
पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने 8वीं की छात्रा से यौन उत्पीड़न के दोषी शिक्षक की 5 साल की सजा के खिलाफ दाखिल की गई अपील को खारिज कर दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि बच्चों का यौन उत्पीड़न एकांत में होता है, ऐसे में केवल उसके बयान पर भी आरोपी को दोषी करार दिया जा सकता है।
याचिका दाखिल करते हुए संजय कुमार ने निचली अदालत द्वारा सुनाई गई 5 साल की सजा को चुनौती दी थी। याची ने बताया कि अभियोजन के पास कोई सबूत नहीं है। केवल पीड़िता के बयान के आधार पर उसे दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए।
हाईकोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि अक्सर बच्चों के साथ उत्पीड़न एकांत में होता है, ऐसे में कोई गवाह होने की संभावना कम होती है। बच्चे ऐसे मामलों में अभिभावकों को बताने में देरी कर देते हैं, जो सामान्य है। इस मामले में पीड़िता ने सारी घटना की जानकारी प्रिंसिपल को दी थी, एक्शन लेने की बजाय उन्होंने बच्ची को चुप रहने के लिए कह दिया था।


























