कोलकाता2 घंटे पहले
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साउथ 24 परगना जिले के जयनगर में बच्ची का शव मिलने के बाद लोगों ने पुलिस चौकी पर आगजनी और तोड़फोड़ की थी।
पश्चिम बंगाल के साउथ 24 परगना के जयनगर में 10 साल की बच्ची की मौत मामले की जांच के लिए सरकार ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। एक अधिकारी ने बताया कि SIT का नेतृत्व बरुईपुर के पुलिस अधीक्षक पलाश चंद्र ढाली करेंगे।
पुलिस ने इस मामले में अब तक एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है।
दरअसल, जयनगर के कृपाखाली इलाके के कुलटाली थाना क्षेत्र में स्थानीय लोगों ने 5 अक्टूबर को बच्ची का शव बरामद किया था। वह चौथी क्लास की छात्रा थी। परिवार ने बच्ची से रेप के बाद मर्डर का आरोप लगाया। घटना के विरोध में भीड़ ने महिस्मारी पुलिस चौकी में आग लगा दी और पुलिसकर्मियों पर पथराव किया था।

घटना से पहले आरोपी को एक दुकान से साइकिल उठाकर जाते हुए देखा गया। इसका CCTV फुटेज 6 अक्टूबर को सामने आया था।
CCTV में आरोपी साइकिल पर दिखा 10 साल की बच्ची की मौत मामले में 6 अक्टूबर को आरोपी का CCTV फुटेज सामने आया। घटना से पहले आरोपी को एक दुकान में देखा गया।
CCTV फुटेज में 19 साल का आरोपी गुलाबी शर्ट पहने हुए दिखा, जो दुकान से बाहर निकलकर साइकिल पर जा रहा था। पुलिस का कहना है कि वह साइकिल पर ही नाबालिग को अपने साथ लेकर गया था।
पीड़ित की एक दोस्त ने पुलिस को बताया कि उसने आरोपी और पीड़ित को साइकिल पर देखा था। इसी के बाद पुलिस को हत्यारे की पहचान करने और उसे पकड़ने में मदद मिली थी।
रविवार को कोलकाता हाईकोर्ट ने फिर से पोस्टमॉर्टम कराने के आदेश दिए थे। इसे लेकर सोमवार सुबह बच्ची के शव को पोस्टमॉर्मटम के लिए कोलकाता के मॉर्चुरी से कल्याणी के जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल अस्पताल ले जाया गया है।

CCTV में देखा गया कि आरोपी घटना से पहले दुकान में एक व्यक्ति से बात कर रहा है।
CM बोलीं- POCSO के तहत केस दर्ज हो CM ममता बनर्जी ने इस मामले में प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्शुअल ऑफेंस एक्ट (POCSO) एक्ट में केस दर्ज करने और दोषियों को 3 महीने में मृत्युदंड देने की मांग की थी। साथ ही कहा कि अपराध का कोई रंग, जाति या धर्म नहीं होता। रेप केस का मीडिया ट्रायल बंद होना चाहिए।

कोलकाता हाईकोर्ट का आदेश- दोबारा पोस्टमॉर्टम कराएं बच्ची की मौत मामले में रविवार को कलकत्ता हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। जस्टिस तीर्थंकर घोष ने लड़की के शव का दूसरा पोस्टमॉर्टम कराने का निर्देश दिया।
कोर्ट ने ये सुनवाई मृतक लड़की के माता-पिता की दायर याचिका पर की। कोर्ट ने निर्देश में कहा- सोमवार को बरुईपुर कोर्ट के एडिशनल चीफ ज्युडिशियल मजिस्ट्रेट न्यायिक मजिस्ट्रेट (ACJM) की मौजूदगी में कल्याणी के AIIMS में पोस्टमॉर्टम कराया जाए।
‘पोस्टमॉर्टम कल्याणी AIIMS के डॉक्टर ही करें’ जस्टिस घोष ने आदेश दिया कि पुलिस को POCSO एक्ट में इस मामले का केस दर्ज करना चाहिए। अगर कल्याणी AIIMS में पोस्टमॉर्टम के लिए आवश्यक बेसिक स्ट्रक्चर की कमी है तो इसे कल्याणी में मौजूद जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल अस्पताल में कराया जाए।
जस्टिस घोष ने स्पष्ट तौर पर कहा कि पोस्टमॉर्टम कल्याणी AIIMS के डॉक्टर ही करें, सरकारी अस्पताल के डॉक्टर नहीं। लड़की का शव अभी कांतापुकुर के पीएम हाउस में है। यहीं पर शव का पहला पोस्टमॉर्टम किया गया था।
परिवार बोला- बच्ची के शरीर पर कई चोटें, हाथ-पैर टूटे थे पीड़ित परिवार का घटना को लेकर बड़ा दावा सामने आया। बच्ची की चाची ने न्यूज एजेंसी ANI को बताया कि उसके (बच्ची) शरीर पर कई चोटें थीं। हाथ-पैर टूटे हुए थे। परिवार ने पुलिस पर मामले को नजरअंदाज करने का भी आरोप लगाया।
चाची ने बताया कि बच्ची 4 अक्टूबर को ट्यूशन गई थी। वापस लौटते समय लापता हो गई। उसके पिता ने बच्ची को हर जगह ढूंढने की कोशिश की। जब वह उसे नहीं ढूंढ पाए तो महिस्मारी पुलिस चौकी गए। हालांकि, वहां पुलिस ने उनकी एक नहीं सुनी और जयनगर थाने जाने को कहा।
प्रदर्शन भाजपा नेताओं और पुलिस में झड़प

साउथ 24 परगना में भाजपा नेताओं को पुलिस स्टेशन जाने से रोकने के लिए भारी संख्या में सुरक्षाबलों को तैनात किया गया था।
दूसरी तरफ, घटना के विरोध में भाजपा नेताओं ने 6 अक्टूबर को जिले में विरोध-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों में पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार, सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो, विधायक अग्निमित्रा पॉल भी शामिल थे। इस दौरान पुलिस के साथ उनकी झड़प भी हुई।
ज्योतिर्मय सिंह ने कहा कि हम पुलिस स्टेशन इन्चार्ज से मिलना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने बैरिकेड्स लगा दिए, जैसे हम सांसद नहीं, बल्कि कोई राष्ट्रविरोधी तत्व हों। पुलिस न्याय नहीं चाहती, वह सिर्फ आरोपियों को बचाना चाहती है।
लोग बोले- पुलिस ने कोलकाता रेप-मर्डर केस जैसा रवैया दिखाया

5 अक्टूबर को भीड़ ने महिस्मारी पुलिस चौकी में तोड़फोड़ और आगजनी की।
एक स्थानीय व्यक्ति ने दावा किया कि 4 अक्टूबर को बच्ची के लापता होने के बाद परिवार ने महिस्मारी चौकी में FIR दर्ज कराई थी। हालांकि पुलिस ने इस शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया और कार्रवाई नहीं की। पुलिस का रवैया वैसा ही था जैसा आरजी कर अस्पताल में ट्रेनी डॉक्टर के रेप-मर्डर के बाद शव मिलने के कोलकाता पुलिस का रवैया था।
लोगों ने कहा, ‘जब तक कि हमारी बेटी के रेप और हत्या के सभी आरोपियों को सजा नहीं मिल जाती, तब तक हम आंदोलन करेंगे। पुलिस के उन अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए, जिन्होंने एक्शन लेने में देरी की। अगर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की होती, तो लड़की को बचाया जा सकता था।’
राज्यपाल बोले- समय पर कार्रवाई में देरी के कारण रेप के मामले बढ़े बंगाल के राज्यपाल सी वी आनंद बोस ने राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने न्यूज एजेंसी PTI से कहा कि राज्य सरकार की तरफ से समय पर कार्रवाई के अभाव के कारण रेप के मामले बढ़े हैं।
राज्यपाल ने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार ने कोलकाता के मेडिकल कॉलेज में ट्रेनी डॉक्टर से रेप-मर्डर केस को जिस लापरवाही से हैंडल किया, उससे राज्य में ऐसी घटनाओं को बढ़ावा मिल रहा है। आनंद बोस ने कहा कि बंगाल में हिंसा का कोई इलाज नहीं दिख रहा है।
भाजपा बोली- ममता बनर्जी बंगाल में लड़कियों की सुरक्षा नहीं कर पा रहीं

साउथ 24 परगना में बच्ची का शव मिलने के बाद कोलकाता में भारतीय जनता युवा मोर्चा ने 5 अक्टूबर को प्रदर्शन किया था।
केंद्रीय मंत्री और पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा, ‘कृपाखाली में ट्यूशन से लौट रही चौथी कक्षा की एक बच्ची से रेप के बाद हत्या कर दी गई। ग्रामीणों ने नदी के तल से उसका शव बरामद किया। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी महिलाओं की सुरक्षा नहीं कर पा रही हैं। नवरात्रि में भी बंगाल की लड़कियां सुरक्षित नहीं हैं। मैं ममता बनर्जी से पूछना चाहता हूं कि आपके कुशासन में और कितनी बंगाली लड़कियों को यह दुर्दशा झेलनी पड़ेगी।’
भाजपा विधायक अग्निमित्रा पॉल ने कहा, ‘ट्यूशन से लौट रही 9 साल की बच्ची का शव नहर में मिला। ममता बनर्जी की पुलिस ने FIR दर्ज नहीं की। जिन लोगों ने बच्ची का शव देखा है, उनके अनुसार उसके शरीर पर अभया (कोलकाता ट्रेनी डॉक्टर रेप-मर्डर) जैसी ही चोटें थीं। पोस्टमॉर्टम केंद्र सरकार के अधीन किसी अस्पताल में होना चाहिए। CM को जिम्मेदारी लेनी चाहिए। वे आरोपियों को क्यों बचा रही हैं।
पुलिस बोली- FIR दर्ज होने के तुरंत बाद कार्रवाई की, एक आरोपी गिरफ्तार दूसरी तरफ, पुलिस ने कहा कि उन्होंने शिकायत मिलने के तुरंत बाद कार्रवाई की। पुलिस के मुताबिक, शुक्रवार रात 9 बजे FIR दर्ज हुई थी। इसके बाद पुलिस हरकत में आई और शुरुआती जांच के बाद आज सुबह एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने 19 साल के मुस्तकिन सरदार को लड़की के मर्डर के आरोप में गिरफ्तार किया है।
ट्रेनी डॉक्टर के रेप-मर्डर को लेकर अब भी आंदोलन जारी कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में 8 अगस्त की देर ट्रेनी डॉक्टर का रेप-मर्डर हुआ था। अस्पताल के सेमिनार हॉल में ट्रेनी डॉक्टर का शव मिला था। उनके दोनों आंखों, मुंह और प्राइवेट पार्ट्स से खून बह रहा था।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में बताया गया क डॉक्टर के प्राइवेट पार्ट्स पर गहरा घाव पाया गया। आरोपी ने डॉक्टर की चीख दबाने के लिए उनकी नाक, मुंह और गले को लगातार दबाया। गला घोंटने से थायराइड कार्टिलेज टूट गया। पेट, होंठ, उंगलियों और बाएं पैर पर चोटें पाई गईं। फिर उन पर इतनी जोर से हमला किया कि चश्मा टूट गया और शीशे के टुकड़े उनकी आंखों में घुस गए।
पुलिस ने 10 अगस्त को कोलकाता पुलिस के सिविक वालंटियर संजय रॉय को रेप-मर्डर केस में गिरफ्तार किया था। सबूतों से छेड़छाड़ के आरोप में CBI ने मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष और ताला पुलिस स्टेशन के प्रभारी अभिजीत मंडल को 14 सितंबर को गिरफ्तार किया था।
घटना के विरोध में बंगाल सहित देशभर में लोगों का विरोध प्रदर्शन हुआ। बंगाल में अभी तक जूनियर डॉक्टरों का प्रदर्शन जारी है। वे स्वास्थ्य सचिव को पद से हटाने की मांग कर रहे हैं।
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