चंडीगढ़। चंडीगढ़ प्रशासन ने शिक्षा और खेल नीतियों को जमीनी स्तर पर समयबद्ध तरीके से लागू करने के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं। प्रशासक गुलाबचंद कटारिया ने वीरवार को मुख्य सचिव राजीव वर्मा व अन्य अधिकारियों के साथ इस मुद्दे पर बैठक की। प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने विद्यालय शिक्षा, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं खेल विभागों की एक व्यापक समीक्षा की। शहर में शैक्षणिक ढांचे को मजबूत करने और खेल उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए लागू की जा रही प्रमुख नीतियों और पहलों की प्रगति का मूल्यांकन किया। बैठक में सारंगपुर में प्रस्तावित एजु-सिटी परियोजना, चुने हुए कॉलेजों को स्वायत्त दर्जा देने की योजना और चंडीगढ़ स्किल डेवलपमेंट मिशन के तहत प्रस्तावित संस्थागत साझेदारियों की प्रगति की समीक्षा की गई। बुड़ैल जेल में मॉडल आईटीआई की स्थापना और राष्ट्रीय आईटीआई उन्नयन योजना में भागीदारी को व्यावसायिक एवं तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में परिवर्तनकारी पहल के रूप में रेखांकित किया गया। बैठक में मुख्य सचिव राजीव वर्मा, सचिव विवेक प्रताप सिंह, सचिव प्रेरणा पुरी, विशेष सचिव अभिजीत विजय चौधरी, निदेशक रुबिंदरजीत सिंह बराड़ और अन्य अधिकारी मौजूद थे।
विद्यालय शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान प्रशासक को जानकारी दी गई कि चल रही भर्ती प्रक्रिया के तहत 993 विज्ञापित पदों में से 739 नियुक्तियां की जा चुकी हैं। विद्यालय वॉलीबॉल कार्यक्रम जो अभिनव बिंद्रा फाउंडेशन के सहयोग से शुरू किया गया है, वर्तमान में 108 सरकारी विद्यालयों में लागू किया जा रहा है। इस दौरान उड़ान पहल की समीक्षा की गई। खेल विभाग की समीक्षा में कई प्रमुख पहलों पर चर्चा की गई, जिनमें नवंबर 2025 में प्रस्तावित पहला अंतरराष्ट्रीय चंडीगढ़ मैराथन विशेष रूप से उल्लेखनीय है। यह मैराथन वर्ल्ड एथलेटिक्स की ओर से प्रमाणित रूट पर होगी और इसके लिए बीआईएसएजी द्वारा एक डिजिटल पोर्टल विकसित किया गया है।
सेक्टर-42 में ओलंपिक मानकों के अनुरूप स्वीमिंग पूल, मल्टीपरपज इंडोर हॉल और बालिकाओं के लिए हॉस्टल का निर्माण कार्य प्रगति पर है। सेक्टर-16 के उन्नत क्रिकेट ग्राउंड का उद्घाटन अगस्त 2025 में प्रस्तावित है। उच्च एवं तकनीकी शिक्षा क्षेत्र में प्रशासक ने शिक्षकों की भर्ती और पदों के युक्तिकरण की समीक्षा की। विभाग द्वारा अवगत कराया गया कि दो चरणों की केंद्रीकृत काउंसलिंग प्रक्रिया के परिणामस्वरूप स्नातक और परास्नातक पाठ्यक्रमों में 95 फीसद से अधिक सीटें भर चुकी हैं और शैक्षणिक सत्र 2025–26 के लिए 200 अतिरिक्त स्नातक सीटें जोड़ी गई हैं।