{“_id”:”67724418aaa35af96105eaa6″,”slug”:”amar-ujala-impact-state-of-the-art-de-addiction-centre-will-be-built-on-15-acres-in-haryana-2024-12-30″,”type”:”story”,”status”:”publish”,”title_hn”:”अमर उजाला इम्पैक्ट:हरियाणा में 15 एकड़ में बनेगा अत्याधुनिक नशा मुक्ति केंद्र, विभाग ने प्रस्ताव सरकार को भेजा”,”category”:{“title”:”City & states”,”title_hn”:”शहर और राज्य”,”slug”:”city-and-states”}}
अलख जगाओ, नशा भगाओ अभियान। – फोटो : अमर उजाला
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हरियाणा में नशामुक्ति केंद्रों की व्यवस्था और उपलब्धता पर अमर उजाला की खबरों के बाद प्रदेश सरकार ने फैसला लिया है कि वर्तमान केंद्रों की व्यवस्था जल्द सुधारी जाएगी। साथ ही एक विशाल व आधुनिक नशामुक्ति केंद्र खोला जाएगा। नशा करने वालों को ज्यादा से ज्यादा संख्या में उपचार के लिए केंद्रों में लाने का लक्ष्य है, इसलिए सरकार ने बड़े स्तर पर 15 एकड़ में नशा मुक्ति केंद्र खोलने की योजना तैयार की है।
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प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग ने एक प्रस्ताव तैयार करके केंद्र सरकार को भेजा है। यह केंद्र केवल दवाओं व योग से ही उपचार नहीं करेगा, बल्कि नशे के आदी हो चुके लोगों को एक ऐसा माहौल देगा कि उनकी सोच व जिंदगी ही बदल जाए। इसके लिए प्राकृतिक खेती करवाई जाएगी, इनडोर व आउटडोर खेल करवाए जाएंगे। पढ़ाई-लिखाई के लिए कम्प्यूटर लगेंगे। मनोरंजन के और भी साधन होंगे। इस तरह यह नशामुक्ति केंद्र एक तरह से व्यक्तित्व सुधार केंद्र होगा…देश में अपनी तरह का पहला।
सरकार ने यह कदम अमर उजाला द्वारा चलाए गए अभियान युद्ध-नशे के विरुद्ध की खबरों को संज्ञान में लेते हुए उठाया है। खबरों में बताया गया था कि प्रदेश में नशा मुक्ति केंद्रों के हालात ठीक नहीं हैं। ज्यादातर जगह जिला अस्पतालों के कमरों में केंद्र चल रहे हैं जहां मरीज को दाखिल कर दवा दी जाती है। इसी प्रकार, अन्य सरकारी केंद्रों को वित्तीय कमी का सामना करना पड़ रहा है। इन्हीं खबरों के आधार पर स्वास्थ्य विभाग हरियाणा ने 15 एकड़ का एक नया नशा मुक्ति केंद्र खोलने का प्रस्ताव तैयार किया है। पूरा प्रोजेक्ट बनाकर हरियाणा सरकार ने केंद्रीय समाज कल्याण मंत्रालय को भेज दिया है।
इस समय प्रदेश में कुल 178 नशा मुक्ति केंद्र हैं। चरखीदादरी और पलवल को छोड़कर सभी जिला अस्पताल में नशा मुक्ति केंद्र हैं। इनके साथ ही 11 पुनर्वास केंद्र और 25 साइकेट्रिक होम भी शामिल हैं। केंद्रीय रिपोर्ट के मुताबिक हरियाणा के 16 जिले नशे की गंभीर चपेट में हैं। इनमें सबसे प्रभावित जिले सिरसा और फतेहाबाद हैं।
नशा छुड़वाने को कराई जाएगी प्राकृतिक खेती
प्रस्ताव के तहत योजना है कि पांच एकड़ में मरीजों से प्राकृतिक खेती कराई जाएगी। नुलाई, गुड़ाई से लेकर तमाम काम मरीजों से लिए जाएंगे, ताकि वे नशे की लत को छोड़कर दूसरे कामों में व्यस्त हो सकें। सब्जी के साथ-साथ फलदार पौधे भी लगाए जाएंगे। इनके अलावा, इनडोर और आउटडोर गेम भी प्रस्तावित हैं। साथ ही कंप्यूटर सेंटर भी खोला जाएगा, ताकि मरीजों को कंप्यूटर की जानकारी दी जा सके और वे बाहर कहीं पर भी अपना रोजगार कर सकें। इस बारे में स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. कुलदीप सिंह ने कहा कि प्रस्ताव केंद्र को भेज दिया है। यह मंजूर होने के बाद जगह का चयन किया जाएगा।