डबलिन45 मिनट पहले
- कॉपी लिंक

यूरोपीय देश आयरलैंड में भारतीय नागरिकों पर हमलों की घटनाओं से दक्षिण एशियाई प्रवासियों में डर का माहौल है। करीब एक माह में डबलिन, क्लोंडालकिन, बॉलिमुन और वाटरफोर्ड में भारतवंशी प्रवासियों पर 6 हमले हुए हैं।
इनमें पीड़ितों को गंभीर चोटें आईं। मासूम बच्चों से मारपीट हुई और नस्लीय अपशब्द कहे गए। हालात यह है कि कई भारतीय और एशियाई लोगों का कहना है कि वे आयरलैंड छोड़कर अन्य यूरोपीय देश में बसने की योजना बना रहे हैं।
एक भारतीय नर्स ने सोशल मीडिया पर ओपन लेटर शेयर कर बताया कि सहकर्मियों ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। वे अब आयरलैंड छोड़ने का विचार कर रहीं हैं।
आयरलैंड इंडिया काउंसिल के अध्यक्ष प्रशांत शुक्ला के मुताबिक, रोजाना भारतीयों पर हमलों की शिकायतें मिल रही हैं। लेकिन पुलिस ने कोई गिरफ्तारी नहीं की, जिससे भारतीय समुदाय में निराशा है।
भारतीयों पर हमलों के पीछे दक्षिणपंथी सरकार और वाम विपक्ष का बड़ा हाथ है। वे बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और मकान संकट के लिए भारतीयों को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं इससे हमले बढ़े हैं।

पिछले कई दिनों से भारतीय मूल के लोग नस्लीय हिंसा के खिलाफ आयरलैंड में प्रदर्शन कर रहे हैं।
आयरलैंड की आबादी में करीब 24% प्रवासी
अप्रैल 2025 में आयरलैंड की आबादी 53.8 लाख थी। इसमें से 12.5 लाख प्रवासी हैं, जो कुल जनसंख्या का 24% हैं। प्रवासियों के मामले भारत 45,449 लोगों के साथ टॉप-5 देशों में शामिल है। इस मामले में भारत नॉन-आयरिश नागरिकों में पोलैंड और ब्रिटेन के बाद तीसरे स्थान पर है।
आयरलैंड में मकानों का संकट है। डबलिन में 63% प्रवासी रहते हैं, जिससे किफायती आवास का संकट गंभीर हो गया है। इससे स्थानीय लोगों में नाराज हैं। 2024 में आयरलैंड में महंगाई दर 5.2% रही।
अप्रैल 2025 में बेरोजगारी दर 4.8% थी। आयरलैंड के स्वास्थ्य और सोशल केयर सेक्टर में लगभग 18% कर्मचारी गैर-आयरिश नागरिक हैं। इनमें 3% भारतीय है।
सत्ताधारी दक्षिणपंथी गठबंधन (फाइन गेल और फियाना फाइल) ने आवास संकट और आर्थिक दबाव को हल करने का दावा किया, लेकिन अप्रत्यक्ष रूप से प्रवासियों को जिम्मेदार ठहराने वाले संदेश दिए।
विपक्षी वामपंथी दल सिन फेन ने आवास संकट के लिए प्रवासियों को निशाना बनाया। इंडिपेंडेंट आयरलैंड ने माहौल को और भड़काया।
ब्रिटेन में अवैध रूप से काम करने वाले अप्रवासियों पर सख्ती
ब्रिटेन में अवैध रूप से काम करने वालों पर सख्ती के तहत हुए एक हफ्ते लंबे बड़े अभियान में भारतीय नागरिकों समेत सैकड़ों लोगों को गिरफ्तार किया गया।
इस कार्रवाई को ‘ऑपरेशन इक्वलाइज’ नाम दिया गया है जिसे 20 से 27 जुलाई के बीच यूके होम ऑफिस की इमिग्रेशन एनफोर्समेंट टीमों ने अंजाम दिया।
इसका फोकस डिलीवरी फर्मों के लिए काम करने वाले दोपहिया सवार प्रवासियों पर रहा।
अधिकारियों के अनुसार, इस दौरान 1,780 व्यक्तियों को रोका गया, जिनमें से 280 प्रवासी और शरणार्थी आवश्यक कागजात के बिना काम करते पाए गए। पश्चिम लंदन के हिलिंगडन में हुई एक छापेमारी में सात भारतीय नागरिक पकड़े गए, जिनमें पांच को अवैध काम के लिए हिरासत में लिया गया।
गृह सुरक्षा और शरण मंत्री डेम एंजेला ईगल ने कहा, ‘अवैध काम हमारी सीमा सुरक्षा को कमजोर करता है, इसलिए हम पूरे यूके में प्रवर्तन गतिविधि को तेज कर रहे हैं।’








![JMA – Ninja & Deep Jandu [Official MV] Kaptaan JMA – Ninja & Deep Jandu [Official MV] Kaptaan](https://i.ytimg.com/vi/-dsfIh319s0/maxresdefault.jpg)











