चंडीगढ़। सेक्टर-20 के 4.22 करोड़ रिजर्व प्राइज के शराब ठेके के लिए शुक्रवार को हुई नीलामी में 55 करोड़ की चौंकाने वाली बोली लगी। आबकारी विभाग का कहना है कि यह गलती से हुआ, जबकि कारोबारियों ने इसे साजिश बताया है। अब विभाग 55 करोड़ की बोली लगाने वाले को सात दिन में पैसा जमा कराने का समय देगा, वरना 25 लाख की ईएमडी जब्त कर ली जाएगी।
हाल ही में 97 शराब के ठेकों नीलामी हुई थी, जिसमें एक ठेका नहीं बिक पाया था। उसी ठेके की नीलामी के लिए शुक्रवार को बोलियां खोली गईं। सेक्टर 20 के एक ठेके का आरक्षित मूल्य आबकारी विभाग ने 4 करोड़ 22 लाख रुपये रखा था लेकिन जब बोली खुली तो आबकारी विभाग के अधिकारी भी हैरान रह गए क्योंकि कुल तीन बोलियों में से सबसे अधिकतम बोली 55 करोड़ 50 लाख रुपये की आई थी। दूसरी बोली 5 करोड़ 55 लाख और तीसरी बोली 5 करोड़ 51 लाख रुपये की थी। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि 55 करोड़ की बोली गलती से लगी है। बोली लगाने वाले ने एक 5 अतिरिक्त जोड़ दिया होगा, जिससे उसकी बोली 55 करोड़ रुपये की हो गई है।
ये गलती नहीं, बहुत बड़ी साजिश, हो विजिलेंस जांचः दर्शन सिंह
चंडीगढ़ वाइन कॉन्ट्रेक्टर्स एसोसिएशन के दर्शन सिंह कलेर ने इसे गलती नहीं, एक बड़ी साजिश बताया है। उन्होंने कहा कि यह वही कार्टल है, जो चंडीगढ़ के सभी ठेकों पर कब्जा करना चाहता है और किसी भी अन्य ठेकेदार को शराब का ठेका लेने नहीं देना चाहते। कहा कि ऐसा करके वो अपनी मोनोपली स्थापित करना चाहते हैं, ताकि महंगी दामों पर शराब बेची जा सके। उन्होंने विजिलेंस जांच की मांग की है। कहा कि दस्तावेजों की जांच होनी चाहिए।
अब आगे क्या होगा
55 करोड़ की बोली लगाने के बाद आबकारी विभाग बोली लगने वाले को एक हफ्ते का समय देगा, ताकि वह पैसा जमा कर सके। अगर वह पैसा जमा नहीं करता है तो उसे एक-दो दिन का नोटिस दिया जाएगा। उसके बाद बोली लगाने के लिए उसने जो 25 लाख रुपये की ईएमडी जमा कराई है, उसे विभाग जब्त कर लेगा। फिर कुछ दिन बाद दोबारा नीलामी की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इसमें कम से कम 15 से 20 दिन लग जाएंगे।
सेक्टर-11 में ठेके को लेकर विवाद, पहुंची पुलिस
सेक्टर 11 स्थित शराब के ठेके पर आबकारी विभाग की तरफ से लगाई गई सील को तोड़ने पर शुक्रवार को विवाद हो गया। आरोप है कि 31 मार्च से पहले जिस ठेकेदार के पास यहां का काम था, उसने अवैध तरीके से सील तोड़ दिया और काम करने लगे। इसकी सूचना मौजूदा ठेकेदार ने स्थानीय पुलिस को दी। मौके पर पुलिस पहुंची तो पुराने ठेकेदार के लोगों ने शटर को अंदर से बंद कर दिया। इस दौरान वहां काफी देर तक विवाद होता रहा। मौके पर विभाग के अधिकारी भी पहुंचे। दरअसल, 31 मार्च को वित्तीय वर्ष पूरा होने के बाद आबकारी विभाग ठेकों को सील करता है। अब दोबारा विभाग नए ठेकेदार के लिए ही सील खोलता है।