संघर्षविराम के करीब 14 घंटे गुजर चुके थे। अगली सुबह रविवार की थी। लेकिन, जो दंश पाकिस्तान की ओर से पंजाब के गांव को दिए गए, उसकी कसक ताउम्र रहेगी। यह कसक होगी, उस गांव में गिरी मिसाइल की…जिसने उनके खेतों में जहरीली बारूद बो दी। रविवार दोपहर करीब 12 बजे फगवाड़ा के गांव साहनी में काफी हलचल दिखी।
लोगों का हुजूम किसान मेजर सिंह के खेत में जमा था। यह वही गांव है, जहां पाकिस्तान ने मिसाइल से हमला किया था और मेजर सिंह के खेत में 10 फीट का गड्ढा पड़ गया था। अब हालात सामान्य हो रहे हैं, क्योंकि सीजफायर के बाद कोई हमला नहीं हुआ है।
ग्राम पंचायत सदस्य एवं किसान मेजर सिंह कहते हैं…मिसाइल गिरने के बाद धमाके से पूरा गांव दहल गया था। हमले के बाद दहशत थी, लेकिन अब सब ठीक है। जिस खेत में गड्ढा हुआ है, वहां अब फिर से खेत को ठीक कर गन्ना लगाऊंगा।
वह कहते हैं…पाकिस्तान ने तो उनके खेतों मे जहरीली बारूद बोने की पूरी कोशिश की थी, लेकिन, हम गन्ने की फसल बोकर बारूद की गंध को मिठास में बदल देंगे। आसपास के किसान भी धान और बाकी फसलें बीजने की तैयारी कर रहे हैं। मेजर सिंह बताते हैं कि मिसाइल के मुख्य हिस्सों को सेना के जवान उठा कर ले गए। जो कुछ छोटे-मोटे टुकड़े पड़े थे, उन्हें लोग उठा कर ले गए।
गांव के अन्य लोगों हरमेशपाल, बलराज बाऊ, सरपंच सतविंदर सिंह, चमन लाल, सत्या देवी, राम पाल, मोंटी, मनी और सन्नी सिंह ने बताया कि गांव में काफी दहशत का माहौल था। डर के बावजूद संकट की इस घड़ी में पूरा गांव भारतीय सेना के साथ खड़ा है। इंप्रूवमेंट ट्रस्ट फगवाड़ा के चेयरमैन जरनैल नंगल और जिला योजना बोर्ड कपूरथला की चेयरपर्सन ललित सकलानी ने कहा, लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। उन्हें कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
-अनिल गोयल, फगवाड़ा के गांव साहनी से