
वायु प्रदूषण का बढ़ने लगा खतरा
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चंडीगढ़ में बढ़ते प्रदूषण स्तर ने चिंता बढ़ा दी है। रविवार को सेक्टर-22 के एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन पर सुबह 11 बजे एक्यूआई 353 दर्ज किया गया, जो कि बहुत खराब की श्रेणी में आता है। सेक्टर-53 में 349 और सेक्टर-25 में 324 का एक्यूआई रिकॉर्ड किया गया। पूरे शहर का एक्यूआई पूरे दिन 350 के आसपास बना रहा। इससे लंबे समय तक दोपहिया वाहन चलाने वालों की आंखों में जलन होने की शिकायतें बढ़ रही हैं। हवा में घुली धूल और प्रदूषक से स्वास्थ्य संबंधी चिंता बढ़ गई हैं।
चंडीगढ़ पॉल्यूशन कंट्रोल कमेटी ने शहर की इस स्थिति को देखते हुए नगर निगम को पानी का छिड़काव और अन्य एहतियाती उपाय करने के निर्देश दिए हैं। इन प्रयासों के तहत सड़कों पर पानी का छिड़काव किया जा रहा है ताकि धूल के कणों को हवा में उठने से रोका जा सके। इसके अलावा निर्माण कार्यों पर भी सख्त निगरानी रखी जा रही है ताकि प्रदूषण की स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।
शहर में सेक्टर-22, 25 और 53 में एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन लगे हुए हैं। रविवार को सुबह 11 बजे सेक्टर-22 में एक्यूआई 353, सेक्टर-25 में 324 तो सेक्टर-53 में 349 दर्ज किया गया। रात 9 बजे तक सेक्टर-22 में एक्यूआई 346, सेक्टर-25 में 322 तो सेक्टर-53 में 344 तक रिकॉर्ड किया गया।
एहतियात बरतने की सलाह
विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदूषण का यह स्तर लंबे समय तक रहने पर स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकता है। जहरीली हवा में मौजूद छोटे-छोटे प्रदूषण के कण सांस के माध्यम से फेफड़ों में पहुंच जाते हैं, जिससे सांस लेने में परेशानी, खांसी, गले और आंखों में जलन जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। प्रदूषण के उच्च स्तर को देखते हुए बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा जैसी बीमारियों से ग्रसित लोगों को विशेष रूप से एहतियात बरतने की सलाह दी जा रही है।

























