
अमृतसर में आप वर्कर की हत्या
– फोटो : फाइल
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पंजाब में मतदान से कुछ घंटे पहले अमृतसर में आप नेता की गोली मारकर हत्या कर दी गई। गुरु नगरी में मोटरसाइकल सवार दो व्यक्तियों ने आम आदमी पार्टी के वर्कर और उसके साथी पर गोलियां चलाई। वारदात में घायल हुए चार लोगों को अस्पताल में दाखिल करवाया गया है।
घटना सीमांत गांव लक्खूवाल में हुई है। हत्याकांड की जिम्मेदारी गोपी घनशामपुरा गैंग ने ली है। सोशल मीडिया पर डाली गई पोस्ट के आधार पर अमृतसर देहाती पुलिस मामले की जांच कर रही है। दूसरी तरफ हत्याकांड के विरोध में शनिवार को गांव के लोगों ने मतदान का बायकाट किया और सरकार व पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की।
जनकबीर सिंह निवासी गांव लखुवाल कस्बा अजनाला ने पुलिस को बताया कि वह खेती करता है। उनका बेटा दीपइंदर सिंह दीपू भी खेती करता था। इसके अलावा आम आदमी पार्टी का नेता था। उनके बेटे की उम्र 37 साल थी और उसके दो बच्चे हैं। बड़ी बेटी की उम्र 12 साल और बेटे की उम्र 6 साल है।
31 मई की देर रात को वह अपने बेटे दीपू और गांव निवासी मेजर सिंह ,स्वर्ण सिंह ,संदीप सिंह ,सुखचरणजीत सिंह और चरणजीत सिंह के साथ घर के बाहर दरवाजे पर बैठे हुए थे। लोकसभा चुनाव के बारे में आपस में चर्चा कर रहे थे। एक जून को जो मतदान होना था उस दौरान लगाए जाने वाले बूथों पर खाना आदि समान पहुंचाने पर चर्चा हो रही थी।
रात को लगभग 9 बजे मोटरसाइकिल पर सवार दो युवक आए। उनके नजदीक आकर मोटरसाइकिल को खड़ा किया। इसके बाद मोटरसाइकिल के पीछे बैठे युवक ने उतर कर पिस्टल निकाल लिया। कहने लगा के आज दीप इंदर सिंह बचकर न जाए। इसके बाद दूसरे ने भी पिस्तौल निकाल लिया और अंधाधुंध फायरिंग करने लगे। उनके बेटे के शरीर पर कई गोलियां लगी और वह वहीं पर खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर गया। इसके अलावा वहां पर मौजूद सुखचरण जीत सिंह उर्फ टीटू,मेजर सिंह,सवरन सिंह और संदीप सिंह को भी गोलियां लगी है। सभी घायल हो गए। इसके बाद आरोपी फायरिंग करते हुए मोटरसाइकिल पर सवार होकर फरार हो गए। उन्होंने सभी को एयरपोर्ट के नजदीक स्थित प्राइवेट हॉस्पिटल में पहुंचाया।जहां पर उनके बेटे को मृतक घोषित कर दिया गया। अन्य घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में दाखिल करवाया गया है।
इंस्टाग्राम पर पोस्ट डाल गोपी घनश्यापुरा गैंग ने ली हत्या की जिम्मेदारी
अमृतसर देहाती के एसएसपी सत्येंद्र सिंह के अलावा कई अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस द्वारा अज्ञात आरोपियों के खिलाफ थाना अजनाला में हत्या का केस दर्ज किया गया। इंस्टाग्राम पर गोपी घनश्यामपुर गैंग द्वारा पोस्ट डाली गई है। पोस्ट डालने वाले ने खुद को डैनी बल बताया है। उसने लिखा है कि दीपू सरकारिया लक्खुवाल की हत्या उसके के साथी बिल्ला मंझवाला ने की है। उन्होंने इस वारदात को अंजाम देकर अपने साथी राणा कंदोवालिया की हत्या का बदला लिया है। मरने वाला दीपू सरकारिया लक्खुवाल गैंगस्टर जग्गू भगवान पुरिया का साथी था। राणा कंदोवालिया की हत्या के बाद दीपू सरकारिया लक्खुवाल ने लड्डू बांटे थे। राणा कंदोवालिया की हत्या करने वालों को अपने घर में पनाह दी थी। उनके खिलाफ बोलने वाले दूसरे भी अंजाम के लिए तैयार रहें। वेट एंड वॉच।
सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट की साइबर क्राइम ने शुरू की जांच
पुलिस द्वारा इस पोस्ट की साइबर क्राइम जांच शुरू कर दी गई है। दूसरी तरफ दीपू की हत्या को लेकर गांव में रोष पाया जा रहा है। शनिवार सुबह 6 बजे गांव के गुरुद्वारा साहिब से अनाउंसमेंट करवाई गई थी कि दीपू की हत्या के कारण गांव निवासी चुनाव का विरोध करते हैं। कोई भी व्यक्ति वोट डालने के लिए पोलिंग बूथ पर नहीं जाएगा। पूरा दिन पुलिस और स्टाफ पोलिंग बूथ पर खाली बैठे रहे। गांव के लोगों ने चुनाव का बायकाट किया है।
पुरानी रंजिश के कारण हुई हत्या का अंदेशा जाहिर किया था पुलिस ने
आम आदमी पार्टी में कुछ समय पहले शामिल हुए दीपू की हत्या के बाद मौके पर शुक्रवार देर रात्रि पहंच एसएसपी ग्रामीण सतविंदर सिंह और अन्य पुलिस अधिकारियों ने पहले ही मौका वारदात देख कर अंदेशा जाहिर किया था कि हत्या पुरानी रंजिश का परिणाम दिखाई देता है। वहीं सोशल मीडिया पर एक गैंग की ओर से हत्या की जिम्मेदारी लेने के वायरल पोस्ट से लग रहा है कि दीपू का गैंगस्टरों के साथ विवाद चल रहा था। दीपू पहले कांग्रेस पार्टी का वर्कर था। कुछ माह पहले वह कांग्रेस पार्टी को छोड़ कर आम आदमी पार्टी में शामिल हो गया था। दीपू इस वक्त कैबिनेट मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल के भी काफी करीब था।



























