वॉशिंगटन डीसी16 मिनट पहले
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बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) एक संगठन है जो पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत की स्वतंत्रता के लिए लड़ रहा है।
अमेरिकी ने बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) और उसके सहयोगी संगठन मजीद ब्रिगेड को विदेशी आतंकी संगठन (FTO) घोषित किया है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सोमवार देर रात इसकी जानकारी दी।
मार्को रुबियो ने बयान में लिखा, BLA ने 2024 में कराची एयरपोर्ट के पास और ग्वादर पोर्ट अथॉरिटी कॉम्प्लेक्स में आत्मघाती हमलों की जिम्मेदारी ली थी। मार्च 2025 में जाफर एक्सप्रेस ट्रेन को हाईजैक करने की भी जिम्मेदारी ली थी, जिसमें 31 नागरिक और सुरक्षाकर्मी मारे गए थे। 300 से अधिक यात्रियों को बंधक बनाया था।
रुबियो ने कहा,

आज अमेरिकी विदेश विभाग की कार्रवाई ट्रम्प प्रशासन की आतंकवाद से लड़ने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। आतंकवादी संगठन घोषित करना, आतंकवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई में अहम भूमिका निभाता है। यह आतंकवादी गतिविधियों के लिए मिलने वाले समर्थन को रोकने का एक प्रभावी तरीका है।

अमेरिका की ओर से यह ऐलान ऐसे समय में हुआ है जब पाकिस्तानी आर्मी चीफ आसिम मुनीर अमेरिका दौरे पर है। पाकिस्तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक मुनीर एक बार फिर से अमेरिका पहुंचे हैं।मुनीर की यह डेढ़ महीने में दूसरी अमेरिका यात्रा है।
बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) एक संगठन है जो पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत की स्वतंत्रता के लिए लड़ रहा है। इसकी स्थापना 2000 के दशक की शुरुआत में हुई और इसे पहले भी कई देशों द्वारा आतंकी संगठन भी घोषित किया गया है।

अमेरिकी विदेश मंत्रालय की ओर से जारी नोटिफिकेशन। इसमें बताया गया है कि BLA पर कार्रवाई इमिग्रेशन एंड नेशनलिटी एक्ट की धारा 219 और एग्जीक्यूटिव ऑर्डर 13224 के तहत की गई है।
FTO लिस्ट में डालने के 2 बड़े मायने
- संगठन अमेरिका के लिए खतरा: FTO लिस्ट अमेरिका का एक कानूनी टूल है, जिसे अमेरिकी विदेश विभाग तैयार करता है। इस लिस्ट में उन आतंकी संगठनों को डाला जाता है जो अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेश नीति या नागरिकों के लिए खतरा माने जाते हैं।
- मदद करने पर कानूनी कार्रवाई: लिस्ट में शामिल व्यक्ति या संस्था को अगर कोई पैसे, हथियार या अन्य मदद देता है, तो यह गैरकानूनी माना जाता है। उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाती है।
बलूचिस्तान की आजादी के लिए लड़ रहा है BLA

बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) एक संगठन है जो पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत की स्वतंत्रता के लिए लड़ रहा है। इसकी स्थापना 2000 के दशक की शुरुआत में हुई और इसे कई देशों द्वारा आतंकी संगठन भी घोषित किया गया है।
BLA का दावा है कि बलूचिस्तान के प्राकृतिक संसाधनों का शोषण हो रहा है और बलूच लोगों के अधिकार छीन लिए गए हैं। यह संगठन पाकिस्तानी सेना, सरकार और चीनी प्रोजेक्ट्स जैसे CPEC को निशाना बनाता रहा है।
BLA अपनी गुरिल्ला शैली के लिए जाना जाता है। यानी पहाड़ी इलाकों में छिपकर सेना पर हमला करना और तुरंत वापस लौट जाना।
14 मई: बलूच नेता ने PAK से आजादी का ऐलान किया था

पाकिस्तान का कुल एरिया करीब 7.9 लाख वर्ग किमी है। इसमें बलूचिस्तान अलग हुआ, तो पाकिस्तान के पास सिर्फ 4.5 लाख वर्ग किमी बचेगा। भारत के सिर्फ एक राज्य राजस्थान का क्षेत्रफल ही करीब साढ़े तीन लाख वर्ग किमी है।
बलूच नेता मीर यार बलूच ने 14 मई 2025 को पाकिस्तान से बलूचिस्तान की आजादी का ऐलान किया था। उन्होंने इसके पीछे दशकों से बलूच लोगों के मानवाधिकार हनन, किडनैपिंग और हिंसा का हवाला दिया।
मीर यार बलूच ने X पोस्ट में कहा था, ‘बलूचिस्तान के लोगों ने अपना राष्ट्रीय फैसला दे दिया है और दुनिया को अब चुप नहीं रहना चाहिए। आओ हमारा साथ दो।’
18 जुलाई: अमेरिका ने पाकिस्तान समर्थित TRF को आतंकी संगठन घोषित किया था

22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी। पुलवामा अटैक के बाद यह सबसे बड़ा आतंकी हमला था।
इससे पहले अमेरिका ने पाकिस्तान समर्थित द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) को विदेशी आतंकवादी संगठन (FTO) और विशेष रूप से नामित वैश्विक आतंकवादी (SDGT) की लिस्ट में डाल दिया था। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने 18 जुलाई को बयान जारी कर इसकी जानकारी दी थी।
मार्को रुबियो ने बयान में लिखा था, ‘लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का एक मुखौटा और प्रॉक्सी, TRF ने 22 अप्रैल, 2025 को भारत के पहलगाम में हुए हमले की जिम्मेदारी ली थी, जिसमें 26 नागरिक मारे गए थे। यह 2008 में मुंबई हमलों के बाद लश्कर का भारत में नागरिकों पर किया गया सबसे घातक हमला था।’ पूरी खबर पढ़ें…
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