पंचायतों को मिलेगी छूट, स्थानीय स्तर पर तय होंगे रेट
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि ग्रामीण विकास के लिए ई-टेंडरिंग प्रणाली कारगर साबित हुई है। हजारों की संख्या में ई-टेंडरिंग पर कार्य शुरू हो गए हैं। 5 लाख रुपये तक के कार्य क्वोटेशन के माध्यम से पंचायतें स्वयं करवा रही हैं और इससे ऊपर की राशि के कार्य ई-टेंडरिंग के माध्यम से हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले जिला उपायुक्त की अध्यक्षता में गठित कमेटी को निर्माण सामग्री के रेट तय करने में कठिनाई आती थी, अब सरकार ने इसमें छूट देते हुए प्रावधान किया है कि जिले में एक स्थानीय कमेटी अपने जिले में एक रेट तय करेगी। भविष्य में उन पंचायतों को छूट दी जा सकती है, जिनकी आय कम है। मौजूदा समय में 5 लाख रुपये और आय का 50 प्रतिशत तक कराने की पावर है। जल्द ही इस संंबंध में नोटिफिकेशन आएगा।
चरखी दादरी के गांव घसौला में मेडिकल कॉलेज के लिए जमीन चयनित
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज खोलने की योजना के अंतर्गत पलवल, फतेहाबाद, चरखी दादरी और कैथल में भी जल्द ही इस योजना को अमलीजामा पहनाया जाएगा। इन जिलों में भी मेडिकल कॉलेज के लिए जमीन चिह्नित कर ली गई है और कैथल में शिलान्यास भी किया जा चुका है। चरखी दादरी के गांव घसौला में भी जमीन का चयन किया जा चुका है और आगामी प्रक्रिया को जल्द ही पूरा किया जाएगा।




























