगी और वहां से हरियाणा में साइबर घटनाओं को अंजाम देने वालों पर शिकंजा कसेंगी। यह निर्णय सोमवार को यहां डीजीपी शत्रुजीत कपूर की अध्यक्षता में हुई पुलिस अधिकारियों की बैठक में लिया गया।
इससे पहले, डीजीपी ने साइबर अपराध के मामले सुलझाने के लिए 30 और नए वर्क स्टेशनों की शुरुआत की। पुलिस महानिदेशक ने कहा कि धोखाधड़ी से लोगों के पैसों को तुरंत ब्लॉक करने के लिए साइबर सुरक्षा की टीम के साथ बैंककर्मी भी यहां बैठेंगे, ताकि लाइव साइबर अपराध के मामलों पर तत्परता से कार्यवाही करते हुए उन्हें बचाने के लिए एकजुटता से कार्य किया जा सके।
डीजीपी ने कहा कि हाल ही में मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल, राजस्थान, मेवात और उनके आसपास के क्षेत्रों से हरियाणा में होने वाले साइबर हमले बहुत अधिक बढ़ रहे हैं, इनसे निपटने के लिए एक समर्पित टीम अलग-अलग राज्यों में भेजने के बारे में निर्णय लिया गया। यह टीम स्थानीय अधिकारियों और साइबर अपराध इकाइयों के साथ निकट समन्वय में काम करेगी। इस दौरान एडीजीपी साइबर ओपी सिंह, एडीजीपी क्राइम अजय सिंघल, एडीजीपी आईटी अरशिन्दर चावला, पुलिस आयुक्त सिबास कविराज, एसपी ईआरएसएस-1 नुपूर , एसपी ईआरएसएस-2 राजेश कालिया, एसपी साइबर अमित दहिया सहित कई अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
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केवाईसी का गलत तरीके से प्रयोग कर खोले जा रहे फर्जी खाते
पुलिस विभाग के संज्ञान में आया है कि साइबर अपराधियों द्वारा ग्राहकों की केवाईसी का गलत तरीके से इस्तेमाल करते हुए फर्जी बैंक खाते खोले जाते हैं। ऐसे में उन सभी तथ्यों का गंभीरता से अध्ययन किया जाना जरूरी है जिनके चलते साइबर अपराधी फ्रॉड करते हैं।
संदिग्ध नंबरों पर रखी जा रही कड़ी नजर
इसी कड़ी में बैंकों को ग्राहक सत्यापन और पहचान सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया जा रहा है। बैठक में बताया गया कि टेलीकॉम कंपनियों को संदिग्ध फोन नंबरों और फोन नंबरों के तेजी से बदलाव पर कड़ी नजर रखने के लिए कहा गया है और टेलीकॉम कंपनियों द्वारा भी आश्वस्त किया गया है कि साइबर अपराधियों द्वारा मोबाइल नंबर के दुरुपयोग को रोकने के लिए हर संभव मदद की जाएगी।




























