चंडीगढ़। आम आदमी पार्टी (आप) ने नगर निगम सदन से पार्षदों को जबरन बाहर निकालने के मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। बीते अगस्त महीने में हुई बैठक में आप पार्षदों को मार्शल के जरिये से सदन से बाहर किया गया था। आप पार्षद योगेश ढींगरा, जसविंदर कौर, दमनप्रीत सिंह बादल और रामचंद्र यादव ने सिविल रिट याचिका दायर कर 26 अगस्त की बैठक के एजेंडा आइटम नंबर 6 को रद्द करने और पारदर्शी मतदान प्रक्रिया सुनिश्चित करने की मांग की है।
पार्षदों का आरोप है कि मिनट्स में गलत तरीके से दर्ज किया गया कि आप और कांग्रेस पार्षद सदन में थे जबकि ऐसा हुआ ही नहीं। उनका कहना है कि भाजपा ने बहुमत की कमी को छिपाने और मनीमाजरा जमीन घोटाले से जुड़े एजेंडा को पास कराने के लिए यह साजिश रची। आप पार्षदों ने कहा कि उन्होंने कभी भी वी-3 सड़कों के ट्रांसफर का विरोध नहीं किया बल्कि केवल समय सीमा तय करने और वी-5 व वी-6 सड़कों की तत्काल मरम्मत की मांग की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि नियमों के अनुसार चार सदस्य मतदान की मांग करें तो मतदान कराना अनिवार्य है लेकिन मेयर ने अपने अधिकारों का दुरुपयोग करते हुए बाहर करवा दिया और मनमानी तरीके से मतदान कराया।
लोकतांत्रिक प्रक्रिया का उल्लंघन गंभीर मामला : विजयपाल
प्रदेश अध्यक्ष विजयपाल सिंह ने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया का उल्लंघन गंभीर मामला है और आप नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए न्यायालय में लड़ाई लड़ेगी। महासचिव ओंकार सिंह औलख ने कहा कि मिनट्स में झूठ दर्ज कर भाजपा ने साजिश रची है लेकिन आप हर हाल में कानून और पारदर्शिता के पक्ष में खड़ी रहेगी।



























