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- Arvind Kejriwal ED Case Bail Update; Sunita Kejriwal | Delhi Liquor Scam
नई दिल्ली12 मिनट पहले
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केजरीवाल को 21 मार्च को अरेस्ट किया गया था। (फाइल)
दिल्ली शराब नीति केस में गिरफ्तार हुए अरविंद केजरीवाल की जमानत याचिका पर राउज एवेन्यू कोर्ट में गुरुवार (20 जून) को लगातार दूसरे दिन सुनवाई हुई। जज न्यायबिंदु की वेकेशन बेंच ने ED और केजरीवाल की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया।
ED की ओर से पेश हुए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (ASG) एसवी राजू ने कहा कि ED ने हवा में जांच नहीं की है। केजरीवाल के खिलाफ पुख्ता सबूत है। उन्हें बेल नहीं मिलनी चाहिए। वहीं, केजरीवाल की ओर से पेश हुए वकील विक्रम चौधरी ने कहा कि केजरीवाल के खिलाफ पूरा केस सिर्फ कल्पना पर आधारित है।
केजरीवाल को 21 मार्च को अरेस्ट किया गया था। 1 अप्रैल को वे तिहाड़ जेल भेजे गए। सुप्रीम कोर्ट ने 10 मई को उन्हें अंतरिम जमानत दी थी। जमानत पर 21 दिन बाहर रहने के बाद 2 जून की शाम 5 बजे केजरीवाल ने तिहाड़ में सरेंडर किया था। बुधवार को केजरीवाल की न्यायिक हिरासत खत्म हुई थी, जिसे कोर्ट ने 3 जुलाई तक बढ़ा दिया था।

तस्वीर उस वक्त की है, जब सुप्रीम कोर्ट ने 10 मई को अरविंद केजरीवाल को अंतरिम जमानत दी थी।
ED बोली- AAP ने अपराध किया, प्रभारी को दोषी माना जाएगा
बुधवार को ED ने कहा था कि केजरीवाल ने अपनी पार्टी के लिए साउथ ग्रुप से 100 करोड़ रुपए की रिश्वत मांगी थी। ईडी ने कहा था कि मामले में बतौर आरोपी नामजद आम आदमी पार्टी (AAP) कोई अपराध करती है तो इस पार्टी के प्रभारी को दोषी माना जाएगा। केजरीवाल ने साउथ ग्रुप से 100 करोड़ रुपए की रिश्वत मांगी। AAP यह नहीं कह सकती कि केजरीवाल दोषी नहीं है।
केजरीवाल की दलील- पूरा मामला सिर्फ बयानों पर आधारित है
केजरीवाल के वकील ने ईडी के आरोपों पर कहा- CM के खिलाफ पूरा मामला बयानों पर आधारित है। उन्हें हैरानी नहीं होगी यदि कुछ और बयान सामने आए। दिल्ली CM की कोई आपराधिक हिस्ट्री भी नहीं है। ये बयान उन लोगों ने के हैं, जिन्होंने खुद को दोषी माना है। वे लोग संत तो है नहीं। ऐसा लगता है कि इनमें से कुछ को गिरफ्तार किया गया और जमानत देने का वादा कर बयान दिलवाए गए।
पत्नी की मौजूदगी में मेडिकल कराने की भी मांग पर सुनवाई
केजरीवाल ने कोर्ट से मेडिकल एग्जामिनेशन के दौरान पत्नी की मौजूदगी की मांग की भी याचिका भी लगाई थी। इस पर भी कोर्ट में सुनवाई हुई। चौधरी ने कहा कि इस मामले में कोई पक्षपात नहीं होना चाहिए। जब भी कोई अस्पताल में भर्ती होता है तो उसकी पत्नी या उसके अटेंडेंट को भी जाने की अनुमति होती है।
इसके बाद कोर्ट ने पूछा कि जेल अधिकारियों का मामले को लेकर क्या कहना है। केजरीवाल के वकील विवेक जैन ने बताया कि जेल अधिकारी कह रहे हैं कि केजरीवाल को जेल के बाहर नहीं ले जाया जा रहा है, इसलिए पत्नी उनके साथ नहीं रह सकती, लेकिन मेडिकल जांच करने वाले डॉक्टर तो बाहर से आ रहे हैं।

केजरीवाल ने कहा था- पता नहीं, कब बाहर आऊंगा
केजरीवाल ने 2 जून को सरेंडर के पहले AAP कार्यकर्ताओं को संबोधित किया था। उन्होंने कहा था कि मैं देश बचाने के लिए जेल जा रहा हूं। मुझे नहीं पता कब वापस आऊंगा। वहां मेरे साथ क्या-क्या होगा, मुझे नहीं पता।
सुप्रीम कोर्ट ने मुझे चुनाव प्रचार के लिए 21 दिनों की जमानत दी थी। मैं इसके लिए सुप्रीम कोर्ट को धन्यवाद देना चाहता हूं। आज, मैं फिर से तिहाड़ जेल जा रहा हूं। मैंने इन 21 दिनों में एक मिनट भी बर्बाद नहीं किया।
उन्होंने आगे कहा था कि मेरे लिए AAP महत्वपूर्ण नहीं है, हमारे लिए देश महत्वपूर्ण है। मैं दिल्ली के लोगों से कहना चाहता हूं कि मैंने घोटाला किया है। मैं फिर से जेल जा रहा हूं, क्योंकि मैंने तानाशाही के खिलाफ आवाज उठाई है। पूरी खबर पढ़ें…
39 दिन बाद तिहाड़ जेल से बाहर आए थे केजरीवाल
केजरीवाल 10 मई को 39 दिन बाद तिहाड़ जेल से बाहर आए थे। ED ने उन्हें 21 मार्च को गिरफ्तार किया था। इससे पहले जांच एजेंसी उन्हें 9 समन भेज चुकी थी। हालांकि, केजरीवाल एक बार भी पूछताछ के लिए जांच एजेंसी के सामने पेश नहीं हुए थे।
गिरफ्तारी के बाद शुरुआती 10 दिन केजरीवाल ED की हिरासत में थे। 1 अप्रैल को कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया था। 10 मई तक यानी 39 दिन उन्होंने तिहाड़ में बिताए। 10 मई की शाम में वे बाहर आए थे। पूरी खबर पढ़ें…
केजरीवाल पर सुप्रीम कोर्ट में अब तक 7 बार हुई सुनवाई…
- 17 मई को दिल्ली शराब नीति में ED ने राउज एवेन्यू कोर्ट में 8वीं चार्जशीट दाखिल की थी। इसमें केजरीवाल और AAP का नाम शामिल है। इसकी जानकारी ED ने सुप्रीम कोर्ट भी उसी दिन दी थी। पूरी खबर पढ़ें…
- 16 मई को ED की गिरफ्तारी के विरोध में केजरीवाल की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि हमने केजरीवाल को विशेष छूट नहीं दी है। ED का दावा था कि केजरीवाल जमानत पर बाहर जाने के बाद चुनावी भाषणों में कह रहे हैं कि अगर लोगों ने AAP को वोट दिया तो मुझे 2 जून को जेल नहीं जाना पड़ेगा। पढ़ें पूरी खबर…
- 10 मई को सुप्रीम कोर्ट ने केजरीवाल को अंतरिम जमानत दी थी। लोकसभा चुनाव में प्रचार के लिए केजरीवाल को 1 जून तक राहत मिली है। उन्हें 2 जून को हर हाल में सरेंडर करने को कहा गया है। जमानत मिलने के बाद केजरीवाल 10 मई को 39 दिन बाद तिहाड़ जेल से बाहर आए थे।
- 7 मई को केजरीवाल की अंतरिम जमानत पर फैसला सुनाए बिना सुप्रीम कोर्ट की बेंच उठ गई। सुबह साढ़े 10 बजे सुनवाई शुरू होने के बाद लंच से पहले तक कोर्ट ने जमानत की शर्तें तय कर ली थीं। हालांकि, तब ED ने कहा कि केजरीवाल के वकील को 3 दिन सुना गया। हमें भी पर्याप्त समय दिया जाए। पूरी खबर पढ़ें…
- 3 मई को सुनवाई दो घंटे चली थी। इस लंबी बहस के बाद बेंच ने कहा था कि मेन केस यानी जिसमें केजरीवाल ने अपनी गिरफ्तारी और रिमांड को चुनौती दी है, इसमें समय लग सकता है। लोकसभा चुनाव को देखते हुए केजरीवाल की अंतरिम जमानत पर विचार किया जा सकता है, ताकि वे कैंपेन में हिस्सा ले सकें। पूरी खबर पढ़ें
- 30 अप्रैल की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने गिरफ्तारी की टाइमिंग पर सवाल उठाए थे। ED से पूछा था कि चुनाव के पहले ऐसा क्यों किया? पूरी खबर पढ़ें
- 29 अप्रैल की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने केजरीवाल से ED के नोटिस पर सवाल पूछे। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आपको ED ने जो नोटिस भेजे, आपने उन्हें नजर अंदाज क्यों किया। आप गिरफ्तारी और रिमांड के खिलाफ यहां आए, आपने जमानत के लिए ट्रायल कोर्ट क्यों नहीं गए। केजरीवाल के वकील सिंघवी ने कहा था कि गिरफ्तारी अवैध है इसलिए। पूरी खबर पढ़ें
- 15 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने ED को नोटिस देकर गिरफ्तारी पर जवाब मांगा था। सुनवाई के दौरान हलफनामे में ED ने कहा कि कई बार समन भेजे जाने के बावजूद उन्होंने एजेंसी के साथ सहयोग नहीं किया। ED ने यह भी कहा कि केजरीवाल को किसी दुर्भावना या दूसरे कारणों से गिरफ्तार नहीं किया गया है। उनकी गिरफ्तारी जांच का हिस्सा है। पूरी खबर पढ़ें


























