वायु प्रदूषण से थोड़ी राहत, सिर्फ छह शहरों का एक्यूआई 300 से ऊपर
हवा की गति व दिशा में बदलाव आने से मिली राहत, 28 व 29 को हो सकती है बारिश
साेनीपत प्रदेश का सबसे प्रदूषित शहर,
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हवा की दिशा व गति में परिवर्तन से हरियाणा के कई शहरों को वायु प्रदूषण से थोड़ी राहत मिली है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक शनिवार को सिर्फ छह जिलों का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 300 से ऊपर दर्ज किया गया है। बाकी शहर खराब व मध्यम श्रेणी में आ गए हैं। यानी उनका एक्यूआई 300 से नीचे रिकॉर्ड हुआ। पर्यावरण विशेषज्ञ का कहना है कि शुक्रवार से रात से हवा की थोड़ी गति बढ़ी है। हवा की गति पांच से नौ किलोमीटर प्रतिघंटा रिकॉर्ड हुई है। साथ ही हवा की दिशा अब उत्तर से पूर्वी चल रही है। इससे कुछ जगहों पर प्रदूषण रहेगा तो कुछ जगहों पर राहत मिलेगी। बोर्ड के मुताबिक सोनीपत राज्य का सबसे ज्यादा प्रदूषित शहर दर्ज किया गया। सोनीपत का एक्यूआई 368 रिकॉर्ड हुआ। वहीं, फतेहाबाद का 366, गुरुग्राम का 322, भिवानी का 316, फरीदाबाद का 309 और हिसार का एक्यूआई 307 रिकॉर्ड किया गया। पीजीआई के पर्यावरण विशेषज्ञ प्रो. रविंद्रा खैवाल ने बताया कि हवाओं की वजह से कुछ शहरों के वायु प्रदूषण में राहत मिली है। साथ ही हवा की गति भी बढ़ी है। अगले कुछ दिन ऐसा रहेगा। उसके बाद 28 व 29 नवंबर को एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जो थोड़ा मजबूत होगा। हालांकि बारिश कितनी होगी यह बता पाना अभी संभव नहीं है। तीन से चार दिन में इसका अपडेट मिल जाएगा। मगर बारिश की उम्मीद है। इससे प्र्रदूषण से राहत मिलेगी। वहीं, पराली जलाने के मामलों में भी थोड़ी कमी आई है।
पराली की घटनाओं में आई कमी
उधर पराली की घटनाओं में कमी दर्ज की गई हैं। हरियाणा में शनिवार को पराली जलाने की 21 घटनाएं दर्ज की गईं। वहीं, पंजाब में 637 घटनाएं रिकॉर्ड हुईं। पंजाब में 12 नवंबर से लगातार एक हजार से ज्यादा पराली जलाने की घटनाएं रिकॉर्ड की जा रही थी। पंजाब में अब तक 33 हजार से ज्यादा घटनाएं रिकॉर्ड हुई हैं। वहीं हरियाणा में दो हजार। हरियाणा के फतेहाबाद में 499, जींद में 311, कैथल में 259, करनाल में 121, कुरुक्षेत्र में 151 और अंबाला में 187 घटनाएं दर्ज की गई हैं।






























