-डीजीपी शत्रुजीत कपूर की अध्यक्षता में हुई आला अधिकारियों की बैठक
-फीडबैक सैल के आधार पर तय होगी थानों और अधिकारियों की रेटिंग
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। लंबित मामलों को लेकर एक्शन मोड में आए प्रदेश के गृह मंत्री अनिल विज के बाद अब डीजीपी शत्रूजीत कपूर ने विभाग के आला अधिकारियों की बैठक बुलाई। बैठक में डीजीपी ने सख्त निर्देश दिए हैं कि शिकायतों का निवारण जल्द किया जाए। साथ ही ये जरूर तय करें कि जांच निष्पक्ष हो। पुलिस थानों में आने वाली शिकायतों पर की गई कार्रवाई को लेकर अधिकारी शिकायतकर्ताओं को रैंडम कॉल करें और उनसे असंतुष्ट होने का कारण पूछे। इसके आधार पर थानों तथा अधिकारियों की रेटिंग की जाएगी।
मंगलवार को मोगीनंद पुलिस लाइन में हुई बैठक में लंबित मामलों के साथ-साथ अन्य मुद्दों पर चर्चा की गई। डीजीपी कपूर ने कहा कि वरिष्ठ अधिकारी फीडबैक सेल के माध्यम से की गई कॉल को अपने स्तर पर जरूर चेक करें और पारदर्शिता के लिए कॉल रिकॉर्डिंग करवाना सुनिश्चित करें। बैठक में एडीजीपी साइबर ओपी सिंह, एडीजीपी सीआईडी आलोक मित्तल, एडीजीपी आईटी अर्शिनदर चावला, एडीजीपी लाॅ एंड आर्डर ममता सिंह, एडीजीपी हिसार श्रीकांत जाधव, एचपीए मधुबन के डायरेक्टर सीएस राव, एडीजीपी रोहतक केके राव, आईजी आधुनिकीकरण अमिताभ ढिल्लों, आईजी राजश्री सिंह, पुलिस आयुक्त विकास अरोड़ा, आईजी अंबाला एवं पुलिस आयुक्त सिबास कविराज सहित कई अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
ट्रक और ट्रॉली आदि पर डीजे बजाने वाले वाहनों के भी किए जाएंगे चालान
कपूर ने कहा कि शादी और त्योहारों के सीजन में कई लोग ट्रक ट्राली आदि में तेज आवाज में डीजे चलाते हैं। ऐसे वाहनों का रजिस्ट्रेशन रद्द करने के साथ-साथ डीजे के मालिक पर भी नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। वहीं, अवैध लाल-नीली बत्ती और सायरन को लेकर टोल प्लाजा के साथ समन्वय स्थापित किया गया है और ऐसे वाहनों का पंजीकरण रद्द करने के लिए परिवहन विभाग के साथ पत्राचार जारी है।
मनचलों के खिलाफ चलेगा अभियान
बैठक में कहा गया कि महिलाओं के साथ मारपीट और छेड़छाड़ की घटनाएं अधिक हैं। महिलाओं के साथ छेड़छाड़ वाले स्थान पर पुलिस कर्मियों की टीमें तैनात की गई हैं। कपूर ने कहा कि पुलिसकर्मी महाविद्यालय और विश्वविद्यालय के बाहर महिलाओं के साथ छेड़छाड़ करने वाले मनचलों के खिलाफ अभियान चलाते हुए महिला पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाएं जो यहां पढ़ने वाली छात्राओं से संपर्क में रहें।
30 नवंबर तक तैयार होगी नशा बेचने और खरीदने वालों की सूची
बैठक में नशा मुक्ति प्रयासों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। बैठक में बताया गया कि नशा बेचने वालों और खरीदने वालों की सूची तैयार की जा रही है जो 30 नवंबर तक बनकर तैयार हो जाएगी। ग्राम प्रहरियों का डेटा 30 नवंबर तक पूरा होने की उम्मीद है। बैठक में बताया गया कि 1 जनवरी से 19 अक्तूबर के बीच 3128 एफआईआर दर्ज की गईं और विभिन्न अपराधों के तहत 4218 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया।
स्वाॅट टीमों की तैयारी
बैठक में बताया गया कि प्रदेश के अलग-अलग जिलों में 53 स्वाॅट टीमें, जिन्हें विशेषाधिकार दिए जाते हैं और उच्च स्तरीय अपराधों के खिलाफ कार्रवाई को तैयार रहती है, लगाई जाएंगी। इनमें से पांच टीमें गुरुग्राम जिला, चार-चार टीमें फरीदाबाद, सोनीपत तथा पंचकूला, एक-एक टीम हांसी, दादरी, सिरसा तथा डबवाली में लगाई जाएगी। बाकी बचे जिलों में दो- दो टीमों को नियुक्त किया जाएगा।



























