
वर्धमान ग्रुप से चेयरमैन एसपी ओसवाल।
– फोटो : सोशल मीडिया।
विस्तार
वर्धमान ग्रुप के चेयरमैन और मालिक एसपी ओसवाल के साथ हुई सात करोड़ की ठगी के मामले में आरोपियों से पूछताछ में कई तरह के हैरान करने वाले तथ्य सामने आए हैं।
आरोपियों ने एसपी ओसवाल को पूरी तरह से झांसे में लेने के लिए वीडियो कॉल किया और जिस सीट पर आरोपी अधिकारी बन बैठा था, उसके पीछे सीबीआई और अन्य एजेंसियों के लोगो भी लगे थे। इसके साथ ही आरोपियों ने सुप्रीम कोर्ट का कोर्ट रूम तक जाली बना रखा था। आरोपियों ने जज से लेकर वकील तक सब जाली खड़े किए और डिजिटल गिरफ्तारी कर बाकायदा पेशी भी करवाई। जैसे कोर्ट रूम में सवाल जवाब होते हैं तो वैसे ही सवाल-जवाब भी हुए। यहां तक कि उन्हें फिजीकली अरेस्ट करने तक की धमकियां दीं। उन्हें कहा गया कि अगर वह गिरफ्तारी से बचना चाहते हैं तो उनके साथ कॉपरेट किया जाए। इसके बाद आरोपियों ने पैसे ट्रांसफर करवा लिए। जब एसपी ओसवाल को खुद के साथ ठगी का पता चला तो वह भी हैरान हो गए कि ऐसी भी ठगी होती है।
आरोपियों ने फिल्मी स्टाइल में सात करोड़ रुपये ठगने की वारदात को अंजाम दिया। मामले में गिरफ्तार अंतनू चौधरी और आनंद चौधरी को दोबारा अदालत में पेश किया गया। इसके बाद दोनों को जेल भेज दिया गया। पुलिस मामले में निम्मी भट्टाचारियां निवासी गुहाटी, अलोक रंगी निवासी पश्चिम बंगाल, गुलाम मनतोजा निवासी पश्चिम बंगाल, संजय सूत्राधार निवासी आसाम, रिंटू निवासी आसाम, रूमी कलिता निवासी आसामन और जाकिर निवासी आसाम अभी पुलिस गिरफ्त से बाहर है। इनकी तलाश में दबिश दी जा रही है।
टेक्निकल तरीके से अंजाम दिया वारदात को
साइबर सेल के इंचार्ज इंस्पेक्टर जतिंदर सिंह ने बताया कि आरोपियों ने इस वारदात को अंजाम काफी टेक्निकल तरीके से दिया है। आरोपियों के पास एसपी ओसवाल के बारे में पूरी जानकारी थी। आरोपियों को यहां तक पता था कि एसपी ओसवाल के खाते में कितने पैसे हैं, जिससे यह आशंका है कि किसी बैंक वाले ने या फिर किसी ने आरोपियों को पूरी जानकारी शेयर की थी। पुलिस इस बात की जांच करने में जुटी है कि आरोपियों के पास जानकारी कैसे पहुंची और उनके पास नंबर से लेकर बाकी का रिकाॅर्ड कैसे पहुंचा।
आरोपियों का सारा रिकॉर्ड आ चुका
इंस्पेक्टर जतिंदर सिंह ने बताया कि जो आरोपी इस मामले में फरार हैं, उनका सारा रिकाॅर्ड पुलिस के पास पहुंच चुका है। आरोपियों की पूरी जानकारी के साथ साथ उनकी फोटो भी है। जल्द ही पुलिस की टीमें आरोपियों को गिरफ्तार कर लेगी। अलग-अलग राज्यों में रहने वाले आरोपियों के गिरफ्तार करने के लिए अलगश्रअलग राज्यों की पुलिस से भी संपर्क किया जा रहा है ताकि आरोपियों को गिरफ्तार करने में आसानी हो सके।



























