नई दिल्ली12 मिनट पहले
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दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को बंगला आवंटित करने में देरी के लिए केंद्र सरकार को फटकाई लगाई। जस्टिस सचिन दत्ता ने कहा कि सरकार का रवैया ‘सभी के लिए फ्री सिस्टम’ जैसा है। किसे मकान मिलेगा, किसे नहीं, यह सरकार चुनिंदा तरीके से तय नहीं कर सकती।
केंद्र की तरफ से पेश, एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (ASG) चेतन शर्मा ने कहा था कि जब संभव होगा, तब केजरीवाल को आवास आवंटित कर दिया जाएगा। इस पर जस्टिस दत्ता ने नाराजगी जताई और केंद्र सरकार को 18 सितंबर तक आवासीय व्यवस्था और वेटिंग लिस्ट से बंगला आवंटन की नीति का रिकॉर्ड जमा करने को कहा।
दरअसल, आम आदमी पार्टी (AAP) ने राष्ट्रीय पार्टी के अध्यक्ष के तौर पर केजरीवाल को बंगला देने की मांग की है। AAP ने दावा किया कि उसने इसको लेकर पिछले साल 20 सितंबर को केंद्र को पहली बार पत्र लिखा था। उसके बाद एक रिमाइंडर भी भेजा था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
AAP की तरफ से दायर याचिका में कहा गया है राजनीतिक दलों को जनरल पूल से आवास आवंटन के नियमों के तहत, किसी राष्ट्रीय पार्टी के अध्यक्ष को दिल्ली में एक सरकारी आवास का अधिकार है। बशर्ते कि उनके पास न तो अपना कोई मकान हो और न ही उन्हें किसी पद पर रहने के चलते आवास आवंटित किया गया हो।
AAP ने कहा कि कि केजरीवाल ने मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद 4 अक्टूबर, 2024 को 6, फ्लैगस्टाफ रोड स्थित अपना सरकारी आवास खाली कर दिया था। इसके बाद से, वह मंडी हाउस के पास एक पार्टी मेंबर के सरकारी आवास में रह रहे हैं।





















