चंडीगढ़ में नगर निगम की तरफ से कूड़ा फैलाने पर लोगों के घर ढोल बजाने के फैसले का विरोध तेज हो गया है। बुधवार सुबह कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ता मेयर हरप्रीत कौर बबला के घर पहुंच गए। वह लोग डड्डूमाजरा डंपिग ग्राउंड का कूड़ा लेकर उनके आवास पर पहुंचे गए। साथ ही ढोल बजाने लगे।
लोगों ने कहा कि डंपिंग जोन की गंदगी की जिम्मेदार मेयर खुद हैं। हम वीडियो बना कर लाए हैं, ऐसे में ढाई सौ रुपये का इनाम हमें दिया जाए। आवाज सुनकर मेयर के पति और भाजपा नेता देवेंद्र बबला बाहर निकले। उन्होंने कहा कि यह गलत है। बबला ने कहा कि यह आवास उनका है, मेयर का नहीं। इस पर कांग्रेस नेताओं का कहना था कि मेयर भी यहीं रहती हैं। इस तरह से लोगों को जलील और शर्मिंदा करने के लिए बनाया गया नियम सब पर लागू होना चाहिए।

बबला ने कहा कि यह कमिश्नर द्वारा लागू किया गया है। इसको लेकर आज नगर निगम में बैठक है। करीब 15 मिनट तक मेयर के घर पर विवाद चलता रहा। उसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ता वहां से वापस लौट गए।
पूर्व सांसद भी जता चुके हैं विरोध
नगर निगम के इस फैसले का चारों तरफ विरोध हो रहा है। यहां तक कि भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद सत्यपाल जैन ने भी इसको गैरकानूनी करार दिया है और उनका कहना है कि इस पर मानहानि का मुकदमा हो सकता है। कांग्रेस के इस प्रदर्शन का नेतृत्व ममता डोगरा ने किया था। बताया जा रहा है कि इस तरह का निर्देश संसद की तरफ से आया था हालांकि इसको लेकर कोई ऑफिशियल बयान नहीं आ रहा है।

जिन दो लोगों के यहां कूड़ा फैलाने के बाद ढोल बजाया गया था उसमें से एक व्यक्ति की पत्नी ने पिछले दो दिन से खाना तक नहीं खाया है। उन्होंने अमर उजाला से बातचीत में विशेष तौर पर बताया था कि वह अभी गांव से आए थे और उनको इस तरह की किसी भी व्यवस्था के बारे में पता नहीं था। नगर निगम की तरफ से जब ऐसा व्यवहार हुआ तो वह सदमे में चली गई है और घर पर खाना पीना भी बंद कर दिया है।





























